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गंदगी का अंबार, लकड़ी के खंभों पर बिजली के तार

Thu, 05 May 2016 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 05 May 2016 12:33 AM IST
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Heap of dirt , wooden electric wires on poles
biddut poll, jhansi news - फोटो : amar ujala
झांसी। शहर की फ्रेंड्स कॉलोनी में समस्याओं का अंबार है। साल के बारहों माह यहां नालियां बजबजातीं रहतीं हैं। जगह-जगह लगे कचरे के ढेर लोगों की परेशानी का सबब बने हुए हैं। क्षेत्र में लगे लकड़ी के खंभों पर बिजली के तार विभाग की लापरवाही का जीता जागता उदाहरण है।
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शहर का वार्ड नंबर 44 शहर के सबसे बड़े वार्ड में शुमार है, इसकी आबादी लगभग 2200 के आसपास है। इसमें रितु विहार, बाहर दतिया गेट, अलीगोल खिड़की, इमली सराय व पंचवटी आदि मोहल्ले शामिल हैं। इसी में एक मोहल्ला है फ्रेंड्स कॉलोनी, जो वार्ड के पॉश इलाके में शुमार किया जाता है। मोहल्ले वालों के अनुसार इसकी आबादी लगभग सात हजार के आसपास है। इन सबके बावजूद आलम यह है कि लोगों को यहां बारह मासी बजबजाती नालियों की समस्याओं से रोज दो चार होना पड़ता है।
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बरसात में तो स्थिति और भयावह हो जाती है। चूंकि, कई बार पार्षद से शिकायत के बाद कोई सुनवाई नहीं होती है, इस कारण मोहल्ले के बूढ़े-बुजुर्ग खुद ही सुबह नाली की सफाई में लग जाते हैं। पॉलिथीन, डिस्पोजल व खाद्य सामग्री से भरी नालियां पानी के बहाव को रोकने में अहम भूमिका निभाती हैं। मोहल्ले वालों का कहना है कि पार्षद ने निजी कंपनियां के माध्यम से घरों का कचरा एकत्रित तो कर दिया है, पर बीमारियों का कारण बनी भरी पड़ीं नालियां और गंदगी के ढेर को साफ करने वाला कोई नहीं है।
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क्षेत्रवासियों के मुताबिक पूरे मोहल्ले में एक भी बिजली का खंभा नहीं है। सारा काम जुगाड़ के सहारे है, जो खंभे हैं भी वह लकड़ी के हैं, जिनके कभी टूटकर गिरने व बरसात में करंट दौड़ने का खतरा बना रहता है। कई बार जानवर खंभे में दौड़ रहे करंट की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। साथ ही घरों के सामने खुला मेनहोल रोजाना दुर्घटनाओं का कारण बनता है। ये हाल तब है, जब पार्षद का घर कॉलोनी से कुछ ही दूरी पर है। लेकिन, कॉलोनी वासियों की सुनने वाला कोई नहीं है।   

नहीं आता सफाई कर्मी
जबसे यह कॉलोनी बनी है, तब से यहां नगर निगम का कोई कर्मचारी साफ-सफाई करते हुए नहीं दिखा है। शिकायत पर आश्वासन मिलता है। गंदगी से मलेरिया, डायरिया, दस्त जैसी बीमारियों की संभावना हमेशा बनी रहती है।  
डॉ. अनिल समाधिया, फिजीशियन

खुला पड़ा है गटर
घर के सामने गटर काफी समय से खुला पड़ा है। आए दिन कोई न कोई इसमें गिरकर चुटहिल हो रहा है। नालियों की सफाई करने वाला भी कोई नहीं है, सब कुछ खुद ही करना पड़ता है। पार्षद बनने के बाद कोई नहीं सुनता है।
- उर्मिला शुक्ला, गृहणी

लकड़ी की जगह लोहे के लगाए जाएं खंभे
नाली कोई साफ नहीं करता है। एक दो बार ही सफाई हुई, तबसे कोई झांकने नहीं आया। लकड़ी के खंभे की जगह लोहे के खंभे लगाकर मोहल्ले में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होनी चाहिए।
- गंगा बाबू पाल, शिक्षक

निजी कंपनियां कर रहीं हैं खानापूर्ति
मोहल्ले में नालियों की सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। निजी कंपनियों से घर से कूड़ा उठवाकर खानापूर्ति की जा रही है। बिजली के तार नीचे तक लटके हैं, जो बड़ी गाड़ियों के निकलने से अक्सर टूट जाते हैं।

रामक ुमार तिवारी, शिक्षक

दलेल के माध्यम से निगम द्वारा तीन-चार निजी कर्मचारियों से रोजाना वार्ड के एक-एक मोहल्ले की सफाई कराई जाती है। एक साथ वार्ड के सभी मोहल्लों की सफाई कराना मुमकिन नहीं है। फें ड्स कॉलोनी की समस्या संज्ञान में आई है, इसे दूर किया जाएगा।
विकास सिंह यादव, पार्षद, वार्ड नंबर 44
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