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Jhansi News: बजट खर्च करने में शिक्षा विभाग फेल
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झांसी। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा समग्र शिक्षा के अंतर्गत तमाम योजनाओं के लिए बजट जारी किया गया था, लेकिन 10 महीने गुजरने के बाद सिर्फ 55 प्रतिशत बजट ही खर्च हो पाया है। शेष बचे दो माह में 45 प्रतिशत बजट खर्च किया जाना है। इसके अलावा बंगरा ब्लॉक में तो बजट एक प्रतिशत भी खर्च नहीं हो पाया है।
समग्र शिक्षा के अंतर्गत चलने वाली तमाम योजनाओं जैसे निपुण भारत मिशन, निर्माण, सामुदायिक सहभागिता, समेकित शिक्षा, गुणवत्ता आदि के लिए 39 करोड़ बजट आवंटित किया गया था। दस महीने बीतने पर सिर्फ 22 करोड़ ही खर्च हो पाया है। इसके अलावा सभी ब्लॉक के लिए 80 लाख रुपये का बजट जारी हुआ था। लेकिन ब्लॉक स्तर पर अब तक सिर्फ 20 लाख रुपये ही खर्च किए गए हैं।
कस्तूरबा आवासीय स्कूलों में जारी 40 करोड़ बजट में से 35 करोड़ खर्च किया गया है। जिला मुख्यालय पर बीएसए ने बजट के खर्च संबंधी समीक्षा बैठक की। जिसमें योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए बजट का उपभोग न होने पर बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों की जमकर फटकार लर्गाई।
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जिस पर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने शिकायत करते हुए कहा कि बजट वित्त एवं लेखाधिकारी के हस्ताक्षर के बाद ही जारी होता है। लेकिन कई हफ्तों तक बजट की फाइल वित्त एवं लेखाविभाग के पास लंबित रहती है। इस कारण से समय रहते न तो काम हो पाता है न ही बजट का उपभोग हो पाता है। यहां तक कि बंगरा ब्लॉक में तो अब तक जारी किए गए बजट का एक प्रतिशत भी खर्च नहीं किया गया है।
बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन ठीक से करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही समय रहते बजट को सही तरीके से उपभोग करने के निर्देश दिए हैं। बीएसए नीलम यादव ने कहा कि अबसे हर हफ्ते बजट के खर्च की प्रगति देखी जाएगी।
कार्यक्रम अब भी हैं लंबित
हमारे आंगन, हमारे बच्चे कार्यक्रम स्कूलों में आयोजित किया जाना था, लेकिन अब तक किसी भी ब्लॉक मेें इसका क्रियान्वयन नहीं हुआ है। आउटडोर प्ले के माध्यम से आंगनबाड़ियों में झूले लगवाने थे, जो कि अब तक लंबित हैं। कक्षा 4 और 5 के शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू होना शेष है।
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समग्र शिक्षा के अंतर्गत चलने वाली तमाम योजनाओं जैसे निपुण भारत मिशन, निर्माण, सामुदायिक सहभागिता, समेकित शिक्षा, गुणवत्ता आदि के लिए 39 करोड़ बजट आवंटित किया गया था। दस महीने बीतने पर सिर्फ 22 करोड़ ही खर्च हो पाया है। इसके अलावा सभी ब्लॉक के लिए 80 लाख रुपये का बजट जारी हुआ था। लेकिन ब्लॉक स्तर पर अब तक सिर्फ 20 लाख रुपये ही खर्च किए गए हैं।
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कस्तूरबा आवासीय स्कूलों में जारी 40 करोड़ बजट में से 35 करोड़ खर्च किया गया है। जिला मुख्यालय पर बीएसए ने बजट के खर्च संबंधी समीक्षा बैठक की। जिसमें योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए बजट का उपभोग न होने पर बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों की जमकर फटकार लर्गाई।
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जिस पर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने शिकायत करते हुए कहा कि बजट वित्त एवं लेखाधिकारी के हस्ताक्षर के बाद ही जारी होता है। लेकिन कई हफ्तों तक बजट की फाइल वित्त एवं लेखाविभाग के पास लंबित रहती है। इस कारण से समय रहते न तो काम हो पाता है न ही बजट का उपभोग हो पाता है। यहां तक कि बंगरा ब्लॉक में तो अब तक जारी किए गए बजट का एक प्रतिशत भी खर्च नहीं किया गया है।
बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन ठीक से करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही समय रहते बजट को सही तरीके से उपभोग करने के निर्देश दिए हैं। बीएसए नीलम यादव ने कहा कि अबसे हर हफ्ते बजट के खर्च की प्रगति देखी जाएगी।
कार्यक्रम अब भी हैं लंबित
हमारे आंगन, हमारे बच्चे कार्यक्रम स्कूलों में आयोजित किया जाना था, लेकिन अब तक किसी भी ब्लॉक मेें इसका क्रियान्वयन नहीं हुआ है। आउटडोर प्ले के माध्यम से आंगनबाड़ियों में झूले लगवाने थे, जो कि अब तक लंबित हैं। कक्षा 4 और 5 के शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू होना शेष है।