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जेल में कैदी की मौत पर बवाल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Oct 2016 12:06 AM IST
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- फोटो : demo pic
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जिला जेल में बंद हत्या के आरोपी राजू मिश्रा (36) की बुधवार सुबह जेल में मौत हो गई। गुस्साए कैदियों ने जेल के अंदर बवाल कर दिया। इससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम अजय कुमार शुक्ला और एसएसपी अब्दुल हमीद भारी फोर्स के साथ जेल पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे में कैदियों का उपद्रव शांत हुआ। डीएम का कहना है कि जेल में बल प्रयोग नहीं किया गया। गुस्साए कैदियों को समझा बुझाकर शांत किया है।
14 दिसंबर 2013 में सीपरी बाजार के केशवपुर गांव में नरेश की गोली मारकर हत्या हुई थी। इस मामले में करन यादव ने राजू मिश्रा पुत्र राकेश मिश्रा, संजीव, चंद्रशेखर, भास्कर, विनीत मिश्रा, अंकुर मिश्रा और सुरेश यादव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट कराई थी। राजू मिश्रा ने 13 अप्रैल 2014 में कोर्ट में सरेंडर किया, जहां से जेल भेज दिया गया। जेल के अंदर राजू मिश्रा और उसके चचेरा भाई संजीव मिश्रा हैं। बुधवार की सुबह राजू मिश्रा की अचानक तबियत बिगड़ी गई। समय से उपचार नहीं मिलने पर उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी से कैदियों का आक्रोश फूट पड़ा। बैरकों से बाहर निकलकर आए कैदियों ने हंगामा व नारेबाजी शुरू कर दी। जेल प्रशासन ने कैदियों को शांत करने का प्रयास किया, तो कुछ कैदियों ने पथराव कर दिया। हालात बिगड़ते देख जेल अधीक्षक ने डीएम और एसएसपी को सूचना दी। कुछ देर में डीएम और एसएसपी नवाबाद थाने का फोर्स लेकर पहुंचे। दोनों अधिकारियों के समझाने पर जब कैदियों का हंगामा बंद नहीं हुआ, तो कई थानों का फोर्स को हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर के साथ जेल के अंदर बुलाया गया। कुछ देर के अंदर जेल परिसर छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस फोर्स की सख्ती पर कैदी शांत हुए।
वहीं, मृतक के भाई अंकुश मिश्रा ने जेल के अंदर जहरीला इंजेक्शन लगाकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि राजू मिश्रा जेल के अंदर कुछ दिन पहले अस्वस्थ हो गया था। उपचार होने से वह ठीक हो गया। कैदी बसंत चौरसिया बुधवार की सुबह इंजेक्शन लेकर राजू मिश्रा के पास पहुंचा और कहने लगा कि उसे इंजेक्शन लगाना है। जब उसने स्वस्थ होने की बात कहते हुए इनकार किया तो उसने जबरन इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी तबियत बिगड़ी और कुछ देर में मौत हो गई। आरोप है कि बसंत चौरसिया ने विरोधी करन सिंह, इमरत, रज्जन, राहुल, मलखान सिंह के साथ षड्यंत्र रचकर हत्या की है।
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क्या हैं दोनों पक्षों के बीच की रंजिश
दतिया के उन्नाव बालाजी निवासी करन सिंह यादव ने करीब 12-13 साल पहले अपना ठिकाना भोजला में बनाया। राजू मिश्रा के पिता राकेश मिश्रा की टोकाटाकी करन को बर्दाश्त नहीं थी। जिसको लेकर दोनों के बीच में तनातनी रहने लगी। करीब 12 साल पहले राकेश मिश्रा की हत्या हो गई थी। इस घटना की रिपोर्ट करन सिंह यादव के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 14 दिसंबर 2013 को करन सिंह यादव के पुत्र नरेश की हत्या हो गई थी। इसमें राजू मिश्रा, संजीव, चंद्रशेखर, भास्कर, विनीत मिश्रा, अंकुर मिश्रा व सुरेश यादव को नामजद किया गया था।
स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी नहीं होने पर गुस्साए कैदी:डीएम
डीएम अजय कुमार शुक्ला ने जेल से बाहर आने के बाद बताया कि जेल के अंदर राजू मिश्रा की सुबह के समय तबीयत खराब हो गई थी। समय से उपचार नहीं मिलने से हालत बिगड़ गई। इसकी जानकारी मिलने से कैदियों ने हंगामा काटा। कैदियों का कहना है कि जेल के अंदर स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी नहीं हैं। समय से बीमार कैदियों को उपचार नहीं मिलता है। इसके चलते सीएमओ को आदेश कर दिए गए हैं कि जेल के अंदर कैदियों के उपचार के लिए और चिकित्सकों की ड्यूटी लगाएं, ताकि हर कैदी को समय से उपचार मिल सके।
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14 दिसंबर 2013 में सीपरी बाजार के केशवपुर गांव में नरेश की गोली मारकर हत्या हुई थी। इस मामले में करन यादव ने राजू मिश्रा पुत्र राकेश मिश्रा, संजीव, चंद्रशेखर, भास्कर, विनीत मिश्रा, अंकुर मिश्रा और सुरेश यादव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट कराई थी। राजू मिश्रा ने 13 अप्रैल 2014 में कोर्ट में सरेंडर किया, जहां से जेल भेज दिया गया। जेल के अंदर राजू मिश्रा और उसके चचेरा भाई संजीव मिश्रा हैं। बुधवार की सुबह राजू मिश्रा की अचानक तबियत बिगड़ी गई। समय से उपचार नहीं मिलने पर उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी से कैदियों का आक्रोश फूट पड़ा। बैरकों से बाहर निकलकर आए कैदियों ने हंगामा व नारेबाजी शुरू कर दी। जेल प्रशासन ने कैदियों को शांत करने का प्रयास किया, तो कुछ कैदियों ने पथराव कर दिया। हालात बिगड़ते देख जेल अधीक्षक ने डीएम और एसएसपी को सूचना दी। कुछ देर में डीएम और एसएसपी नवाबाद थाने का फोर्स लेकर पहुंचे। दोनों अधिकारियों के समझाने पर जब कैदियों का हंगामा बंद नहीं हुआ, तो कई थानों का फोर्स को हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर के साथ जेल के अंदर बुलाया गया। कुछ देर के अंदर जेल परिसर छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस फोर्स की सख्ती पर कैदी शांत हुए।
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वहीं, मृतक के भाई अंकुश मिश्रा ने जेल के अंदर जहरीला इंजेक्शन लगाकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि राजू मिश्रा जेल के अंदर कुछ दिन पहले अस्वस्थ हो गया था। उपचार होने से वह ठीक हो गया। कैदी बसंत चौरसिया बुधवार की सुबह इंजेक्शन लेकर राजू मिश्रा के पास पहुंचा और कहने लगा कि उसे इंजेक्शन लगाना है। जब उसने स्वस्थ होने की बात कहते हुए इनकार किया तो उसने जबरन इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी तबियत बिगड़ी और कुछ देर में मौत हो गई। आरोप है कि बसंत चौरसिया ने विरोधी करन सिंह, इमरत, रज्जन, राहुल, मलखान सिंह के साथ षड्यंत्र रचकर हत्या की है।
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क्या हैं दोनों पक्षों के बीच की रंजिश
दतिया के उन्नाव बालाजी निवासी करन सिंह यादव ने करीब 12-13 साल पहले अपना ठिकाना भोजला में बनाया। राजू मिश्रा के पिता राकेश मिश्रा की टोकाटाकी करन को बर्दाश्त नहीं थी। जिसको लेकर दोनों के बीच में तनातनी रहने लगी। करीब 12 साल पहले राकेश मिश्रा की हत्या हो गई थी। इस घटना की रिपोर्ट करन सिंह यादव के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 14 दिसंबर 2013 को करन सिंह यादव के पुत्र नरेश की हत्या हो गई थी। इसमें राजू मिश्रा, संजीव, चंद्रशेखर, भास्कर, विनीत मिश्रा, अंकुर मिश्रा व सुरेश यादव को नामजद किया गया था।
स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी नहीं होने पर गुस्साए कैदी:डीएम
डीएम अजय कुमार शुक्ला ने जेल से बाहर आने के बाद बताया कि जेल के अंदर राजू मिश्रा की सुबह के समय तबीयत खराब हो गई थी। समय से उपचार नहीं मिलने से हालत बिगड़ गई। इसकी जानकारी मिलने से कैदियों ने हंगामा काटा। कैदियों का कहना है कि जेल के अंदर स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी नहीं हैं। समय से बीमार कैदियों को उपचार नहीं मिलता है। इसके चलते सीएमओ को आदेश कर दिए गए हैं कि जेल के अंदर कैदियों के उपचार के लिए और चिकित्सकों की ड्यूटी लगाएं, ताकि हर कैदी को समय से उपचार मिल सके।