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Jhansi: यात्री आय ने मालभाड़े को पीछे छोड़ा, राजस्व 2060 करोड़ पार, पिछले वर्ष की तुलना में 7.64 प्रतिशत अधिक
Mon, 06 Apr 2026 10:51 AM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Mon, 06 Apr 2026 10:51 AM IST
सार
पिछले वर्ष यह आंकड़ा 867 करोड़ रुपये था। रेल अधिकारियों के अनुसार, वर्ष भर में 100 से अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया, जिससे यात्री संख्या और आय दोनों में वृद्धि हुई।
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वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झांसी रेल मंडल की आय में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यात्री भाड़े से हुई कमाई ने मालभाड़े को पीछे छोड़ दिया। मंडल की कुल आय 2060.80 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.64 प्रतिशत अधिक है।
रेल मंडल के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष यात्री भाड़े से 1015.77 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि मालभाड़े से 964.88 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। यात्री आय लक्ष्य से 3.59 प्रतिशत अधिक रही। पिछले वर्ष यात्री भाड़े से 970.26 करोड़ रुपये मिले थे। मालभाड़े में भी इस वर्ष बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया। 964.88 करोड़ रुपये की आय लक्ष्य से 7.17 प्रतिशत अधिक है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 867 करोड़ रुपये था। रेल अधिकारियों के अनुसार, वर्ष भर में 100 से अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया, जिससे यात्री संख्या और आय दोनों में वृद्धि हुई।
सीनियर डीसीएम (फ्रेट) नीरज भटनागर ने बताया कि बेहतर लॉजिस्टिक प्रबंधन और बढ़ी हुई लोडिंग के कारण मालभाड़े से आय में इजाफा हुआ है। कोचिंग आय के रूप में वाणिज्य विभाग को 58.12 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.46 प्रतिशत अधिक है। इसमें पार्सल सेवा और लीज पर दिए गए एसएलआर की आय शामिल है। इसके अलावा कैटरिंग, पार्किंग आदि से 22.03 करोड़ रुपये की आय हुई। टिकट चेकिंग से 39.11 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 55.07 प्रतिशत अधिक है।
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रेल मंडल के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष यात्री भाड़े से 1015.77 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि मालभाड़े से 964.88 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। यात्री आय लक्ष्य से 3.59 प्रतिशत अधिक रही। पिछले वर्ष यात्री भाड़े से 970.26 करोड़ रुपये मिले थे। मालभाड़े में भी इस वर्ष बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया। 964.88 करोड़ रुपये की आय लक्ष्य से 7.17 प्रतिशत अधिक है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 867 करोड़ रुपये था। रेल अधिकारियों के अनुसार, वर्ष भर में 100 से अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया, जिससे यात्री संख्या और आय दोनों में वृद्धि हुई।
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सीनियर डीसीएम (फ्रेट) नीरज भटनागर ने बताया कि बेहतर लॉजिस्टिक प्रबंधन और बढ़ी हुई लोडिंग के कारण मालभाड़े से आय में इजाफा हुआ है। कोचिंग आय के रूप में वाणिज्य विभाग को 58.12 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.46 प्रतिशत अधिक है। इसमें पार्सल सेवा और लीज पर दिए गए एसएलआर की आय शामिल है। इसके अलावा कैटरिंग, पार्किंग आदि से 22.03 करोड़ रुपये की आय हुई। टिकट चेकिंग से 39.11 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 55.07 प्रतिशत अधिक है।
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