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पारा 46 के पार, और कड़ा होगा रोजेदारों का इम्तिहान
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पारा 46 के पार, और कड़ा होगा रोजेदारों का इम्तिहान
झांसी। चंद्र दर्शन के अनुसार रमजान का पहला रोजा छह या सात मई को होगा। भीषण गर्मी में इस बार रोजेदारों को और कड़ा इम्तिहान देना होगा। हालांकि पिछले रमजान का पहला रोजे में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान था लेकिन इस बार अभी तापमान 46 डिग्री के पार होने से आगे और भी तापमान में अधिकता होने की आशंका जताई जा रही है।
अल्लाह की इबादत का महीना रमजान छह या सात मई को शुरू होगा। रामजान के पहले रोजे में भी गर्मी चरम पर होगी। भीषण गर्मी से इस बार रमजान के महीने में रोजेदारों को और कड़ा इम्तिहान देना होगा। इस बार भी गर्मी की तपिश में रोजेदारों को गुजरना होगा। पांच मई को चांद दिखा तो रमजान का पहला रोजा छह मई को व छह मई को चांद दिखाई देने पर सात मई को रमजान का पहला रोजा होगा। विगत कई सालों से रमजान माह में बारिश होने से रोजेदारों को काफी राहत महसूस हुई थी। लेकिन पिछले तीन सालों से रमजान के महीने में बारिश नहीं होने के कारण रोजेदारों को गर्मी व तपिश का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मई के महीने में बारिश का कोई भी संभावना नहीं है। मुस्लिम समुदाय के लोगों के अनुसार रोजेदार की नियत पर ही रोजा होता है। गर्मी कितनी भी हो रोजेदार पर इसका कोई भी असर नही होता है। मौसम वैज्ञानिक मुकेश चंद्र ने बताया कि पांच या छह मई को तापमान में एक से दो सेल्सियस गिरावट होने की संभावना है। वहीं मुफ्ती मोहम्मद इमरान नदवी ने बताया कि रोजे हर आकिल, बालिग, मर्द व औरत पर फर्ज हैं। जितनी गर्मी होगी अल्लाह तआला की ओर से रोजेदारों को उतना ही ज्यादा सवाब हासिल होगा।
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झांसी। चंद्र दर्शन के अनुसार रमजान का पहला रोजा छह या सात मई को होगा। भीषण गर्मी में इस बार रोजेदारों को और कड़ा इम्तिहान देना होगा। हालांकि पिछले रमजान का पहला रोजे में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान था लेकिन इस बार अभी तापमान 46 डिग्री के पार होने से आगे और भी तापमान में अधिकता होने की आशंका जताई जा रही है।
अल्लाह की इबादत का महीना रमजान छह या सात मई को शुरू होगा। रामजान के पहले रोजे में भी गर्मी चरम पर होगी। भीषण गर्मी से इस बार रमजान के महीने में रोजेदारों को और कड़ा इम्तिहान देना होगा। इस बार भी गर्मी की तपिश में रोजेदारों को गुजरना होगा। पांच मई को चांद दिखा तो रमजान का पहला रोजा छह मई को व छह मई को चांद दिखाई देने पर सात मई को रमजान का पहला रोजा होगा। विगत कई सालों से रमजान माह में बारिश होने से रोजेदारों को काफी राहत महसूस हुई थी। लेकिन पिछले तीन सालों से रमजान के महीने में बारिश नहीं होने के कारण रोजेदारों को गर्मी व तपिश का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मई के महीने में बारिश का कोई भी संभावना नहीं है। मुस्लिम समुदाय के लोगों के अनुसार रोजेदार की नियत पर ही रोजा होता है। गर्मी कितनी भी हो रोजेदार पर इसका कोई भी असर नही होता है। मौसम वैज्ञानिक मुकेश चंद्र ने बताया कि पांच या छह मई को तापमान में एक से दो सेल्सियस गिरावट होने की संभावना है। वहीं मुफ्ती मोहम्मद इमरान नदवी ने बताया कि रोजे हर आकिल, बालिग, मर्द व औरत पर फर्ज हैं। जितनी गर्मी होगी अल्लाह तआला की ओर से रोजेदारों को उतना ही ज्यादा सवाब हासिल होगा।
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