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जेल के पीछे झाड़ियों से मिला तमंचा
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जेल के पीछे झाड़ियाें में मिला तमंचा
झांसी। कारोबारी संजय वर्मा की गाड़ी पर फायरिंग करने वाले आरोपी कमलेश यादव ने रिमांड पर पूछताछ के बाद जेल के पीछे झाड़ियों में छिपाकर रखे तमंचे को बरामद करा दिया है।
विगत 20 जुलाई 2018 को कोतवाली क्षेत्र के बड़ा बाजार वासुदेव मुहल्ले में रहने वाले कारोबारी संजय वर्मा की गाड़ी पर कचहरी चौराहा के पास घेरकर फायरिंग की गई थी। हमले में एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई थी, जबकि संजय वर्मा समेत अन्य लोग घायल हो गए थे। नवाबाद पुलिस ने संजय वर्मा के पुत्र संचित वर्मा की तहरीर पर कोतवाली के चतुरयाना निवासी सोनू गेड़ा, रिंकू गेड़ा, बॉबी गेड़ा, लकारा निवासी अंगद गुर्जर, प्रहलाद गुर्जर, ऊधम गुर्जर, राघवेंद्र गुर्जर, शिवेंद्र गुर्जर, पुष्पेंद्र गुर्जर व तीन अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। पड़ताल विवेचना के दौरान थाना प्रेमनगर के पुलिया नंबर नौ निवासी कमलेश यादव का नाम भी सामने आया था, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आ सका था। इसी बीच जांच भी जालौन पुलिस के पास स्थानांतरित कर दी गई थी। वर्तमान में मामले की जांच कोंच पुलिस कर रही है। कोंच प्रभारी निरीक्षक ललितेश त्रिपाठी ने भी अपनी टीम के साथ कमलेश को पकड़ने के लिए दबिश दी थी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका था।
वहीं, विगत 25 मार्च को आरोपी कमलेश यादव पुलिस को चकमा देकर अदालत में हाजिर हो गया था, जहां से अदालत ने उसे जेल भेज दिया था। चार अप्रैल को पुलिस ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कमलेश को रिमांड पर ले लिया। उसने पूछताछ में बताया कि घटना में प्रयुक्त तमंचा भागते समय उसने जेल के पीछे झाड़ियोें मेें छिपाकर रख दिया था। पुलिस ने इस जानकारी पर तमंचा बरामद कर लिया। जांच अधिकारी प्रभारी निरीक्षक ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि तमंचे के साथ कारतूस भी मिला है।
झांसी। कारोबारी संजय वर्मा की गाड़ी पर फायरिंग करने वाले आरोपी कमलेश यादव ने रिमांड पर पूछताछ के बाद जेल के पीछे झाड़ियों में छिपाकर रखे तमंचे को बरामद करा दिया है।
विगत 20 जुलाई 2018 को कोतवाली क्षेत्र के बड़ा बाजार वासुदेव मुहल्ले में रहने वाले कारोबारी संजय वर्मा की गाड़ी पर कचहरी चौराहा के पास घेरकर फायरिंग की गई थी। हमले में एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई थी, जबकि संजय वर्मा समेत अन्य लोग घायल हो गए थे। नवाबाद पुलिस ने संजय वर्मा के पुत्र संचित वर्मा की तहरीर पर कोतवाली के चतुरयाना निवासी सोनू गेड़ा, रिंकू गेड़ा, बॉबी गेड़ा, लकारा निवासी अंगद गुर्जर, प्रहलाद गुर्जर, ऊधम गुर्जर, राघवेंद्र गुर्जर, शिवेंद्र गुर्जर, पुष्पेंद्र गुर्जर व तीन अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। पड़ताल विवेचना के दौरान थाना प्रेमनगर के पुलिया नंबर नौ निवासी कमलेश यादव का नाम भी सामने आया था, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आ सका था। इसी बीच जांच भी जालौन पुलिस के पास स्थानांतरित कर दी गई थी। वर्तमान में मामले की जांच कोंच पुलिस कर रही है। कोंच प्रभारी निरीक्षक ललितेश त्रिपाठी ने भी अपनी टीम के साथ कमलेश को पकड़ने के लिए दबिश दी थी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका था।
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वहीं, विगत 25 मार्च को आरोपी कमलेश यादव पुलिस को चकमा देकर अदालत में हाजिर हो गया था, जहां से अदालत ने उसे जेल भेज दिया था। चार अप्रैल को पुलिस ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कमलेश को रिमांड पर ले लिया। उसने पूछताछ में बताया कि घटना में प्रयुक्त तमंचा भागते समय उसने जेल के पीछे झाड़ियोें मेें छिपाकर रख दिया था। पुलिस ने इस जानकारी पर तमंचा बरामद कर लिया। जांच अधिकारी प्रभारी निरीक्षक ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि तमंचे के साथ कारतूस भी मिला है।
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