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लापता निगमकर्मी ने सरकारी खजाने में लौटाए 7.96 लाख
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झांसी। नगर निगम की दुकानों से किराया वसूलकर लापता हुआ निगमकर्मी आखिरकार बृहस्पतिवार को लौट आया। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन सरकारी खजाने में उसने पूरी रकम 7.96 लाख जमा करा दिया। रकम जमा होने पर निगम अफसरों ने भी राहत की सांस ली है हालांकि आरोपी कर्मचारी के खिलाफ जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है।
कर विभाग में तैनात संजय कुशवाहा के जिम्मे निगम की दुकानों का किराया भी वसूलना था। पिछले छह महीने से जमा हुए किराए की रकम लेकर वह अचानक गायब हो गया। शिकायत मिलने के बाद जब संजय की तलाश शुरू हुई तब उसके लापता होने की सूचना मिली। पैसे समेत किराए की रसीद एवं अन्य दस्तावेज भी वह अपने साथ ले गया। उसके गायब होने से निगम अफसरों में हड़कंप मच गया। उसकी तलाश शुरू कराई गई। परिजनों पर रकम जमा कराने का अफसरों ने दबाव बनाया। आखिरकार वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन उसने निगम कार्यालय में पहुंचकर पूरी 7.96 लाख रकम जमा कर दी। रकम जमा होने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा कि कुछ वर्ष पहले ही उसकी मृतक आश्रित कोटे से नौकरी लगी थी। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है आरोपी कर्मचारी के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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कर विभाग में तैनात संजय कुशवाहा के जिम्मे निगम की दुकानों का किराया भी वसूलना था। पिछले छह महीने से जमा हुए किराए की रकम लेकर वह अचानक गायब हो गया। शिकायत मिलने के बाद जब संजय की तलाश शुरू हुई तब उसके लापता होने की सूचना मिली। पैसे समेत किराए की रसीद एवं अन्य दस्तावेज भी वह अपने साथ ले गया। उसके गायब होने से निगम अफसरों में हड़कंप मच गया। उसकी तलाश शुरू कराई गई। परिजनों पर रकम जमा कराने का अफसरों ने दबाव बनाया। आखिरकार वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन उसने निगम कार्यालय में पहुंचकर पूरी 7.96 लाख रकम जमा कर दी। रकम जमा होने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा कि कुछ वर्ष पहले ही उसकी मृतक आश्रित कोटे से नौकरी लगी थी। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है आरोपी कर्मचारी के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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