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Jhansi News: स्टेरॉयड मरहम से बढ़ रहा फंगल का संक्रमण
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मरहम लगाते ही राहत मिलने से लोग कर रहे ज्यादा इस्तेमाल
डॉक्टर बोले, स्टेरॉयड से ठीक नहीं बल्कि फैलता है संक्रमण
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। स्टेरॉयड मरहम (ऑइंटमेंट) लगाने से फंगल का संक्रमण ठीक होने की जगह अंदर ही अंदर फैल रहा है। दो-तीन माह में खत्म होने वाला संक्रमण पांच-छह माह में कम नहीं हो रहा है। मेडिकल कॉलेज के त्वचा विभाग की ओपीडी में फंगल रोगियों की संख्या 80 फीसदी तक पहुंच गई है।
मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि फंगल (दाद-खाज-खुजली, लाल चकक्ते आदि) का संक्रमण होने पर लोग डॉक्टर को दिखाने के बजाय केमिस्ट से मरहम लेकर इस्तेमाल करने लगते हैं, जिसमें स्टेरॉयड होता है। स्टेरॉयड की वजह से तुरंत फंगल संक्रमण में राहत मिल जाती है मगर त्वचा के अंदर संक्रमण बढ़ता रहता है।
स्टेरॉयड मरहम का इस्तेमाल बंद होने के 10-15 दिन बाद फिर से संक्रमण त्वचा के ज्यादा हिस्से पर उबरने लगता है। लोग लगातार इसका इस्तेमाल करते हैं, जिसकी वजह से फंगल का संक्रमण काफी फैल जाता है। बुधवार को भी ओपीडी में करीब 310 रोगी उपचार के लिए आए जिनमें करीब 250 रोगी फंगल इंफेक्शन के रहे।
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0- इंसेट
तेज धूप की वजह से आने लगे सनबर्न के रोगी
झांसी। तेज धूप की वजह से मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग में सनबर्न के रोगियों का आना शुरू हो गया है। विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि कई लोगों को धूप से एलर्जी होती है। जब भी यह धूप में घर से बाहर निकलते हैं तो खुलजी के साथ काले व लाल धब्बे पड़ने लगते हैं। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या पिछले एक सप्ताह से बढ़ने लगी है। बुधवार को करीब 40 रोगी उपचार के लिए आए। ब्यूरो
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डॉक्टर बोले, स्टेरॉयड से ठीक नहीं बल्कि फैलता है संक्रमण
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। स्टेरॉयड मरहम (ऑइंटमेंट) लगाने से फंगल का संक्रमण ठीक होने की जगह अंदर ही अंदर फैल रहा है। दो-तीन माह में खत्म होने वाला संक्रमण पांच-छह माह में कम नहीं हो रहा है। मेडिकल कॉलेज के त्वचा विभाग की ओपीडी में फंगल रोगियों की संख्या 80 फीसदी तक पहुंच गई है।
मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि फंगल (दाद-खाज-खुजली, लाल चकक्ते आदि) का संक्रमण होने पर लोग डॉक्टर को दिखाने के बजाय केमिस्ट से मरहम लेकर इस्तेमाल करने लगते हैं, जिसमें स्टेरॉयड होता है। स्टेरॉयड की वजह से तुरंत फंगल संक्रमण में राहत मिल जाती है मगर त्वचा के अंदर संक्रमण बढ़ता रहता है।
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स्टेरॉयड मरहम का इस्तेमाल बंद होने के 10-15 दिन बाद फिर से संक्रमण त्वचा के ज्यादा हिस्से पर उबरने लगता है। लोग लगातार इसका इस्तेमाल करते हैं, जिसकी वजह से फंगल का संक्रमण काफी फैल जाता है। बुधवार को भी ओपीडी में करीब 310 रोगी उपचार के लिए आए जिनमें करीब 250 रोगी फंगल इंफेक्शन के रहे।
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तेज धूप की वजह से आने लगे सनबर्न के रोगी
झांसी। तेज धूप की वजह से मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग में सनबर्न के रोगियों का आना शुरू हो गया है। विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि कई लोगों को धूप से एलर्जी होती है। जब भी यह धूप में घर से बाहर निकलते हैं तो खुलजी के साथ काले व लाल धब्बे पड़ने लगते हैं। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या पिछले एक सप्ताह से बढ़ने लगी है। बुधवार को करीब 40 रोगी उपचार के लिए आए। ब्यूरो