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आग से करोड़ों की फसल राख
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Apr 2017 12:58 AM IST
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fire in wheet field
- फोटो : demo
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जिले के किसानों के लिए रविवार का दिन एक बड़ी आपदा लेकर आया। बड़ागांव व चिरगांव ब्लाक के छह गांवों में खेतों में खड़ी व कटी पड़ी फसल में आग लग जाने के कारण करोड़ों रुपये की क्षति हो गई। किसानों का कहना है कि करीब पंद्रह सौ बीघा खेतों की फसल जलकर राख हो गई है। आग बिजली के तारों में हुई स्पार्किंग की चिंगारी से लगी।
बड़ागांव क्षेत्र के ग्राम रनगुवां में खेतों से निकले बिजली के तारों में हुई स्पार्किंग से दोपहर लगभग बारह बजे गेहूं के खेत में आग लग गई। हवा चलने के कारण क्षेत्र के छह से अधिक गांवों के खेतों में आग फैल गई। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। नौ दमकल की गाड़ियों से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। मौके पार एसडीएम झांसी चंदन पटेल, एसडीएम मोंठ प्रदीप यादव, उपजिलाधिकारी विजय बहादुर के साथ बड़ागांव व चिरगांव थाने का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। आग इतनी तीव्र गति से बढ़ रही थी कि रनगुवां के अलावा पाली, मवई, परसर, लेबा तथा चिरगांव क्षेत्र के अतपेई व मड़गुवां मौजे में भी खेतों में आग फैल गई।
आधे खेतों में कटाई के बाद गेहूं केे हारवेस्ट मशीन के डूंठ खड़े थे आधे खेत में गेहूं की फसल खड़ी थी। फसल जलकर राख हो गई। शाम तक आग पर काबू पाया जा सका। बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा ने मौके पर पहुंचकर किसानों को सांत्वना देते हुए मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि लगभग पांच सौ एकड़ फसल जली है, जिसकी क्षतिपूर्ति शासन द्वारा दी जाएगी। लेखपाल कानूनगो व एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर किसानों का आश्वासन दिया कि उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। आग इतनी विकराल थी कि एक दमकल गाड़ी के टायरों में भी आग लग गई, जिसे किसी तरह बुझाया गया।
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पाली परसर के रहने वाले एक परिवार के लिए आपदाएं मानो नियति बन गई है। बीते वर्ष इस परिवार के मुखिया रामऔतार पुत्र हरीराम ने अच्छी फसल न होने से बैंक का कर्ज न चुका पाने के कारण आात्महत्या कर ली थी। इस बार परिवार के लोगों ने किसी तरह लागत इकट्ठी करके पांच एकड़ की पूरी फसल जलकर राख हो गई है। पहले घर का मुखिया चले जाने और अब खाने को दाना न बचने के कारण गमों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इनकी जली फसल
परसर के संतराम की 4 बीघा, मूरत सिंह, भंवर सिंह, भज्जू की 3 एकड़ पाली के किसान राजेंद्र हरिओम, प्रहलाद अनिल, सुशील की 8 एकड़ इनका 35 लोगों का परिवार है। शशि अमन की 2 एकड़ ओमप्रकाश हरिसिंह की तीन एकड़। सरसई के किसान स्वामी शरण की तीन एकड़ फसल जली है। ग्राम अतपेई के भगवान सिंह यादव, पूरन सिंह तथा ग्राम लेवा के राजेन्द्र सिंह के खेतों में रखी फसल जलकर नष्ट हो गई। राजेन्द्र सिंह की साइकिल भी जल गई। मड़गुवां के चतुर सिंह लोधी, बाबूलाल, कमल,हिम्मत एवं गंधर्व सिंह आदि किसानों के खेतों में गेहूं एवं लाही की फसल रखी हुई थी, जो जलकर राख हो गयी। लोगों का कहना है कि आग ग्राम मड़गुवां से शुरु हुई इसके बाद अतपेई में लगी और आग विकराल रुप धारण करती हुई बड़ागांव ब्लॉक के करीब छह गांवों तक पहुंच गई ।
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बड़ागांव क्षेत्र के ग्राम रनगुवां में खेतों से निकले बिजली के तारों में हुई स्पार्किंग से दोपहर लगभग बारह बजे गेहूं के खेत में आग लग गई। हवा चलने के कारण क्षेत्र के छह से अधिक गांवों के खेतों में आग फैल गई। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। नौ दमकल की गाड़ियों से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। मौके पार एसडीएम झांसी चंदन पटेल, एसडीएम मोंठ प्रदीप यादव, उपजिलाधिकारी विजय बहादुर के साथ बड़ागांव व चिरगांव थाने का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। आग इतनी तीव्र गति से बढ़ रही थी कि रनगुवां के अलावा पाली, मवई, परसर, लेबा तथा चिरगांव क्षेत्र के अतपेई व मड़गुवां मौजे में भी खेतों में आग फैल गई।
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आधे खेतों में कटाई के बाद गेहूं केे हारवेस्ट मशीन के डूंठ खड़े थे आधे खेत में गेहूं की फसल खड़ी थी। फसल जलकर राख हो गई। शाम तक आग पर काबू पाया जा सका। बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा ने मौके पर पहुंचकर किसानों को सांत्वना देते हुए मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि लगभग पांच सौ एकड़ फसल जली है, जिसकी क्षतिपूर्ति शासन द्वारा दी जाएगी। लेखपाल कानूनगो व एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर किसानों का आश्वासन दिया कि उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। आग इतनी विकराल थी कि एक दमकल गाड़ी के टायरों में भी आग लग गई, जिसे किसी तरह बुझाया गया।
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पाली परसर के रहने वाले एक परिवार के लिए आपदाएं मानो नियति बन गई है। बीते वर्ष इस परिवार के मुखिया रामऔतार पुत्र हरीराम ने अच्छी फसल न होने से बैंक का कर्ज न चुका पाने के कारण आात्महत्या कर ली थी। इस बार परिवार के लोगों ने किसी तरह लागत इकट्ठी करके पांच एकड़ की पूरी फसल जलकर राख हो गई है। पहले घर का मुखिया चले जाने और अब खाने को दाना न बचने के कारण गमों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इनकी जली फसल
परसर के संतराम की 4 बीघा, मूरत सिंह, भंवर सिंह, भज्जू की 3 एकड़ पाली के किसान राजेंद्र हरिओम, प्रहलाद अनिल, सुशील की 8 एकड़ इनका 35 लोगों का परिवार है। शशि अमन की 2 एकड़ ओमप्रकाश हरिसिंह की तीन एकड़। सरसई के किसान स्वामी शरण की तीन एकड़ फसल जली है। ग्राम अतपेई के भगवान सिंह यादव, पूरन सिंह तथा ग्राम लेवा के राजेन्द्र सिंह के खेतों में रखी फसल जलकर नष्ट हो गई। राजेन्द्र सिंह की साइकिल भी जल गई। मड़गुवां के चतुर सिंह लोधी, बाबूलाल, कमल,हिम्मत एवं गंधर्व सिंह आदि किसानों के खेतों में गेहूं एवं लाही की फसल रखी हुई थी, जो जलकर राख हो गयी। लोगों का कहना है कि आग ग्राम मड़गुवां से शुरु हुई इसके बाद अतपेई में लगी और आग विकराल रुप धारण करती हुई बड़ागांव ब्लॉक के करीब छह गांवों तक पहुंच गई ।