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दो महीने बाद वायरल हुए वीडियो को लेकर व्यापारियों में उबाल
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झांसी। नगर निगम का अतिक्रमणरोधी दस्ता विवादों में घिर गया। मंगलवार को अचानक सोशल मीडिया पर व्यापारी नेता संतोष साहू के साथ निगम दस्ते में शामिल पूर्व सैन्यकर्मियों की मारपीट का वीडियो अचानकवायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक पूर्व सैनिक व्यापारी नेता के साथ मारपीट करता नजर आ रहा है। जब पड़ताल शुरू हुई तब मालूम चला कि वीडियो 13 अप्रैल का है, लेकिन तब तक व्यापारियों ने लामबंद होकर बवाल शुरू कर दिया।
बताया जा रहा बीकेडी चौराहे के पास एक चाट की दुकान सड़क पटरी को घेरकर चलाई जा रही थी। 13 अप्रैल को कर्नल नीरज नयन वाजपेई की अगुवाई में दस्ता कार्रवाई के लिए पहुंचा। उसी दौरान व्यापारी नेता संतोष साहू भी पहुंच गए। कर्नल वाजपेई का कहना है व्यापारी नेता ने गाली-गालौच शुरू कर दी। मना करने पर भी वह किसी तरह नहीं मान रहे थे। वहीं, व्यापारी नेता संतोष साहू का आरोप है कि पूर्व सैन्यकर्मी दुकानदार से सुविधा शुल्क की मांग कर रहे थे। उनके विरोध करने पर पूर्व सैन्यकर्मियों को यह नागवार गुजरा और उन्होंने मारपीट शुरू कर दी।
इसका वीडियो मंगलवार को तमाम सोशल मीडिया पर अचानक वायरल हो गया। थोड़ी देर में गिरजाशंकर, मुकेश साहू, रवि दुबे, अखिलेश गुरूदेव, रवि राव, पंकज रावत, सुदर्शन सिंह, धरन शर्मा समेत तमाम व्यापारी बीकेडी चौराहे पर एकत्रित हो गए। विधायक रवि शर्मा एवं पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य भी व्यापारी नेता के समर्थन में पहुंच गए। आक्रोशित व्यापारी नेता कलेक्ट्रेट पहुंच गए। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर दोषी पूर्व सैन्यकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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सवा दो महीने की चुप्पी पर उठे सवाल
वीडियो के वायरल होते ही व्यापारियों के बीच हलचल शुरू हो गई लेकिन, यह बात आखिरी तक साफ नहीं हो सकी कि आखिर घटना के करीब सवा दो माह बीत जाने के बाद भी पिटे व्यापारी नेता संतोष साहू ने चुप्पी क्यूं साधे रखी। कुछ लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया लेकिन, मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस ने देर शाम ट्वीट करके साफ कर दिया कि इस मामले की शिकायत नहीं की गई। वहीं, इस मामले को सदन की बुधवार को बैठक से भी जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा कि अतिक्रमणरोधी दस्ते पर दबाव बनाने की गरज से ही यह मामला जानबूझकर ऐसे समय पर उछाला जा रहा है।
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बताया जा रहा बीकेडी चौराहे के पास एक चाट की दुकान सड़क पटरी को घेरकर चलाई जा रही थी। 13 अप्रैल को कर्नल नीरज नयन वाजपेई की अगुवाई में दस्ता कार्रवाई के लिए पहुंचा। उसी दौरान व्यापारी नेता संतोष साहू भी पहुंच गए। कर्नल वाजपेई का कहना है व्यापारी नेता ने गाली-गालौच शुरू कर दी। मना करने पर भी वह किसी तरह नहीं मान रहे थे। वहीं, व्यापारी नेता संतोष साहू का आरोप है कि पूर्व सैन्यकर्मी दुकानदार से सुविधा शुल्क की मांग कर रहे थे। उनके विरोध करने पर पूर्व सैन्यकर्मियों को यह नागवार गुजरा और उन्होंने मारपीट शुरू कर दी।
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इसका वीडियो मंगलवार को तमाम सोशल मीडिया पर अचानक वायरल हो गया। थोड़ी देर में गिरजाशंकर, मुकेश साहू, रवि दुबे, अखिलेश गुरूदेव, रवि राव, पंकज रावत, सुदर्शन सिंह, धरन शर्मा समेत तमाम व्यापारी बीकेडी चौराहे पर एकत्रित हो गए। विधायक रवि शर्मा एवं पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य भी व्यापारी नेता के समर्थन में पहुंच गए। आक्रोशित व्यापारी नेता कलेक्ट्रेट पहुंच गए। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर दोषी पूर्व सैन्यकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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सवा दो महीने की चुप्पी पर उठे सवाल
वीडियो के वायरल होते ही व्यापारियों के बीच हलचल शुरू हो गई लेकिन, यह बात आखिरी तक साफ नहीं हो सकी कि आखिर घटना के करीब सवा दो माह बीत जाने के बाद भी पिटे व्यापारी नेता संतोष साहू ने चुप्पी क्यूं साधे रखी। कुछ लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया लेकिन, मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस ने देर शाम ट्वीट करके साफ कर दिया कि इस मामले की शिकायत नहीं की गई। वहीं, इस मामले को सदन की बुधवार को बैठक से भी जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा कि अतिक्रमणरोधी दस्ते पर दबाव बनाने की गरज से ही यह मामला जानबूझकर ऐसे समय पर उछाला जा रहा है।