फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   एटीवीएम मशीनों का नहीं मिल पा रहा लाभ-Lalitpur

एटीवीएम मशीनों का नहीं मिल पा रहा लाभ-Lalitpur

Mon, 11 Mar 2019 02:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 Mar 2019 02:03 AM IST
विज्ञापन
एटीवीएम मशीनों का नहीं मिल पा रहा लाभ-Lalitpur

विज्ञापन
मशीनों से नहीं मिल पा रहा फटाफट जनरल टिकट
झांसी। रेलवे स्टेशन पर लगी ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन पर टिकट सहायकों (सर्विस फेसिलेटर) की कमी से यात्रियों को फटाफट जनरल टिकट नहीं मिल रहे हैं। शनिवार को एक ही टिकट सहायक होने से यात्रियों को खिड़की की तरह कतार में लगकर टिकट लेना पड़ा। इससे वह परेशान रहे।
रेलवे स्टेशन पर 10 जून 2017 से छह ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन का संचालन शुरू हो गया था। इसके लिए यात्री को 70 रुपये में स्मार्ट कार्ड बनवाने के बाद मोबाइल की तरह रिचार्ज कराना है और इसके बाद वह देश के किसी भी स्टेशन के लिए मशीन से जनरल टिकट निकाल सकता है। यात्रियों को जागरूक और टिकट लेने में मदद करने के लिए प्रत्येक मशीन पर सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक दो टिकट सहायकों की तैनाती करने की योजना बनाई गईं। टिकट सहायक पर 60 से 65 वर्ष उम्र के सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी नियुक्त किए जा रहे हैं। शुरूआत में तीन महीने के लिए टिकट सहायक रखे गए, जिनको पांच प्रतिशत की दर से कमीशन दिया गया। टिकट सहायक को स्मार्ट कार्ड में अधिकतम दस हजार रुपये रीचार्ज कराने पर पांच प्रतिशत के हिसाब से पांच सौ रुपये मिल रहे थे। गाइड लाइन के हिसाब से तीन महीने बाद टिकट सहायक हटा लिए गए।
विज्ञापन

रेलवे बोर्ड के आदेश पर अब दोबारा टिकट सहायक रखे गए हैं। झांसी स्टेशन पर छह टिकट सहायक रखे जाने थे, मगर तीन कर्मचारियों ने ही टिकट सहायक बनने में रुचि दिखाई। नियुक्ति के बाद टिकट सहायकों को पता लगा कि बोर्ड ने कमीशन पांच की जगह तीन प्रतिशत कर दिया है। इस कारण में तीन में एक ही सहायक स्टेशन पर आ रहे हैं। शनिवार की दोपहर टिकट खिड़कियों पर लंबी कतार लगी होने पर वह एटीवीएम मशीन पर टिकट लेने पहुंचे, लेकिन वहां भी उनको कतार में लगना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


‘अभी तक ऐसी तो कोई समस्या सामने नहीं आई है। हालांकि, टिकट सहायकों की जल्द ही और भर्ती की होगी।’
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी।


ये भी हैं दिक्कतें
- जहां मशीन लगी हैं वहां न तो पंखे लगे हैं और न बैठने की व्यवस्था।
- रीचार्ज खत्म होने पर तुरंत भरवाने की व्यवस्था नहीं।
- टिकट वापसी की अलग से व्यवस्था नहीं, कतार में लगो।
- तीन घंटे से अधिक लेट होने पर वापस नहीं मिलता किराया।
- मशीन में टिकट रोल खत्म होने पर इंतजार करो।

प्रतिदिन बिकते हैं 18 हजार टिकट
झांसी रेलवे स्टेशन पर औसतन प्रतिदिन 18 हजार अनारक्षित टिकट बिकते हैं। इनमें 12 हजार के करीब बुंदेलखंड के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले यात्री रहते हैं। ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन से प्रतिदिन पांच सौ से छह सौ टिकट बिक रहे हैं।


41 मशीनें लगीं
रेल मंडल में झांसी समेत 24 स्टेशनों पर 49 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगनी हैं। इनमें 41 मशीनें लगा दी गई हैं। इसमें बांदा, मुरैना, ललितपुर, महोबा, चित्रकूट धाम, उरई के अलावा मानिकपुर, बबीना, डबरा, दतिया, अतर्रा, खजुराहो, हरपालपुर, शंकरगढ़, मऊरानीपुर, भिंड, रागौल, भरूआ सुमेरपुर, पुखरायां, घाटमपुर, डभौरा और बिरलानगर स्टेशन पर मशीन लगाई गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed