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शासन ने नगर निगम पर रखा 25 लाख का ‘पत्थर’

Tue, 01 Mar 2016 12:40 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Tue, 01 Mar 2016 12:40 AM IST
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25 million of municipal government placed on 'stones'
झांसी। शासन ने नगर निगम पर 25 लाख रुपये के अतिरिक्त व्यय का भार रख दिया है। शासन ने निर्देश दिया है कि वर्तमान सरकार के दौरान जो भी विकास कार्य हुए हैं, उनपर संशोधित शिलालेख लगाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, नगर विकास मंत्री आजम खां व स्थानीय विधायक का नाम भी लिखवाया जाए। शासन के इस निर्देश को अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
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नगर निगम द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों के शिलालेख में अभी तक अफसरों के अलावा महापौर व क्षेत्रीय पार्षद का नाम ही लिखा जाता है। प्रदेश सरकार को यह बात नागवार गुजरी है। नगर विकास मंत्रालय ने सभी नगर निगमों को आदेश भेजा है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में जितने भी विकास कार्य कराए गए हैं, उनमें संशोधित शिलालेख लगवाएं।
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संशोधित शिलालेख में महापौर व पार्षद के साथ मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री व स्थानीय विधायक का नाम भी अंकित कराएं। नगर विकास मंत्रालय का आदेश मिलते ही नगर निगम ने संशोधित शिलालेख लगवाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
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वर्तमान बोर्ड के कार्यकाल में करीब पांच सौ निर्माण कार्य कराए गए हैं, इनमें करीब 150 काम ही ऐसे हैं जिनकी लागत दस लाख रुपये से अधिक है और स्टीमेट में शिलालेख का पैसा शामिल किया गया है। नगर निगम में दस लाख रुपये से कम लागत से होने वाले विकास कार्यों में शिलालेख का पैसा स्टीमेट में शामिल नहीं किया जाता है, लेकिन पार्षदों द्वारा ठेकेदार पर दबाव बनाकर शिलालेख लगवाया जाता है।

ठेकेदार अपने प्रॉफिट में से पैसे खर्च करके शिलालेख लगवाता है। नगर निगम के वर्तमान बोर्ड के कार्यकाल में दस लाख से कम के करीब 360 निर्माण कार्य हुए हैं, इनमें शिलालेेख लगा है। नियमत: इन शिलालेखों को बदलना अनिवार्य तो नहीं होगा, लेकिन व्यवहारिक तौर पर नगर निगम पर इन्हें बदलवाने का भी दबाव रहेगा।
एक शिलालेख बनवाने में पांच हजार रुपये का खर्च आता है, ऐसे में यदि पांच सौ शिलालेख बनवाकर लगाए गए तो नगर निगम को इसके लिए 25 लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे।

चुनाव प्रचार के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग:महापौर
नगर विकास मंत्रालय के इस आदेश पर महापौर किरन राजू बुकसेलर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। समाजवादी पार्टी के लोग आम जनता के हित में खर्च होने वाले पैसे का प्रयोग प्रचार में करना चाहते हैं, जितने धन से शिलालेख बदले जाएंगे, उससे महानगर में कई विकास कार्य कराए जा सकते हैं।


जन कार्य विभाग के लिपिकों से कार्यों का 10 लाख से कम व अधिक दो प्रकार से वर्गीकृत कर विवरण तैयार करने को कहा गया है। शीघ्र ही अधीनस्थों के साथ बैठक कर संशोधित शिलालेख लगवाने पर फैसला लेकर काम शुरू करा दिया जाएगा।
- अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त
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