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रंगबाजी में हुई थी राजप्रताप की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Nov 2016 12:52 AM IST
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- फोटो : demo
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बबीना थाना क्षेत्र के चमरऊआ गांव में शनिवार रात हुई राज प्रताप की हत्या रंगबाजी में हुई थी। गांव में चल रही दावत में कुर्सी से नहीं उठने पर गांव के ही कल्याण ने अपने पुत्र राजेंद्र से उसको गोली मारने के लिए कहा था। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, दोनों फरार है।
चमरऊआ में करतार सिंह के पुत्र का दष्टोन था। एक तरफ दावत चल रही थी और दूसरी तरफ पंडाल में लोग बैठे थे। पंडाल में राज प्रताप सिंह (20) कुर्सी पर बैठा था। बगल में एक खाली कुर्सी पड़ी थी। लगभग साढ़े दस बजे गांव का कल्याण अपने पुत्र राजेंद्र के साथ वहां पहुंचा। कल्याण खाली कुर्सी पर बैठ गया और राजेंद्र को बैठाने के लिए राज प्रताप को कुर्सी से उठाने लगा। राज प्रताप ने कुर्सी से उठने से इनकार कर दिया, जो कल्याण को नागवार गुजरा। गुस्साए कल्याण ने पुत्र राजेंद्र से उसे मौत के घाट उतारने को कहा। पिता की बात सुनते ही राजेंद्र ने तमंचा निकाला और राज प्रताप के सिर में गोली मार दी, इससे वह मौके पर ही ढेर हो गया। गोली चलते ही दष्टोन कार्यक्रम में अफरातफरी मच गई।
सूचना पर पहुंचे परिजन राज प्रताप को लेकर मेडिकल कालेज आए, जहां से कानपुर ले गए। कानपुर में चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए। परिजन शनिवार रात फिर मेडिकल कालेज लाए, जहां चिकित्सकों ने राम प्रताप को मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष प्रवीन कुमार यादव ने बताया कि मृतक के चाचा रामपाल ने कल्याण और उसके पुत्र राजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
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चमरऊआ में करतार सिंह के पुत्र का दष्टोन था। एक तरफ दावत चल रही थी और दूसरी तरफ पंडाल में लोग बैठे थे। पंडाल में राज प्रताप सिंह (20) कुर्सी पर बैठा था। बगल में एक खाली कुर्सी पड़ी थी। लगभग साढ़े दस बजे गांव का कल्याण अपने पुत्र राजेंद्र के साथ वहां पहुंचा। कल्याण खाली कुर्सी पर बैठ गया और राजेंद्र को बैठाने के लिए राज प्रताप को कुर्सी से उठाने लगा। राज प्रताप ने कुर्सी से उठने से इनकार कर दिया, जो कल्याण को नागवार गुजरा। गुस्साए कल्याण ने पुत्र राजेंद्र से उसे मौत के घाट उतारने को कहा। पिता की बात सुनते ही राजेंद्र ने तमंचा निकाला और राज प्रताप के सिर में गोली मार दी, इससे वह मौके पर ही ढेर हो गया। गोली चलते ही दष्टोन कार्यक्रम में अफरातफरी मच गई।
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सूचना पर पहुंचे परिजन राज प्रताप को लेकर मेडिकल कालेज आए, जहां से कानपुर ले गए। कानपुर में चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए। परिजन शनिवार रात फिर मेडिकल कालेज लाए, जहां चिकित्सकों ने राम प्रताप को मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष प्रवीन कुमार यादव ने बताया कि मृतक के चाचा रामपाल ने कल्याण और उसके पुत्र राजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
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