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Ayodhya News: लखनऊ से फर्जी आईडी पर किराये पर कार लेकर हत्याकांड को दिया अंजाम
Sat, 29 Aug 2026 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 29 Aug 2026 11:55 PM IST
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अयोध्या। पूराकलंदर के कंदैला गांव में 25 अगस्त को हुए रामलगन मौर्या हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जमीन और रास्ते के विवाद में रची गई हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने लखनऊ से फर्जी आईडी पर काले रंग की वरना कार किराये पर ली और उसी से कंदैला पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने दो दिनों में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
स्वाट, सर्विलांस और पूराकलंदर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शुक्रवार को राजमणि सिंह उर्फ राज सिंह उर्फ भोलू, दीपक प्रजापति और मनीष शर्मा को गिरफ्तार किया गया। शनिवार को टीम ने प्रतापगढ़ के सचिन उपाध्याय और अमेठी के प्राजंल सिंह को भी दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से पिस्तौल, मैगजीन, चार कारतूस, एक खोखा, काले रंग की कार और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
22 अगस्त को ली कार, तीन दिन बाद कर दी हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश पहले ही रची जा चुकी थी। पूराकलंदर थाना प्रभारी अश्विनी पांडेय के मुताबिक 22 अगस्त को राज सिंह और मनीष शर्मा ने लखनऊ स्थित स्काईलाइन से फर्जी आईडी पर काले रंग की कार किराये पर ली थी। कार लेकर आरोपी अपने साथियों के साथ कंदैला पहुंचे और वारदात के लिए रेकी की।
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25 अगस्त की शाम करीब छह बजे रामलगन मौर्या अपनी मां पार्वती देवी के साथ थे। इसी दौरान नहर की पुलिया के पास आरोपियों ने दोनों पर गोली और बम से हमला कर दिया। गोली लगने से रामलगन गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हमले में उनकी मां पार्वती देवी भी गंभीर रूप से घायल हुईं। उनका इलाज लखनऊ के केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
रंजिश में रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने रंजिश और जमीन व रास्ते के विवाद को लेकर रामलगन की हत्या की साजिश रची थी। योजना के तहत किराये की कार का इस्तेमाल किया गया, ताकि वारदात के बाद आरोपियों की पहचान और आवाजाही को छिपाया जा सके। हत्याकांड के खुलासे के लिए स्वाट, सर्विलांस और पूराकलंदर पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य सुराग के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास जारी हैं। गिरफ्तार आरोपी राजमणि सिंह का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ पूराकलंदर और नगर कोतवाली में मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले पहले से दर्ज बताए गए हैं।
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स्वाट, सर्विलांस और पूराकलंदर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शुक्रवार को राजमणि सिंह उर्फ राज सिंह उर्फ भोलू, दीपक प्रजापति और मनीष शर्मा को गिरफ्तार किया गया। शनिवार को टीम ने प्रतापगढ़ के सचिन उपाध्याय और अमेठी के प्राजंल सिंह को भी दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से पिस्तौल, मैगजीन, चार कारतूस, एक खोखा, काले रंग की कार और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
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22 अगस्त को ली कार, तीन दिन बाद कर दी हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश पहले ही रची जा चुकी थी। पूराकलंदर थाना प्रभारी अश्विनी पांडेय के मुताबिक 22 अगस्त को राज सिंह और मनीष शर्मा ने लखनऊ स्थित स्काईलाइन से फर्जी आईडी पर काले रंग की कार किराये पर ली थी। कार लेकर आरोपी अपने साथियों के साथ कंदैला पहुंचे और वारदात के लिए रेकी की।
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25 अगस्त की शाम करीब छह बजे रामलगन मौर्या अपनी मां पार्वती देवी के साथ थे। इसी दौरान नहर की पुलिया के पास आरोपियों ने दोनों पर गोली और बम से हमला कर दिया। गोली लगने से रामलगन गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हमले में उनकी मां पार्वती देवी भी गंभीर रूप से घायल हुईं। उनका इलाज लखनऊ के केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
रंजिश में रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने रंजिश और जमीन व रास्ते के विवाद को लेकर रामलगन की हत्या की साजिश रची थी। योजना के तहत किराये की कार का इस्तेमाल किया गया, ताकि वारदात के बाद आरोपियों की पहचान और आवाजाही को छिपाया जा सके। हत्याकांड के खुलासे के लिए स्वाट, सर्विलांस और पूराकलंदर पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य सुराग के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास जारी हैं। गिरफ्तार आरोपी राजमणि सिंह का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ पूराकलंदर और नगर कोतवाली में मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले पहले से दर्ज बताए गए हैं।