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तिरुपति संपर्क क्रांति का एसी खराब, हंगामा
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तिरुपति संपर्क क्रांति का एसी खराब, हंगामा
झांसी। शुक्रवार को हजरत निजामुद्दीन से तिरुपति जाने वाली एपी संपर्क क्रांति के वातानुकूलित बी वन कोच का एसी खराब हो गया। गुस्साए यात्रियों ने झांसी में प्लेटफार्म दो पर ट्रेन के रुकते ही जमकर हंगामा किया। बार- बार चेन पुलिंग कर ट्रेन को आगे नहीं बढ़ने दिया। बाद में कुछ यात्रियों को दूसरे कोचों में समायोजित और कुछ को किराया वापस करने के लिए टीटीई से सर्टिफिकेट बनाने के लिए कहा गया। इस कारण ट्रेन पौने दो घंटे तक प्लेटफार्म पर खड़ी रही।
शुक्रवार को निजामुद्दीन स्टेशन से 12708 एपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के चलने के बाद से ही बी वन कोच में कूलिंग नहीं हो रही थी। इससे यात्रियों को पल-पल काटना मुश्किल हो रहा था। वह कोच में असहज महसूस कर रहे थे। कूलिंग न होने पर कोच के यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। मगर, रास्ते में किसी दूसरे स्टेशन पर ट्रेन के न रुकने पर एसी ठीक नहीं हो सका। ट्रेन के दोपहर 1.45 बजे झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर रुकते ही उक्त कोच के यात्रियों ने उतरकर शोरगुल शुरू कर दिया। ट्रेन जैसे ही बढ़ने को हुई यात्रियों ने उसे चेन पुलिंग कर रोक लिया। खबर मिलते ही टिकट चेकिंग, आरपीएफ और जीआरपी मौके पर पहुंच गई। एसी स्टाफ ने फाल्ट ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। कुछ देर बाद वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर, सहायक सुरक्षा आयुक्त अजय रामपाल सिंह व अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। आरपीएफ व जीआरपी ने यात्रियों को समझाबुझाकर बैठाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। यात्री एसी ठीक होने पर ही ट्रेन को आगे बढ़ने देने पर अड़ गए। जब एसी ठीक होने की स्थिति नहीं बनी, तब कुछ बीमार व वृद्ध यात्रियों को दूसरे कोचों में समायोजित किया गया। बाकी यात्रियों के लिए टीटीई से किराया रिफंड सर्टिफिकेट जारी करने को कहा गया। ट्रेन 3.45 बजे गंतव्य के लिए रवाना हो सकी।
मालूम हो कि, बृहस्पतिवार को जब उक्त ट्रेन तिरुपति से हजरत निजामुद्दीन जा रही थी, तब भी बी वन कोच का एसी खराब हो गया था। तब भी बी वन कोच के यात्रियों ने झांसी स्टेशन पर हंगामा किया था। पिछले एक हफ्ते में लोकमान्य तिलक बरेली एक्सप्रेस, समर स्पेशल, भोपाल प्रतापगढ़ एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, नागपुर अमृतसर एक्सप्रेस, समता एक्सप्रेस के एसी खराब हो चुके हैं।
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यात्री ऐसे ले सकते किराया वापस
सफर के दौरान अगर एसी खराब हो जाता है तो यात्री किराया वापस ले सकते हैं। रेलवे स्लीपर और एसी के किराए का अंतर वापस करती है। सुविधा का लाभ पाने के लिए यात्री को कोच कंडक्टर से एसी खराब होने का सर्टिफिकेट ईएफटी (एक्सेस फेयर टिकट) लेना होता है। कोच कंडक्टर ट्रेन में चल रहे कोच अटेंडेंट से रिपोर्ट लेकर सर्टिफिकेट जारी करेगा। सर्टिफिकेट के आधार पर किराया वापस किया जाएगा। एसी खराब होने पर किराए की वापसी के लिए सफर खत्म होने के 20 घंटे के भीतर दावा करना होगा। सुविधा का लाभ पाने को ऑनलाइन टिकट पर भी टीडीआर मान्य है। टीडीआर के आधार पर आईआरसीटीसी रेलवे के दावा अनुभाग से रिपोर्ट मांगेगी। रिपोर्ट के आधार पर जिस बैंक खाते से टिकट बना है, उसमें रेलवे रकम भेज देगी। सफर के दौरान ट्रेन में एसी जितनी दूरी तक खराब होगा, उतनी दूरी तक स्लीपर और एसी (जिस क्लास का होगा) के किराए का अंतर वापस होगा। यात्री कोच कंडक्टर से सर्टिफिकेट लेकर आरक्षण केंद्र से किराया वापस ले सकते हैं।
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झांसी। शुक्रवार को हजरत निजामुद्दीन से तिरुपति जाने वाली एपी संपर्क क्रांति के वातानुकूलित बी वन कोच का एसी खराब हो गया। गुस्साए यात्रियों ने झांसी में प्लेटफार्म दो पर ट्रेन के रुकते ही जमकर हंगामा किया। बार- बार चेन पुलिंग कर ट्रेन को आगे नहीं बढ़ने दिया। बाद में कुछ यात्रियों को दूसरे कोचों में समायोजित और कुछ को किराया वापस करने के लिए टीटीई से सर्टिफिकेट बनाने के लिए कहा गया। इस कारण ट्रेन पौने दो घंटे तक प्लेटफार्म पर खड़ी रही।
शुक्रवार को निजामुद्दीन स्टेशन से 12708 एपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के चलने के बाद से ही बी वन कोच में कूलिंग नहीं हो रही थी। इससे यात्रियों को पल-पल काटना मुश्किल हो रहा था। वह कोच में असहज महसूस कर रहे थे। कूलिंग न होने पर कोच के यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। मगर, रास्ते में किसी दूसरे स्टेशन पर ट्रेन के न रुकने पर एसी ठीक नहीं हो सका। ट्रेन के दोपहर 1.45 बजे झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर रुकते ही उक्त कोच के यात्रियों ने उतरकर शोरगुल शुरू कर दिया। ट्रेन जैसे ही बढ़ने को हुई यात्रियों ने उसे चेन पुलिंग कर रोक लिया। खबर मिलते ही टिकट चेकिंग, आरपीएफ और जीआरपी मौके पर पहुंच गई। एसी स्टाफ ने फाल्ट ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। कुछ देर बाद वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर, सहायक सुरक्षा आयुक्त अजय रामपाल सिंह व अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। आरपीएफ व जीआरपी ने यात्रियों को समझाबुझाकर बैठाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। यात्री एसी ठीक होने पर ही ट्रेन को आगे बढ़ने देने पर अड़ गए। जब एसी ठीक होने की स्थिति नहीं बनी, तब कुछ बीमार व वृद्ध यात्रियों को दूसरे कोचों में समायोजित किया गया। बाकी यात्रियों के लिए टीटीई से किराया रिफंड सर्टिफिकेट जारी करने को कहा गया। ट्रेन 3.45 बजे गंतव्य के लिए रवाना हो सकी।
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मालूम हो कि, बृहस्पतिवार को जब उक्त ट्रेन तिरुपति से हजरत निजामुद्दीन जा रही थी, तब भी बी वन कोच का एसी खराब हो गया था। तब भी बी वन कोच के यात्रियों ने झांसी स्टेशन पर हंगामा किया था। पिछले एक हफ्ते में लोकमान्य तिलक बरेली एक्सप्रेस, समर स्पेशल, भोपाल प्रतापगढ़ एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, नागपुर अमृतसर एक्सप्रेस, समता एक्सप्रेस के एसी खराब हो चुके हैं।
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सफर के दौरान अगर एसी खराब हो जाता है तो यात्री किराया वापस ले सकते हैं। रेलवे स्लीपर और एसी के किराए का अंतर वापस करती है। सुविधा का लाभ पाने के लिए यात्री को कोच कंडक्टर से एसी खराब होने का सर्टिफिकेट ईएफटी (एक्सेस फेयर टिकट) लेना होता है। कोच कंडक्टर ट्रेन में चल रहे कोच अटेंडेंट से रिपोर्ट लेकर सर्टिफिकेट जारी करेगा। सर्टिफिकेट के आधार पर किराया वापस किया जाएगा। एसी खराब होने पर किराए की वापसी के लिए सफर खत्म होने के 20 घंटे के भीतर दावा करना होगा। सुविधा का लाभ पाने को ऑनलाइन टिकट पर भी टीडीआर मान्य है। टीडीआर के आधार पर आईआरसीटीसी रेलवे के दावा अनुभाग से रिपोर्ट मांगेगी। रिपोर्ट के आधार पर जिस बैंक खाते से टिकट बना है, उसमें रेलवे रकम भेज देगी। सफर के दौरान ट्रेन में एसी जितनी दूरी तक खराब होगा, उतनी दूरी तक स्लीपर और एसी (जिस क्लास का होगा) के किराए का अंतर वापस होगा। यात्री कोच कंडक्टर से सर्टिफिकेट लेकर आरक्षण केंद्र से किराया वापस ले सकते हैं।