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हाईवे पर लोगों की जान जोखिम में डालकर धड़ल्ले से दौड रहे ई रिक्शा
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झांसी। जिले में नियमों को ताक पर रखकर हाईवे पर ई - रिक्शा और बिना परमिट स्कूली बच्चों को बैठाकर धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है। इसके बाद भी परिवहन विभाग और पुलिस लापरवाह बनी है। जबकि आए दिन इन वाहनों से भीषण हादसे होते रहते हैं। इसके बाद भी इन वाहनों के संचालन पर कोई रोक टोक नहीं की जाती है।
बता दें कि महानगर में आम लोगों को आने जाने में सहूलियत और पर्यावरण प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए शुरू की गई ई रिक्शा सेवा अब परेशानी का सबब बनने लगी है। महानगर में तकरीबन 200 ई- रिक्शा ही परिवहन विभाग में पंजीकृत हैं, जबकि बिना पंजीकरण के सैकड़ों ई- रिक्शाओं का बिना नंबर प्लेट ही संचालन किया जा रहा है। नियमत: हाईवे पर ई रिक्शा का संचालन नहीं होना चाहिए। साथ ही इन ई रिक्शाओं पर नंबर प्लेट लगाने का भी प्रावधान हैं। लेकिन जिले के हाईवे पर ई- रिक्शा और बिना परमिट स्कूली बच्चों को बैठाकर ऑटो का संचालन बेरोक टोक किया जा रहा है। इससे सड़क दुर्घटनाएं भी बढ़ गई हैं। परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल से लेकर पुलिस तक हाईवे पर अवैध रूप से संचालित हो रहे ई- रिक्शा पर रोक नहीं लगा पा रही है। आए दिन ई- रिक्शा के पलटने और स्कूली वाहनों के हादसे की घटनाएं होती रहती हैं। इसके बाद भी इन वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि वैसे तो ई रिक्शा का कोई परमिट नहीं होता है। इसके बाद भी हाईवे पर यदि ओवरलोडिंग या कागजों की कमी या अन्य खामियां पाई जाएंगी, तो जल्द ही अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्कूली वाहनों में क्षमता से ज्यादा बैठाए जा रहे बच्चे
झांसी। महानगर में रहने वाले राहुल जैन ने आईजीआरएस पर शिकायत कर बताया कि स्कूल संचालक अपने वाहनों में क्षमता से ज्यादा बच्चों को बैठा लेते हैं। इसकी शिकायत आरटीओ विभाग में की। इसके बाद भी स्कूल संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वह सभी मनमाने तरीके से धड़ल्ले से वाहनों का संचालन कर रहे हैं।
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बता दें कि महानगर में आम लोगों को आने जाने में सहूलियत और पर्यावरण प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए शुरू की गई ई रिक्शा सेवा अब परेशानी का सबब बनने लगी है। महानगर में तकरीबन 200 ई- रिक्शा ही परिवहन विभाग में पंजीकृत हैं, जबकि बिना पंजीकरण के सैकड़ों ई- रिक्शाओं का बिना नंबर प्लेट ही संचालन किया जा रहा है। नियमत: हाईवे पर ई रिक्शा का संचालन नहीं होना चाहिए। साथ ही इन ई रिक्शाओं पर नंबर प्लेट लगाने का भी प्रावधान हैं। लेकिन जिले के हाईवे पर ई- रिक्शा और बिना परमिट स्कूली बच्चों को बैठाकर ऑटो का संचालन बेरोक टोक किया जा रहा है। इससे सड़क दुर्घटनाएं भी बढ़ गई हैं। परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल से लेकर पुलिस तक हाईवे पर अवैध रूप से संचालित हो रहे ई- रिक्शा पर रोक नहीं लगा पा रही है। आए दिन ई- रिक्शा के पलटने और स्कूली वाहनों के हादसे की घटनाएं होती रहती हैं। इसके बाद भी इन वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि वैसे तो ई रिक्शा का कोई परमिट नहीं होता है। इसके बाद भी हाईवे पर यदि ओवरलोडिंग या कागजों की कमी या अन्य खामियां पाई जाएंगी, तो जल्द ही अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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स्कूली वाहनों में क्षमता से ज्यादा बैठाए जा रहे बच्चे
झांसी। महानगर में रहने वाले राहुल जैन ने आईजीआरएस पर शिकायत कर बताया कि स्कूल संचालक अपने वाहनों में क्षमता से ज्यादा बच्चों को बैठा लेते हैं। इसकी शिकायत आरटीओ विभाग में की। इसके बाद भी स्कूल संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वह सभी मनमाने तरीके से धड़ल्ले से वाहनों का संचालन कर रहे हैं।
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