{"_id":"5a5901af4f1c1ba73f8b477d","slug":"police-search-jadeja","type":"story","status":"publish","title_hn":"जडेजा की खोजबीन में जुटी पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जडेजा की खोजबीन में जुटी पुलिस
Jhansi
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:12 AM IST
विज्ञापन
jadeja case
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजू कमरया अपहरणकांड के आरोपी विनोद जाट एवं लोकेंद्र का फिर से कोतवाली पुलिस रिमांड मांग सकती है। लोकल नेटवर्क की तह में जाने के लिए कोतवाली पुलिस दोनाें को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। शुरूआत में पुलिस को रिमांड के दौरान दोनों से अहम जानकारियां नहीं मिल सकी थी। इसके चलते पुलिस खाली हाथ ही नजर आ रही थी। अब फिर से पुलिस दोनों को जल्द रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है।
12 जुलाई की रात कोतवाली के डरू भौंडेला निवासी राजू कमरया व उनके साथी राहुल उर्फ सौरभ अग्रवाल का अपहरण कर लिया था। 26 जुलाई की रात्रि यूपी एसटीएफ सहित झांसी पुलिस ने आगरा से मुठभेड़ के दौरान दोनों व्यापारियों को सकुशल बरामद कर लिया था। लेकिन इस दौरान एक भी अपहरणकर्ता पुलिस के हाथ नहीं लग सके थे। लेकिन कुछ दिन बाद पुलिस ने अपहरकांड कांड में शामिल हाथरस के मुरसान थाना क्षेत्र के महामोनी गांव का रहने वाला विनोद जाट और उसके साथी लोकेंद्र को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही विनोद जाट हाथरस एवं लोकेंद्र आगरा जेल में थे। पिछले माह कोतवाली पुलिस ने दोनों को अदालत से रिमांड पर लिया था। सूत्रों से पता चला है कि कोतवाली पुलिस दोनों से कुछ भी नहीं उगलवा सकी थी। इसके चलते पुलिस को लोकल नेटवर्क खोजने में खासी परेशानी हो रही है। इसी के चलते कोतवाली पुलिस पुन: दोनों को रिमांड पर लेने की फिराक में है। सूत्रों से पता चला है कि जेल में बंद विनोद व लोकेंद्र घटना के मास्टरमाइंड जडेजा की भी तलाश में जुटी हुई है। पूछताछ में लॉकल नेटवर्क के साथ-साथ लोकल नेटवर्क खोजने में पुलिस को खासी आसानी होगी।
शहर के चर्चित लोगों पर भी शक
माना जा रहा है कि राजू कमरया अपहरकांड की साजिश में कुछ स्थानीय चर्चित लोग भी शामिल हैं। लेकिन पुख्ता सुबूत न होने के कारण पुलिस हाथ डालने में कतरा रही है। पूछताछ में यदि विनोद व लोकेंद्र पुलिस के सामने मुंह खोेलते हैं तो चौंकाने वाले नाम सामने आने की संभावना है। विनोद जाट उर्फ विनोद चौधरी पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। वह अजय जडेजा गैंग का सक्रिय सदस्य है। इसका यूपी से लेकर राजस्थान व मध्य प्रदेश में तगड़ा नेटवर्क है। इस अपहरणकांड में अजय जडेजा की भी सक्रिय भूमिका रही है। लेकिन अब तक इसकी गिरफ्तार न होने से पुलिस के लिए सिरदर्द पैदा हो रहा है। पूछताछ में अजय जडेजा के ठिकाने का भी पता लगाने का प्रयास पुलिस करेगी। एसपी सिटी देवेश पांडेय ने बताया कि मामले की जांच चल रही है, अभी कुछ भी कहना मुश्किल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
12 जुलाई की रात कोतवाली के डरू भौंडेला निवासी राजू कमरया व उनके साथी राहुल उर्फ सौरभ अग्रवाल का अपहरण कर लिया था। 26 जुलाई की रात्रि यूपी एसटीएफ सहित झांसी पुलिस ने आगरा से मुठभेड़ के दौरान दोनों व्यापारियों को सकुशल बरामद कर लिया था। लेकिन इस दौरान एक भी अपहरणकर्ता पुलिस के हाथ नहीं लग सके थे। लेकिन कुछ दिन बाद पुलिस ने अपहरकांड कांड में शामिल हाथरस के मुरसान थाना क्षेत्र के महामोनी गांव का रहने वाला विनोद जाट और उसके साथी लोकेंद्र को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही विनोद जाट हाथरस एवं लोकेंद्र आगरा जेल में थे। पिछले माह कोतवाली पुलिस ने दोनों को अदालत से रिमांड पर लिया था। सूत्रों से पता चला है कि कोतवाली पुलिस दोनों से कुछ भी नहीं उगलवा सकी थी। इसके चलते पुलिस को लोकल नेटवर्क खोजने में खासी परेशानी हो रही है। इसी के चलते कोतवाली पुलिस पुन: दोनों को रिमांड पर लेने की फिराक में है। सूत्रों से पता चला है कि जेल में बंद विनोद व लोकेंद्र घटना के मास्टरमाइंड जडेजा की भी तलाश में जुटी हुई है। पूछताछ में लॉकल नेटवर्क के साथ-साथ लोकल नेटवर्क खोजने में पुलिस को खासी आसानी होगी।
विज्ञापन
शहर के चर्चित लोगों पर भी शक
माना जा रहा है कि राजू कमरया अपहरकांड की साजिश में कुछ स्थानीय चर्चित लोग भी शामिल हैं। लेकिन पुख्ता सुबूत न होने के कारण पुलिस हाथ डालने में कतरा रही है। पूछताछ में यदि विनोद व लोकेंद्र पुलिस के सामने मुंह खोेलते हैं तो चौंकाने वाले नाम सामने आने की संभावना है। विनोद जाट उर्फ विनोद चौधरी पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। वह अजय जडेजा गैंग का सक्रिय सदस्य है। इसका यूपी से लेकर राजस्थान व मध्य प्रदेश में तगड़ा नेटवर्क है। इस अपहरणकांड में अजय जडेजा की भी सक्रिय भूमिका रही है। लेकिन अब तक इसकी गिरफ्तार न होने से पुलिस के लिए सिरदर्द पैदा हो रहा है। पूछताछ में अजय जडेजा के ठिकाने का भी पता लगाने का प्रयास पुलिस करेगी। एसपी सिटी देवेश पांडेय ने बताया कि मामले की जांच चल रही है, अभी कुछ भी कहना मुश्किल है।
विज्ञापन