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बुंदेलखंड को औद्योगिक पैकेज दिया जाए

Sun, 29 Jun 2014 05:32 AM IST
Jhansi
Jhansi Updated Sun, 29 Jun 2014 05:32 AM IST
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झांसी। प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने व्यापारियों से मुलाकात कर बुंदेलखंड में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए चर्चा की। इस दौरान आईटी सिटी सेंटर, औद्योगिक पैकेज तथा बिजली की आपूर्ति देने और प्रदेश की कानून व्यवस्था सुधारने के मुद्दे उठाए गए। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड का हरसंभव विकास करने के प्रयास किए जाएंगे।
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शनिवार को मुख्य सचिव ने व्यापारियों से मुलाकात की। उप्र व्यापार मंडल झांसी के उद्यमियों ने कहा कि आदेश है कि पारीछा की चालीस प्रतिशत फ्लाई ऐश (राख) उद्यमियों को मुफ्त दी जाए, लेकिन उसमें से अच्छी राख डायमंड सीमेंट को दी जा रही है। यहां के उद्यमियों को कोई फायदा नहीं मिल रहा है। ग्रोथ सेंटर बिजौली में पानी की समस्या है, अत: यहां आईटी सिटी सेंटर बनाया जाए। शहर के चारों तरफ फोरलेन के लाभ के लिए ट्रांसपोर्ट हब का भी मुद्दा उठाया गया। व्यापारियों ने कहा कि बुंदेलखंड चारों तरफ से मप्र से घिरा है और मप्र में वैट की दरें कम हैं तथा सरकार की तरफ से भी छूट है। ऐसे में यदि यहां उद्योगों को बढ़ावा देना है तो अलग से औद्योगिक पैकेज दिया जाना चाहिए। मप्र सरकार सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले व्यापारियों को सम्मानित करती है, यहां भी ऐसा किया जाए।
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स्माल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ललितपुर के व्यापारियों ने बताया कि बसपा के शासन काल में इंडस्ट्रियल एरिया ललितपुर में लाइट 24 घंटे दी जाती थी, लेकिन अब आठ से दस घंटे की कटौती हो रही है। ऐसे में उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। प्रांत के बाहर माल की बिक्री पर सी फार्म की अवधि तीन माह के स्थान पर 12 महीने करने की मांग की गई।
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जय बुंदेलखंड व्यापार मंडल की ओर से फूड सेफ्टी एक्ट, प्रदेश मेंएफडीआई की अनुमति नहीं देने, पटरी दुकानदारों के लिए नियमावली बनाने, नकद जमा की सुविधाओं को सुदृढ़ करने की मांग की गई।
आल इंडिया उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने बुंदेलखंड में मध्यप्रदेश के समान वैट की दरें लागू करने की बात कही। कानून व्यवस्था का भी मुद्दा उठाया गया। शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई।
उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने ट्रेडर्स कांसीट्वेंसी बनाकर व्यापारियों के प्रतिनिधि विधान परिषद में भेजने की मांग की। क्षेत्र के विकास के लिए मेगा इंडस्ट्री लगाने के लिए प्रयास किया जाए। वाणिज्य कर विभाग को विवेक के आधार पर कर लगाने का अधिकार समाप्त किया जाए।

इस मौके पर व्यापारी नेता संजय पटवारी, रामप्रकाश शर्मा, आनंद मिश्रा, संजय सर्राफ, पीयूष नायक, चौ. फिरोज, विजय जैन, शैलेष भाटिया, वी के पांडेय, आसिफ सत्तार, राजकुमार यादव, सूर्यप्रकाश अग्रवाल, शैलेंद्र जैन, जीतेश हयारण, रामतीर्थ सिंघल, राघव वर्मा, प्रमोद अग्रवाल, जीतेंद्र सोनी, महेश राय, पवन जैन, कमलेश सर्राफ , शीलचंद मोदी आदि मौजूद रहे।
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