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अब रेल यात्रियों की मदद को भी दौड़ेगी डायल 100, रुकेंगी आपराधिक घटनाएं
Mon, 17 Dec 2018 01:36 AM IST
Priyesh Mishra
jhansi
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Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 17 Dec 2018 01:36 AM IST
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dial hundread police
- फोटो : demo
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आपराधिक घटना होने पर रेल यात्रियों की मदद के लिए जीआरपी के साथ डायल 100 भी दौड़ेगी। जीआरपी अनुभाग के सभी थानों को लखनऊ से जोड़ दिया गया है। आठ मोबाइल डेटा टर्मिनल भी दे दिए गए हैं। जैसे ही कोई रेल यात्री यूपी 100 पर कॉल करेगा, उसकी लोकेशन नंबर के जरिए ट्रेस कर यूपी 100 और जीआरपी मदद को पहुंचेगी। जीआरपी अफसर भी यात्रियों की आने वालीं कॉलों पर नजर रखकर उसकी मॉनीटरिंग करेंगे।
ट्रेन के अंदर होने वाली छेड़छाड़, चोरी, डकैती, मारपीट की घटनाओं पर समय पर मदद मिल सके, इसके लिए ट्रेन के अंदर से ही यात्री 100 नंबर डायल कर सकता है। उसके मोबाइल से मिली लोकेशन, ट्रेन की मौजूदा स्थिति के हिसाब से अगले स्टेशन पर जीआरपी मुस्तैद मिलेगी। इतना ही नहीं, अपराध के साथ-साथ ट्रेन हादसा होने की स्थिति में भी 100 नंबर डायल करने पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की मदद मिलेगी।
सूचना मिलते ही सभी एक साथ घटनास्थल पर रवाना होंगे। कंट्रोल रूम संबंधित जीआरपी थाने को सूचना देगा। अभी तक यूपी 100 की सेवा सिविल पुलिस पर ही उपलब्ध थी। इसे विस्तार देते हुए अब जीआरपी को भी यूपी 100 से जोड़ दिया गया है। अनुभाग की सीमाओं और रेलवे सेक्शन का नक्शा डायल 100 को दे दिया गया है।
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ट्रेन के अंदर होने वाली छेड़छाड़, चोरी, डकैती, मारपीट की घटनाओं पर समय पर मदद मिल सके, इसके लिए ट्रेन के अंदर से ही यात्री 100 नंबर डायल कर सकता है। उसके मोबाइल से मिली लोकेशन, ट्रेन की मौजूदा स्थिति के हिसाब से अगले स्टेशन पर जीआरपी मुस्तैद मिलेगी। इतना ही नहीं, अपराध के साथ-साथ ट्रेन हादसा होने की स्थिति में भी 100 नंबर डायल करने पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की मदद मिलेगी।
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सूचना मिलते ही सभी एक साथ घटनास्थल पर रवाना होंगे। कंट्रोल रूम संबंधित जीआरपी थाने को सूचना देगा। अभी तक यूपी 100 की सेवा सिविल पुलिस पर ही उपलब्ध थी। इसे विस्तार देते हुए अब जीआरपी को भी यूपी 100 से जोड़ दिया गया है। अनुभाग की सीमाओं और रेलवे सेक्शन का नक्शा डायल 100 को दे दिया गया है।
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सिस्टम ऐसे करेगा काम
जिस भी यात्री को पुलिस की मदद की जरूरत होगी, वह यूपी 100 पर कॉल करेगा। कॉल रिसीव होते हुए यूपी 100 मुख्यालय में शिकायत को दर्ज कर इवेंट बनाया जाएगा। फिर इसे एक साथ संबंधित जीआरपी थाने के मोबाइल डाटा टर्मिनल और संबंधित रेल अनुभाग के कंट्रोल रूम को भेज दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर यूपी 100 की उस जगह के आसपास मौजूद पीआरवी, लोकल पुलिस, फायर सर्विस और एंबुलेंस को भी बताया जाएगा। ज्यादा गंभीर शिकायत होने पर इसकी सूचना अफसरों को भी भेजी जाएगी। इसके बाद अगले स्टेशन पर या फिर रास्ते में तत्काल शिकायत का निराकरण होगा।
इनको मिलीं मोबाइल डेटा टर्मिनल
अनुभाग के झांसी समेत ललितपुर, उरई, भीमसेन, महोबा, बांदा, चित्रकूट व मानिकपुर में एक-एक मोबाइल डेटा टर्मिनल उपलब्ध करा दिया गया है। इसका लाभ यहां से गुजरने वाली ट्रेनों के यात्रियों को मिलेगा। झांसी से उरई, उरई, भीमसेन, महोबा, बांद, चित्रकूट व मानिकपुर की तरफ सिंगल लाइन है, ऐसे में यात्रियों को शिकायत के बाद समाधान कराने में समस्या होती थी। अब डायल 100 से जुड़ने के बाद यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा।
'अनुभाग को दस मोबाइल डेटा टर्मिनल मिलने के बाद रेलवे में भी डायल 100 की सुविधा शुरू कर दी गई है। इससे यात्रियों को काफी लाभ मिल सकेगा। डायल 100 पर आने वाली शिकायतों को सुनने के लिए अलग व्यवस्था की गई है। रेलवे सुरक्षा संबंधी पुराने नंबर भी पूर्ववत कार्य करते रहेंगे।'
पीके मिश्र, पुलिस अधीक्षक - रेलवे
इनको मिलीं मोबाइल डेटा टर्मिनल
अनुभाग के झांसी समेत ललितपुर, उरई, भीमसेन, महोबा, बांदा, चित्रकूट व मानिकपुर में एक-एक मोबाइल डेटा टर्मिनल उपलब्ध करा दिया गया है। इसका लाभ यहां से गुजरने वाली ट्रेनों के यात्रियों को मिलेगा। झांसी से उरई, उरई, भीमसेन, महोबा, बांद, चित्रकूट व मानिकपुर की तरफ सिंगल लाइन है, ऐसे में यात्रियों को शिकायत के बाद समाधान कराने में समस्या होती थी। अब डायल 100 से जुड़ने के बाद यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा।
'अनुभाग को दस मोबाइल डेटा टर्मिनल मिलने के बाद रेलवे में भी डायल 100 की सुविधा शुरू कर दी गई है। इससे यात्रियों को काफी लाभ मिल सकेगा। डायल 100 पर आने वाली शिकायतों को सुनने के लिए अलग व्यवस्था की गई है। रेलवे सुरक्षा संबंधी पुराने नंबर भी पूर्ववत कार्य करते रहेंगे।'
पीके मिश्र, पुलिस अधीक्षक - रेलवे