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विक्ट्री लैंप का हुआ भव्य स्वागत, गूंजे भारत माता की जय के नारे
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में स्वर्णिम विजय वर्ष के उपलक्ष्य में विक्ट्री लैंप मंगलवार को मेडिकल कॉलेज पहुंची। मशाल को भारतीय सेना के कैप्टन लाल रैम डेका ने प्राचार्य को सौंपा। इस दौरान भारत माता की जय के नारे गूंजते रहे। ये मशाल 1971 युद्ध में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत के 50 साल पूरे होने पर देश के हर हिस्से से गुजारी जा रही है।
कैप्टन लाल रैम डेका ने बताया कि यह स्वर्णिम विजय मशाल 16 दिसंबर 2020 को दिल्ली से रवाना हुई थी। देश के हर कोने से होती हुई 16 दिसंबर 2021 को वापस दिल्ली पहुंचेगी। लेफ्टिनेंट कर्नल चंद्रेश चौधरी ने भारत-पाक युद्ध की जीत के स्वर्णिम विजय वर्ष के बारे में बताया। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने कहा कि वीर सैनिकों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में डॉक्टरों ने भी सफेद वर्दी में दुश्मन को हराने का काम किया है। डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि इस पावन ज्योति के दर्शन होना सौभाग्य की बात है। ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता, ऊंची सोच का परिणाम है। उप प्राचार्य डॉ. अंशुल जैन ने कहा कि सन् 1971 के बाद दुनिया को मालूम पड़ गया कि भारत कितना सशक्त राष्ट्र है। एमबीबीएस के छात्रों अनन्या मिश्रा, शालिनी, करन द्वारा देशभक्ति गीत, शालिनी दिवाकर, आस्था वर्मा, संजना गोयल, वैष्णवी द्विवेदी ने नृत्य प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. पल्लवी अग्रवाल ने किया। आभार डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने जताया। इस दौरान मेजर जनरल सुनील कुमार, डॉ. साधना कौशिक, एसआईसी डॉ. सुनीता भदौरिया, सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, डॉ. सुशीला खर्कवाल, डॉ. नूतन अग्रवाल, डॉ. मयंक सिंह, डॉ. रेनू सहाय, डॉ. पारस गुप्ता, डॉ. मधुर्मय शास्त्री, डॉ. रजनी गौतम, डॉ. अनुज सेठी, डॉ. अरविंद कनकने, डॉ. सपना गुप्ता, डॉ. विमल आर्या, डॉ. शोभा चतुर्वेदी, डॉ. राजकमल, डॉ. कुलदीप चंदेल, मेट्रन रानी वर्मा, नलिनी सूद मौजूद रहे।
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कैप्टन लाल रैम डेका ने बताया कि यह स्वर्णिम विजय मशाल 16 दिसंबर 2020 को दिल्ली से रवाना हुई थी। देश के हर कोने से होती हुई 16 दिसंबर 2021 को वापस दिल्ली पहुंचेगी। लेफ्टिनेंट कर्नल चंद्रेश चौधरी ने भारत-पाक युद्ध की जीत के स्वर्णिम विजय वर्ष के बारे में बताया। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने कहा कि वीर सैनिकों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में डॉक्टरों ने भी सफेद वर्दी में दुश्मन को हराने का काम किया है। डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि इस पावन ज्योति के दर्शन होना सौभाग्य की बात है। ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता, ऊंची सोच का परिणाम है। उप प्राचार्य डॉ. अंशुल जैन ने कहा कि सन् 1971 के बाद दुनिया को मालूम पड़ गया कि भारत कितना सशक्त राष्ट्र है। एमबीबीएस के छात्रों अनन्या मिश्रा, शालिनी, करन द्वारा देशभक्ति गीत, शालिनी दिवाकर, आस्था वर्मा, संजना गोयल, वैष्णवी द्विवेदी ने नृत्य प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. पल्लवी अग्रवाल ने किया। आभार डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने जताया। इस दौरान मेजर जनरल सुनील कुमार, डॉ. साधना कौशिक, एसआईसी डॉ. सुनीता भदौरिया, सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, डॉ. सुशीला खर्कवाल, डॉ. नूतन अग्रवाल, डॉ. मयंक सिंह, डॉ. रेनू सहाय, डॉ. पारस गुप्ता, डॉ. मधुर्मय शास्त्री, डॉ. रजनी गौतम, डॉ. अनुज सेठी, डॉ. अरविंद कनकने, डॉ. सपना गुप्ता, डॉ. विमल आर्या, डॉ. शोभा चतुर्वेदी, डॉ. राजकमल, डॉ. कुलदीप चंदेल, मेट्रन रानी वर्मा, नलिनी सूद मौजूद रहे।
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