फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   If a child is breathing more frequently than usual, they may be suffering from pneumonia.

Jhansi News: बच्चा ज्यादा बार सांस ले रहा तो हो सकता है निमोनिया का शिकार

Wed, 05 Nov 2025 02:23 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 05 Nov 2025 02:23 AM IST
विज्ञापन
If a child is breathing more frequently than usual, they may be suffering from pneumonia.

विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। मौसम के तेजी से बदलने की वजह से नवजात व बच्चे वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। कोई जुकाम-खांसी, बुखार तो कोई निमोनिया की गिरफ्त में आ रहा है। निमोनिया के बारे में परिजनों को तब पता चलता है, जब तबीयत बिगड़ जाती है। बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि खांसी के साथ सांस लेने की गति बढ़ना, पसलियों के पास गड्ढा दिखना निमोनिया के मुख्य लक्षण हैं। ऐसा दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, इसमें देरी घातक हो सकती है।

मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की डॉ. आराधना कनकने ने बताया कि ओपीडी में आने वाले अधिकांश बच्चों में वायरल का संक्रमण है। 40 फीसदी बच्चों को बुखार, खांसी-जुकाम आदि की समस्या हो रही है। कई ऐसे बच्चे आ रहे हैं, जिनको निमोनिया की शुरुआत है, तो कुछ निमोनिया की वजह से काफी बीमार हैं। डॉक्टर कनकने ने बताया कि अभिभावकों को देखना चाहिए कि यदि उनका बच्चा सामान्य से ज्यादा रफ्तार से सांस ले रहा है, जुकाम-खांसी लगातार बनी हुई है तो समझ लें कि बच्चे को निमोनिया है। ऐसा होने पर बच्चा मां का दूध पीना बंद कर देता है। बाल रोग विभाग में निमोनिया से ग्रस्त औसतन तीन बच्चों को चिंताजनक हालत में भर्ती किया जा रहा है।
विज्ञापन




0- एक मिनट में ऐसे पता कर सकते हैं निमोनिया



उम्र सांस की संख्या

दो माह से कम 50 बार



दो माह से 14 माह तक 40 बार

एक वर्ष से पांच वर्ष तक 35 बार



छह से 12 वर्ष तक 30 बार

नोट : यदि बच्चा इससे ज्यादा बार सांस ले रहा है, तो डॉक्टर को अवश्य दिखाएं। यह निमोनिया का अहम लक्षण है।



दस्त के भी शिकार हो रहे बच्चे : डॉ. आराधना ने बताया कि मौसम बदलने से बच्चों के पाचन पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है जिससे दस्त हो रहे हैं। ऐसी दशा में मां के दूध का सेवन कराते रहें ताकि बच्चे के शरीर में पानी की कमी न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article