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पैंथर को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया कोयंबटूर, बम सूंघने की लेगा ट्रेनिंग
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झांसी। आरपीएफ डॉग स्क्वॉड के नए सदस्य पैंथर (स्नूफर डॉग) को ट्रेनिंग के लिए कोयंबटूर भेज दिया गया है। वह यहां पर बम सूंघने का प्रशिक्षण लेगा। अभी आरपीएफ के पास तीन खोजी कुत्ते (स्वान) हैं, जिनमें एक को चोरी, डकैती जैसे मामलों व दो बम सूंघने के एक्सपर्ट हैं।
रेल मंडल में डॉग स्क्वाएड के छह पद हैं। इनमें चार झांसी और दो ग्वालियर के लिए हैं। झांसी में अभी तीन खोजी कुत्ते हैं। इसमें बम संबंधित मामलों के लिए लैब्राडोर नस्ल के डॉन व ब्रूनो और चोरी, डकैती, हत्या जैसे मामलों के खुलासे में मदद करने वाला जर्मन शेपर्ड नस्ल का तूफान हैं। इसके अलावा पिछले महीने सिंकदराबाद से बेल्जियम मिलोनियस नस्ल का एक नया कुत्ता लाया गया था, जिसको पैंथर नाम दिया गया है। इस कुत्ते को 28 हफ्तों की ट्रेनिंग के लिए कोयंबटूर मंडल के पोतनूर जोनल ट्रेनिंग सेंटर भेज दिया गया है। इस संबंध में डिटेक्टिव विंग के प्रभारी निरीक्षक एसएन पाटीदार ने बताया कि प्रशासनिक अनुमति के आधार पर स्वान पैंथर को प्रशिक्षण के लिए भेज दिया गया है।
एक स्वान पर आता दस हजार रुपये का खर्च
रेल प्रशासन एक स्वान के खाने पीने पर दस हजार रुपये प्रति माह खर्च करता है। पहले कुत्तों को मांस दिया जाता था, लेकिन वह देना बंद कर दिया गया है। अब डॉग को फूड रॉयल केनल ही खिलाया जाता है। यह बजट भी कम पड़ने लगा है। बजट को बढ़ाने के लिए मुख्यालय पत्र लिखा गया है।
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यहां होती है ट्रेनिंग
डॉग स्क्वाएड को नई दिल्ली स्थित बीसीटीसी दयाबस्ती 6 बटालियन, कोयंबटूर मंडल के पोतनूर जोनल ट्रेनिंग सेंटर आरपीएफ व आरपीएसएफ टेकनपुर ग्वालियर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है।
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रेल मंडल में डॉग स्क्वाएड के छह पद हैं। इनमें चार झांसी और दो ग्वालियर के लिए हैं। झांसी में अभी तीन खोजी कुत्ते हैं। इसमें बम संबंधित मामलों के लिए लैब्राडोर नस्ल के डॉन व ब्रूनो और चोरी, डकैती, हत्या जैसे मामलों के खुलासे में मदद करने वाला जर्मन शेपर्ड नस्ल का तूफान हैं। इसके अलावा पिछले महीने सिंकदराबाद से बेल्जियम मिलोनियस नस्ल का एक नया कुत्ता लाया गया था, जिसको पैंथर नाम दिया गया है। इस कुत्ते को 28 हफ्तों की ट्रेनिंग के लिए कोयंबटूर मंडल के पोतनूर जोनल ट्रेनिंग सेंटर भेज दिया गया है। इस संबंध में डिटेक्टिव विंग के प्रभारी निरीक्षक एसएन पाटीदार ने बताया कि प्रशासनिक अनुमति के आधार पर स्वान पैंथर को प्रशिक्षण के लिए भेज दिया गया है।
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एक स्वान पर आता दस हजार रुपये का खर्च
रेल प्रशासन एक स्वान के खाने पीने पर दस हजार रुपये प्रति माह खर्च करता है। पहले कुत्तों को मांस दिया जाता था, लेकिन वह देना बंद कर दिया गया है। अब डॉग को फूड रॉयल केनल ही खिलाया जाता है। यह बजट भी कम पड़ने लगा है। बजट को बढ़ाने के लिए मुख्यालय पत्र लिखा गया है।
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यहां होती है ट्रेनिंग
डॉग स्क्वाएड को नई दिल्ली स्थित बीसीटीसी दयाबस्ती 6 बटालियन, कोयंबटूर मंडल के पोतनूर जोनल ट्रेनिंग सेंटर आरपीएफ व आरपीएसएफ टेकनपुर ग्वालियर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है।