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कैंट बोर्ड अस्पताल में सभी आधुनिक सुविधाएं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Apr 2017 12:11 AM IST
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अस्पताल
- फोटो : demo
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सदर बाजार के जिमखाना के सामने स्थित कैंट बोर्ड का अस्पताल सभी आधुनिक चिकित्सीय सुविधाओं से लैस हो गया है। स्थापना के 175 वें साल में इसे अत्याधुनिक किया गया है। यहां छावनी बोर्ड इलाके के साथ जिले के किसी भी मरीज को महज पांच रुपये में उच्च स्तरीय चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दवाएं मुफ्त दी जा रही हैं साथ ही बेहद रियायती दरों पर जांच की सुविधा भी दी जा रही है।
कैंट बोर्ड अस्पताल की स्थापना ब्रिटिश काल में सन 1842 में हुई थी। तब से यह लगातार क्षेत्र की जनता को चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराता आ रहा है। लेकिन, अब छावनी परिषद ने अस्पताल का कायाकल्प कर दिया है। इसका नया भवन बनाया गया है। साथ ही इलाज की सुविधाएं भी बढ़ाई गईं हैं। हाल ही में अस्पताल में आधुनिक लैब बनाई गई है, जिसमें हेपेटाइटिस, मलेरिया, टाइफाइड, डायबिटिज, प्रेगनेंसी, लिपिड प्रोफाइल, एचआईवी आदि की जांच बेहद रियायती दरों पर की जा रही है। इसके अलावा डेंटल एक्सरे की भी व्यवस्था है। जबकि, मरीजों को दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इलाज के लिए यहां लोगों को सिर्फ पांच रुपये का पर्चा बनवाना होता है।
रोजाना पहुंचते हैं दो सौ मरीज
कैंट बोर्ड अस्पताल की ओपीडी में रोजाना एक सौ अस्सी से दो सौ मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनमें अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, आई सर्जन, फिजिशियन चिकित्सक चिकित्सीय सेवाएं मुहैया कराते हैं। अस्पताल में मरीजों को चौबीस घंटे इमरजेंसी सेवाएं दी जाती हैं।
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म्यूजिक से टेंशन फ्री होते हैं मरीज
कैंट बोर्ड अस्पताल में मरीजों की टेंशन को कम करने के लिए संगीत का सहारा भी लिया जा रहा है। यहां कॉरीडोर और वार्डों में धीमे वॉल्यूम पर म्यूजिक बजता रहता है। अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि इंस्टूमेंटल म्यूजिक मरीजों को राहत देता है और उनकी टेंशन को कम करता है।
लाइट जाती नहीं, स्वच्छ है वातावरण
कैंट बोर्ड अस्पताल का वातावरण एकदम साफ है। इसके अलावा अस्पताल के नये भवन की बनावट में हवा और रोशनी का पूरा ख्याल रखा गया है। इसके अलावा निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए यहां हाल ही में 62 केवीए के जेनरेटर की व्यवस्था भी की गई है।
टीबी असाध्य नहीं, इलाज है संभव
विश्व स्वास्थ्य दिवस पर शुक्रवार को कैंट बोर्ड अस्पताल में शिविर आयोजित किया गया, जिसमें जिला क्षय नियंत्रण केंद्र के डा. सूर्यकांत गुप्ता ने लोगों को टीबी के लक्षण और बचाव के उपाय बताए। इस दौरान कैंट बोर्ड अस्पताल के आरएमओ ने कहा कि टीबी असाध्य रोग नहीं है, बल्कि इसका इलाज संभव है। इसकी दवाएं सरकार की ओर से नि:शुल्क प्रदान की जाती हैं। शिविर में अस्पताल के चिकित्सक, स्टाफ समेत सत्तर लोग मौजूद रहे।
हर किसी के लिए उपलब्ध है इलाज
कैंट बोर्ड अस्पताल की चिकित्सीय सेवाओं का लाभ केवल कैंट क्षेत्र के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि कोई भी व्यक्ति यहां इलाज करा सकता है। अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। आने वाले दिनों में इनमें और वृद्धि की तैयारी है।
- डा. रोहित सिंह मालन, मुख्य अधिशासी अधिकारी, कैंट बोर्ड
आठ से दो बजे तक रहती है ओपीडी
अस्पताल की ओपीडी सुबह आठ बजे से शुरू होकर दोपहर दो बजे तक निरंतर चलती है। जबकि, इमरजेंसी सेवाएं चौबीस घंटे उपलब्ध हैं। अस्पताल में चिकित्सक व अन्य स्टाफ की पर्याप्त संख्या है, जिससे मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सेवाएं मिलती हैं।
- डा. केके साहू, आरएमओ, कैंट बोर्ड अस्पताल
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कैंट बोर्ड अस्पताल की स्थापना ब्रिटिश काल में सन 1842 में हुई थी। तब से यह लगातार क्षेत्र की जनता को चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराता आ रहा है। लेकिन, अब छावनी परिषद ने अस्पताल का कायाकल्प कर दिया है। इसका नया भवन बनाया गया है। साथ ही इलाज की सुविधाएं भी बढ़ाई गईं हैं। हाल ही में अस्पताल में आधुनिक लैब बनाई गई है, जिसमें हेपेटाइटिस, मलेरिया, टाइफाइड, डायबिटिज, प्रेगनेंसी, लिपिड प्रोफाइल, एचआईवी आदि की जांच बेहद रियायती दरों पर की जा रही है। इसके अलावा डेंटल एक्सरे की भी व्यवस्था है। जबकि, मरीजों को दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इलाज के लिए यहां लोगों को सिर्फ पांच रुपये का पर्चा बनवाना होता है।
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रोजाना पहुंचते हैं दो सौ मरीज
कैंट बोर्ड अस्पताल की ओपीडी में रोजाना एक सौ अस्सी से दो सौ मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनमें अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, आई सर्जन, फिजिशियन चिकित्सक चिकित्सीय सेवाएं मुहैया कराते हैं। अस्पताल में मरीजों को चौबीस घंटे इमरजेंसी सेवाएं दी जाती हैं।
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म्यूजिक से टेंशन फ्री होते हैं मरीज
कैंट बोर्ड अस्पताल में मरीजों की टेंशन को कम करने के लिए संगीत का सहारा भी लिया जा रहा है। यहां कॉरीडोर और वार्डों में धीमे वॉल्यूम पर म्यूजिक बजता रहता है। अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि इंस्टूमेंटल म्यूजिक मरीजों को राहत देता है और उनकी टेंशन को कम करता है।
लाइट जाती नहीं, स्वच्छ है वातावरण
कैंट बोर्ड अस्पताल का वातावरण एकदम साफ है। इसके अलावा अस्पताल के नये भवन की बनावट में हवा और रोशनी का पूरा ख्याल रखा गया है। इसके अलावा निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए यहां हाल ही में 62 केवीए के जेनरेटर की व्यवस्था भी की गई है।
टीबी असाध्य नहीं, इलाज है संभव
विश्व स्वास्थ्य दिवस पर शुक्रवार को कैंट बोर्ड अस्पताल में शिविर आयोजित किया गया, जिसमें जिला क्षय नियंत्रण केंद्र के डा. सूर्यकांत गुप्ता ने लोगों को टीबी के लक्षण और बचाव के उपाय बताए। इस दौरान कैंट बोर्ड अस्पताल के आरएमओ ने कहा कि टीबी असाध्य रोग नहीं है, बल्कि इसका इलाज संभव है। इसकी दवाएं सरकार की ओर से नि:शुल्क प्रदान की जाती हैं। शिविर में अस्पताल के चिकित्सक, स्टाफ समेत सत्तर लोग मौजूद रहे।
हर किसी के लिए उपलब्ध है इलाज
कैंट बोर्ड अस्पताल की चिकित्सीय सेवाओं का लाभ केवल कैंट क्षेत्र के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि कोई भी व्यक्ति यहां इलाज करा सकता है। अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। आने वाले दिनों में इनमें और वृद्धि की तैयारी है।
- डा. रोहित सिंह मालन, मुख्य अधिशासी अधिकारी, कैंट बोर्ड
आठ से दो बजे तक रहती है ओपीडी
अस्पताल की ओपीडी सुबह आठ बजे से शुरू होकर दोपहर दो बजे तक निरंतर चलती है। जबकि, इमरजेंसी सेवाएं चौबीस घंटे उपलब्ध हैं। अस्पताल में चिकित्सक व अन्य स्टाफ की पर्याप्त संख्या है, जिससे मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सेवाएं मिलती हैं।
- डा. केके साहू, आरएमओ, कैंट बोर्ड अस्पताल