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झांसी: मेडिकल कालेज की स्थापना के पूरे हुए पचास वर्ष, आयोजित हुआ गोल्डन जुबली समारोह
Mon, 17 Dec 2018 01:31 AM IST
Priyesh Mishra
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Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 17 Dec 2018 01:31 AM IST
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- फोटो : demo
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज की स्थापना के पचास वर्ष पूरे होने पर रविवार को गोल्डन जुबली समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं में कालेज के योगदान को याद करते हुए इसे बुंदेलखंड की जीवन रेखा बताया गया। इस दौरान सांस्कृतिक संध्या भी हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन विकास के लिए प्रत्येक रूप से संकल्पित है। यह चिकित्सा महाविद्यालय प्रदेश में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है तथा छात्र-छात्राओं को शिक्षित कर उनको ऊंचाइयों पर पहुंचाने का पूरा श्रेय यहां के शिक्षकों को जाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार की ओर से इस चिकित्सा महाविद्यालय को किसी भी प्रकार से बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों के उत्थान के लिए प्रयास किए जाएंगे। साथ ही राज्य सरकार की योजनाओं को लागू कर अच्छी से अच्छी चिकित्सा सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. जेवी वैशमपायन ने कहा कि उत्तर प्रदेश का यह यह पुराना मेडिकल कॉलेज है, यहां के छात्र-छात्राएं अपने-अपने कौशल में जनसाधारण को सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व प्रधानाचार्या डॉ. साधना कौशिक, आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. एनएस सेंगर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विधायक रवि शर्मा, जवाहर लाल राजपूत, बिहारी लाल आर्या, विधायक शिकोहाबाद व पुरातन छात्र मुकेश वर्मा व एमएलसी रमा निरंजन मौजूद रहीं।
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कार्यक्रम में डॉ. संजया शर्मा, डॉ. आरएस सेठी, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. अशोक सक्सेना, मीडिया प्रभारी प्रदीप श्रीवास्तव, डॉ. डी नाथ, डॉ. एनसी प्रजापति सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। संचालन सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव सिन्हा व आभार बाल रोग विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. ओम शंकर चौरसिया ने व्यक्त किया।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन विकास के लिए प्रत्येक रूप से संकल्पित है। यह चिकित्सा महाविद्यालय प्रदेश में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है तथा छात्र-छात्राओं को शिक्षित कर उनको ऊंचाइयों पर पहुंचाने का पूरा श्रेय यहां के शिक्षकों को जाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार की ओर से इस चिकित्सा महाविद्यालय को किसी भी प्रकार से बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों के उत्थान के लिए प्रयास किए जाएंगे। साथ ही राज्य सरकार की योजनाओं को लागू कर अच्छी से अच्छी चिकित्सा सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. जेवी वैशमपायन ने कहा कि उत्तर प्रदेश का यह यह पुराना मेडिकल कॉलेज है, यहां के छात्र-छात्राएं अपने-अपने कौशल में जनसाधारण को सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व प्रधानाचार्या डॉ. साधना कौशिक, आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. एनएस सेंगर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विधायक रवि शर्मा, जवाहर लाल राजपूत, बिहारी लाल आर्या, विधायक शिकोहाबाद व पुरातन छात्र मुकेश वर्मा व एमएलसी रमा निरंजन मौजूद रहीं।
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कार्यक्रम में डॉ. संजया शर्मा, डॉ. आरएस सेठी, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. अशोक सक्सेना, मीडिया प्रभारी प्रदीप श्रीवास्तव, डॉ. डी नाथ, डॉ. एनसी प्रजापति सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। संचालन सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव सिन्हा व आभार बाल रोग विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. ओम शंकर चौरसिया ने व्यक्त किया।
पुरातन छात्रों ने दीं पुस्तकें
कार्यक्रम में डॉ. बीएल वर्मा द्वारा संपादित स्मारिका सोवनियर का विमोचन हुआ। इसके अलावा पुरातन छात्रों ने मेडिकल कॉलेज की लाइब्रेरी के लिए पुस्तकें भेंट की।
पुरातन छात्र हुए सम्मानित
कार्यक्रम में सात पुरातन छात्रों को सम्मानित किया गया। इनमें एमसी मिश्रा, वर्धा के प्रो. डीएस गर्ग, लखनऊ के प्रो. वरुण शंकर नारायण व प्रो. पीके श्रीवास्तव, आगरा के प्रो. मधुसूदन अग्रवाल, प्रो. राजीव गर्ग, गुरुग्राम के डॉ. सुमित सिंह, पदमश्री डॉ. ऊषा शर्मा को शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट किए।
पुरातन छात्र हुए सम्मानित
कार्यक्रम में सात पुरातन छात्रों को सम्मानित किया गया। इनमें एमसी मिश्रा, वर्धा के प्रो. डीएस गर्ग, लखनऊ के प्रो. वरुण शंकर नारायण व प्रो. पीके श्रीवास्तव, आगरा के प्रो. मधुसूदन अग्रवाल, प्रो. राजीव गर्ग, गुरुग्राम के डॉ. सुमित सिंह, पदमश्री डॉ. ऊषा शर्मा को शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट किए।