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शंकरगढ़ में बन सकता है सैनिक स्कूल
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Mon, 29 Jun 2015 12:59 AM IST
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झांसी। सैनिक स्कूल की स्थापना की दिशा में कार्यवाही आगे बढ़ गई है।
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स्थानीय प्रशासन द्वारा स्कूल की स्थापना के लिए चिह्नित की गईं जमीनों का
दिल्ली से आई सैनिक स्कूल की टीम ने सर्वे कर लिया है। हालांकि, इसे लेकर
अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन, शंकरगढ़ के चयन की संभावना जताई
जा रही है।
19 मई को एरच बांध बहुउद्देश्यीय परियोजना का शिलान्यास करने झांसी आए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सैनिक स्कूल का भी शिलान्यास किया था। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन मुख्यमंत्री की इस सौगात को साकार रूप देने की तैयारियों में जुट गया था। इसके लिए झांसी सदर तहसील क्षेत्र में दो स्थानों पर जमीन चिह्नित की गई थी। प्रशासन ने कानपुर रोड पर दिगारा व रक्सा के पास बरुआपुरा में सैनिक स्कूल के लिए जमीन का चयन किया था। दोनों ही स्थानों पर पुनर्वास की भूमि उपलब्ध है।
प्रशासन द्वारा चिह्नित जमीनों का पिछले दिनों दिल्ली से आई सैनिक स्कूल की टीम ने राजस्व विभाग की टीम के साथ सर्वे किया। इस दौरान जमीन की भौगोलिक स्थिति, जल स्त्रोत, बिजली की उपलब्धता, सुरक्षा, यातायात आदि की दृष्टि से टीम ने दोनों स्थानों का मुआयना किया। साथ ही स्थानीय प्रशासन से जमीन का ब्योरा भी लिया। हालांकि, जमीन के चयन को लेकर सैनिक स्कूल संगठन की ओर से अब तक कोई निर्देश नहीं आए हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार दिगारा मौजा के मजरा शंकरगढ़ में चिह्नित की गई जमीन के फाइनल होने की संभावनाएं अधिक हैं। यहां पुनर्वास की तकरीबन तीन सौ एकड़ जमीन उपलब्ध है। इसके अलावा आर्मी स्कूल के उक्त मानक भी यहां फिट बैठ रहे हैं।
‘आर्मी स्कूल के लिए न्यूनतम पचास एकड़ भूमि की आवश्यकता है। दो स्थानों पर मांग के अनुसार भूमि चिह्नित की गई है, जिसका सैनिक स्कूल की टीम ने निरीक्षण भी कर लिया है। अभी कोई निर्देश नहीं आए हैं।’
- भगवान शरण, एसडीएम सदर
19 मई को एरच बांध बहुउद्देश्यीय परियोजना का शिलान्यास करने झांसी आए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सैनिक स्कूल का भी शिलान्यास किया था। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन मुख्यमंत्री की इस सौगात को साकार रूप देने की तैयारियों में जुट गया था। इसके लिए झांसी सदर तहसील क्षेत्र में दो स्थानों पर जमीन चिह्नित की गई थी। प्रशासन ने कानपुर रोड पर दिगारा व रक्सा के पास बरुआपुरा में सैनिक स्कूल के लिए जमीन का चयन किया था। दोनों ही स्थानों पर पुनर्वास की भूमि उपलब्ध है।
प्रशासन द्वारा चिह्नित जमीनों का पिछले दिनों दिल्ली से आई सैनिक स्कूल की टीम ने राजस्व विभाग की टीम के साथ सर्वे किया। इस दौरान जमीन की भौगोलिक स्थिति, जल स्त्रोत, बिजली की उपलब्धता, सुरक्षा, यातायात आदि की दृष्टि से टीम ने दोनों स्थानों का मुआयना किया। साथ ही स्थानीय प्रशासन से जमीन का ब्योरा भी लिया। हालांकि, जमीन के चयन को लेकर सैनिक स्कूल संगठन की ओर से अब तक कोई निर्देश नहीं आए हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार दिगारा मौजा के मजरा शंकरगढ़ में चिह्नित की गई जमीन के फाइनल होने की संभावनाएं अधिक हैं। यहां पुनर्वास की तकरीबन तीन सौ एकड़ जमीन उपलब्ध है। इसके अलावा आर्मी स्कूल के उक्त मानक भी यहां फिट बैठ रहे हैं।
‘आर्मी स्कूल के लिए न्यूनतम पचास एकड़ भूमि की आवश्यकता है। दो स्थानों पर मांग के अनुसार भूमि चिह्नित की गई है, जिसका सैनिक स्कूल की टीम ने निरीक्षण भी कर लिया है। अभी कोई निर्देश नहीं आए हैं।’
- भगवान शरण, एसडीएम सदर