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Jhansi News: आईसीसीसी से होने वाली आय में अब नगर निगम ने मांगा हिस्सा
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स्मार्ट सिटी के तहत दो साल पहले 180 करोड़ से बनकर तैयार हुआ है सेंटर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। स्मार्ट सिटी के तहत 180 करोड़ से बनकर तैयार हुए आईसीसीसी से होने वाली आय में अब नगर निगम ने भी हिस्सा मांगा है। अभी ऑनलाइन चालान से जो आय होती है, वो यातायात विभाग के खाते में जमा हो जाती है। इसलिए शासन को निगम प्रशासन ने पत्र लिखा है। अगर निगम को कुछ हिस्सा मिलने लगेगा तो उसे विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
वर्ष 2022 में आईसीसीसी बनकर तैयार हुआ है। इसके निर्माण पर 140 करोड़ और पांच साल तक रखरखाव के लिए 40 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। मौजूदा समय में आईसीसीसी से शहर भर के करीब तीन हजार सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इसमें 350 सीसीटीवी कैमरे नगर निगम और स्मार्ट सिटी के लगे हुए हैं। इसमें आठ सीसीटीवी कैमरे ओवरस्पीड पर चालान के लिए भी लगाए गए हैं। इसके अलावा चौराहों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर भी चालान के लिए कई कैमरे लगे हैं। बताया गया कि इन कैमरों के जरिए जो चालान होता है, उसका पैसा यातायात विभाग के खाते में जमा होता है। जबकि, ये सेंटर नगर निगम में बना है। इसका निर्माण भी स्मार्ट सिटी के तहत हुआ है। इसलिए अब नगर निगम ने शासन को पत्र लिखकर सेंटर के जरिए यातायात विभाग को होने वाली आय में से हिस्सा मांगा है। हालांकि, कितना प्रतिशत हिस्सा निगम को मिले, इसका कोई उल्लेख नहीं किया है। ये निर्णय शासन स्तर से ही होना है। अगर पैसा मिलना शुरू हो जाता है, तो इससे शहर में विकास कार्य कराए जा सकेंगे।
वर्जन..
आईसीसीसी के निर्माण पर 180 करोड़ खर्च हुए हैं। इससे होने वाली आय से कुछ अंश नगर निगम को मिले, इस संबंध में शासन को पत्र लिखा गया है। - सत्य प्रकाश, नगर आयुक्त।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। स्मार्ट सिटी के तहत 180 करोड़ से बनकर तैयार हुए आईसीसीसी से होने वाली आय में अब नगर निगम ने भी हिस्सा मांगा है। अभी ऑनलाइन चालान से जो आय होती है, वो यातायात विभाग के खाते में जमा हो जाती है। इसलिए शासन को निगम प्रशासन ने पत्र लिखा है। अगर निगम को कुछ हिस्सा मिलने लगेगा तो उसे विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
वर्ष 2022 में आईसीसीसी बनकर तैयार हुआ है। इसके निर्माण पर 140 करोड़ और पांच साल तक रखरखाव के लिए 40 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। मौजूदा समय में आईसीसीसी से शहर भर के करीब तीन हजार सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इसमें 350 सीसीटीवी कैमरे नगर निगम और स्मार्ट सिटी के लगे हुए हैं। इसमें आठ सीसीटीवी कैमरे ओवरस्पीड पर चालान के लिए भी लगाए गए हैं। इसके अलावा चौराहों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर भी चालान के लिए कई कैमरे लगे हैं। बताया गया कि इन कैमरों के जरिए जो चालान होता है, उसका पैसा यातायात विभाग के खाते में जमा होता है। जबकि, ये सेंटर नगर निगम में बना है। इसका निर्माण भी स्मार्ट सिटी के तहत हुआ है। इसलिए अब नगर निगम ने शासन को पत्र लिखकर सेंटर के जरिए यातायात विभाग को होने वाली आय में से हिस्सा मांगा है। हालांकि, कितना प्रतिशत हिस्सा निगम को मिले, इसका कोई उल्लेख नहीं किया है। ये निर्णय शासन स्तर से ही होना है। अगर पैसा मिलना शुरू हो जाता है, तो इससे शहर में विकास कार्य कराए जा सकेंगे।
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वर्जन..
आईसीसीसी के निर्माण पर 180 करोड़ खर्च हुए हैं। इससे होने वाली आय से कुछ अंश नगर निगम को मिले, इस संबंध में शासन को पत्र लिखा गया है। - सत्य प्रकाश, नगर आयुक्त।
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