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महिला अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ी, मौत

Sun, 10 Jul 2022 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jul 2022 11:45 PM IST
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Woman's condition deteriorates after delivery in women's hospital, death
जिला महिला अस्पताल में मृतिका आशा के परिजन रोते बिलखते - फोटो : ORAI
उरई। महिला जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई। साथ आए परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव रखकर हंगामा कर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे कोतवाल ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामला शांत कराया। अस्पताल में मौजूद अन्य भर्ती मरीजों के परिजनों ने भी अस्पताल स्टाफ पर रुपये मांगकर परेशान करने का आरोप लगाया है।
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आटा थाना क्षेत्र के गढ़ा कुसमरा गांव निवासी सुमित यादव की 27 वर्षीय पत्नी आशा गर्भवती थी। प्रसव के लिए रविवार की सुबह सुमित पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचा था। डाक्टरों ने उसे भर्ती करके दोपहर में नार्मल डिलीवरी करा दी। दोपहर बाद खून की कमी के चलते महिला की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। जानकारी होने पर परिजनों ने अस्पताल के बाहर सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही से मौत हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से बात कर दस मिनट बाद ही जाम खुलवा दिया। पति सुमित ने आरोप लगाया कि स्टाफ ने रुपयों की मांग की थी। पहले ऑपरेशन और फिर इसके बाद नार्मल डिलीवरी से प्रसव की बात कही। इसके बाद दोपहर में उसे नार्मल डिलीवरी से बच्ची हुई। कुछ देर बाद से ही पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। तब मौजूद स्टाफ ने उसे बाहर से हजारों रुपये की दवाई मंगा ली। उसे हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। पत्नी की मौत के बाद स्टाफ ने उसे जानकारी दी कि खून की कमी से उसकी मौत हुई है।
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कोतवाल शिवकुमार सिंह का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। महिला अस्पताल के सीएमएस का कहना है कि परिजनों के आरोप निराधार है। महिला की हालत गंभीर होने पर उन्होंने उसे हायर सेंटर ले जाने के लिए कहा था पर परिजन तैयार नहीं हुए।
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भाई ने भी लगाया लापरवाही का आरोप
महिला के मायके हमीरपुर कस्बे से आए भाई आशीष कुमार ने बताया कि आशा की शादी सात वर्ष पहले सुमित से हुई थी। पति पेंटर का काम करके परिवार का भरण पोषण करता है। तीन बहनों और एक भाई में दूसरे नंबर की आशा थी। यह उसकी पहली संतान है। अस्पताल स्टाफ की लापरवाही से उसकी बहन की मौत हुई है।
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नवजात के सिर से उठा मां का साया
अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से हुई आशा की मौत के बाद उसकी नवजात बच्ची के सिर से जीवन भर के लिए मां का साया हट गया। बच्ची के जन्म लेते ही मां की मौत से परिजनों में भी कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का कहना था कि बिना मां की बच्ची की परवरिश कैसे होगी।
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फोटो-36 बिना प्रसव कराए ही महिला को अस्पताल से लेकर जाते परिजन। संवाद
बिना प्रसव कराए ही करा ले गए छुट्टी
- केस 01
शहर के मोहल्ला बघौरा निवासी इमरान की पत्नी गुलब्शा को भी प्रसव होना था। परिजनों ने उसे महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। शाम को आशा की मौत होने के बाद परिजनों ने भी स्टाफ पर रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए उनके मरीज के इलाज में लापरवाही की बात कही। इसके बाद वह बिना प्रसव कराए ही अपने साथ आई महिला को लेकर अस्पताल से चले गए।

केस-02
कुठौंद थाना क्षेत्र के हदरुख गांव निवासी महेश सिंह भी अपनी पत्नी अंकिता को लेकर प्रसव कराने के लिए शनिवार को जिला महिला अस्पताल पहुंचे थे। जहां अंकिता को भर्ती कर लिया गया था। उन्होंने भी अस्पताल स्टाफ पर प्रसव के नाम पर उनसे 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है।
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