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क्राइम - किले में मिली सहायक अध्यापिका की लाश-City

Sat, 10 Nov 2018 02:25 AM IST
Updated Sat, 10 Nov 2018 02:25 AM IST
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क्राइम - किले में मिली सहायक अध्यापिका की लाश-City
श्रेणी - क्राइम
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फोटो...
किले में मिली शिक्षिका की लाश
सब हेड... जहर खाकर की आत्महत्या, सुसाइड नोट मिला
- चार नवंबर से थी घर से लापता
- पड़ताल में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। किले के अंदर बुर्ज पर सहायक अध्यापिका स्वाति पाठक (30) का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पास से ही पुलिस को जहर का पाउच व पर्स भी मिला। मृतका चार दिन से लापता था, जिसकी गुमशुदगी भी सीपरी बाजार थाने में दर्ज थी। मौके से पुलिस को तीन पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने बताया कि वह मां की मौत के बाद से सदमे में थी और इसी के चलते वह आत्महत्या करने जा रही है। घटना की सूचना पाकर पुलिस के साथ परिजन भी मौके पर पहुंचे।
सीपरी बाजार के चमनगंज निवासी कालका प्रसाद की पुत्री स्वाती पाठक बड़ागांव के दुनारा में आश्रम पद्घति विद्यालय में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात थी। चार नवंबर की दोपहर करीब एक बजे वह दिवाली की खरीदारी करने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन इसके बाद लौटकर नहीं आई। देर रात घर न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चल सका। परिजनों ने इसकी शिकायत सीपरी बाजार पुलिस से की। जहां पुलिस ने देर रात गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। सीपरी पुलिस ने पांच नवंबर की सुबह उसकी तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। बृहस्पतिवार की दोपहर किला घुमने पहुंचे सैलानियों को अंदर मिनर्वा की ओर वाले बुर्ज से बदबू आई। खबर पाकर किले में तैनात कर्मचारी भी आ गए, जहां एक युवती की लाश पड़ी देख सभी दंग रह गए। सूचना मिलते ही कोतवाल उमेश चंद्र त्रिपाठी, मिनर्वा चौकी इंचार्ज सुरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। शव के पास सुसाइड नोट, जहर का पाउच व पर्स मिला, जिसमें चार सौ रुपये भी मिले। सुसाइड नोट में मां की मौत के बाद सदमे में आकर आत्महत्या करना बताया गया है। एसपी सिटी देवेश पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का पता चलेगा। मामले की जांच भी की जा रही है।
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फूल गया था शव, पड़ी थी उल्टी
मृतका का शव फूल गया था और उससे दुर्गंध आ रही थी। पास में ही उलटी भी पड़ी थी। संभावना है कि जहर खाने के बाद मृतका की हालत बिगड़ी और कई बार उलटी भी हुई। इससे बचने के लिए मृतका ने प्रयास भी किया। मौके पर खरोंच के निशान भी इस बात के गवाही दे रहे थे।
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नहीं मिला मोबाइल
मृतका की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी थी। पांच नवंबर की सुबह मोबाइल भी सर्वलांस पर लगवा दिया था। जहां उसकी लोकेशन मिनर्वा मिल रही थी। परिजनों ने मिनर्वा पहुंचकर आसपास के इलाकों में खोजा भी था। इसी बीच उसका शव मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को मोबाइल नहीं मिला। मोबाइल को किले के अंदर ही स्विच ऑफ कहकर फेंकने का पुलिस अनुमान लगा रही है। पुलिस ने कई बार मोबाइल खोजा भी, लेकिन पता नहीं चल सका।

फोटो.................... सुसाइड नोट की
‘परिवार या किसी रिश्तेदार को परेशान न किया जाए’
मृतका ने एसएसपी के नाम अपना सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें उल्लेख किया है कि मेरे बाद मेरे परिवार या किसी रिश्तेदार को परेशान न किया जाए। मृतका ने साफ लिखा है कि उसे परिवार में बहुत प्यार मिला है, कभी कोई कमी नहीं रही। परंतु, 31 अक्टूबर को मेरी मां की पुण्यतिथि थी उनको गए एक वर्ष पूरा हो गया। मैं उनके लिए बहुत रोई और बहुत तड़पी, लेकिन वह नहीं आईं। उनके बिना कोई त्योहार, उत्सव नहीं लगता, इसीलिए मैंने इस दुनिया से जाने का फैसला कर लिया है। आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि मेरे बाद मेरे भइया, भाभी, बहन को या किसी भी रिश्तेदार भी को परेशान न किया जाए। मेरी भाभी ने मुझे मां से बढ़कर प्यार दिया। सुबह टिफिन दिया, कभी भूखा नहीं निकलने दिया। भाई ने हमेशा गिफ्ट दिए, प्यार किया। ऐसे भइया भाभी सभी को मिलें, पर मैं अब उन पर बोझ नहीं बनना चाहती हूं। जैसे-जैसे दिवाली आ रही है, मुझे मेरी मां की याद आ रही है, उनके बिना जीना असंभव है।


फोटो......
मरने से पहले फेसबुक पर डाला सुसाइड नोट
- किसी ने रोका तो किसी ने पूछा कारण
- मां के पुण्य तिथि वाले दिन भी किया था आत्महत्या का प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मां की मौत के बाद से ही मृतका स्वाती पाठक तनाव में थी। आत्महत्या करने से कुछ समय पहले उसने सुसाइड नोट फेसबुक पर अपलोड किया था। जिसे देखकर दोस्तों ने कारण पूछा, लेकिन जब तक स्वाती किले में पहुंचकर घटना को अंजाम दे चुकी थी। मां की पुण्य तिथि वाली रात भी स्वाती ने जान देने का प्रयास किया था, लेकिन परिजनों का ख्याल आने के कारण उसने घर में आत्महत्या नहीं की थी।
31 अक्टूबर 2017 को स्वाती पाठक की मां पुष्पलता का निधन होने के बाद वह तनाव में रहने लगी। एक साल के भीतर स्वाती ने इस सदमे से उभरने का प्रयास भी किया, लेकिन वह दिल व दिमाग से मां का ख्याल नहीं निकाल सकी। 31 अक्टूबर को उसकी मां की पुण्य तिथि थी। जिसके बाद से उसे अपनी मां की और याद आने लगी। इसी रात उसने जान देने का प्रयास किया था, लेकिन परिजनों का ख्याल आने के बाद उसने ऐसा कदम नहीं उठाया। 31 अक्टूबर को वह आत्महत्या करना चाह रही थी। उसने सुसाइड नोट में इस बात का भी जिक्र करते हुए उसने लिखा था कि वह उसे ख्याल आया कि मेरे भाई और परिवार की खून पसीने की कमाई से यह घर बना, अगर मैंने इसमें जान दे दी तो वे चेन से नहीं रह पाएंगे। मेरी आखिरी ख्वाहिश है कि मेरे परिवार या किसी रिश्तेदार को परेशान न किया जाए। चूंकि मैं कुंवारी मर रही हूं, सब कहते हैं कि कुुंवारों को जलाया नहीं जाता, परंतु मुझे जलाया जाए। जिससे मुक्ति मिल सके और अपने मां-पापा से मिल सकूं।
चार अक्टूबर को घर से निकलने के बाद उसने फेसबुक पर सुसाइड नोट भी अपलोड किया। जिसे देखकर कई दोस्त घबरा गए। किसी ने कारण पूछा तो किसी ने रोका तो कुछ ने कॉल भी किया, लेकिन उससे संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद किले पहुंचकर उसने आत्महत्या कर ली।


किले की सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल
- चार दिन तक पड़ा रहा शव, नहीं देखा किसी ने
- ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की होगी जांच, लिए जाएंगे बयान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। किले के अंदर मिले युवती के शव ने जहां सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है तो वहीं कर्मचारियों की ड्यूटी पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। आखिर कैसे इतनी बड़ी चूक हो गई और चार दिन तक शव किले के बुर्ज पर पड़ा रहा। इससे साफ कि किले में तैनात कर्मचारी अपनी ड्यूटी का सही तरह से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी।

किले में प्रतिदिन करीब सात सौ सैलानी आते हैं। किले में सुरक्षा का इंतजाम भी तगड़ा है। मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर व सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। ऐसे में हर आने-जाने वाले पर बारीकी से निगाह रहती है। चौबीस घंटे की तीन शिफ्टों में नौ कर्मचारी ड्यूटी पर रहते हैं, जो किले में निगरानी का काम भी करते हैं। ऐसे में किले के अंदर मिले युवती के शव ने सुरक्षा व्यवस्था की पोेल खोलकर रख दी। चार दिन तक युवती का शव बुर्ज पर पड़ा रहा। यदि किले में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी सही तरीके से ड्यूटी का फर्ज निभाते तो शायद यह घटना होने से बचाई जा सकती थी। उप किला प्रभारी सोनू रंजन ने बताया है कि मामले की जांच होगी, इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है। जल्द जांच करेगी। जांच के बाद ही संबंधित पर कार्रवाई होगी।
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