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कोटा बैराज से छोड़ा गया चार लाख क्यूसेक पानी, उफ नाई यमुना
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रपटें पर नहीं लगी रेलिंग
- फोटो : ORAI
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कालपी। पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश से जिले के सीमा से लगे बांध उफना गए है। मंगलवार को कोटा बैराज से युमना में चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के मुताबिक पिछले 24 घंटे में यमुना लगभग दो मीटर बढ़ी है। अभी और पानी छोड़े जाने की आशंका है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। एसडीएम कौशल कुमार ने बताया कि यमुना के जलस्तर पर बराबर नजर रखी जा रही है। बाढ़ राहत चौकियां एलर्ट कर दिया गया है। साथ ही तलहटी के गांवों में मुनादी करा चेतावनी दी दी गई है। फि लहाल यमुना अभी खतरे के निशान से नीचे है।
राजस्थान के कोटा बैराज बांध से मंगलवार को करीब चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी छोड़े जाने से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी रूपेश कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटे में यमुना लगभग दो मीटर फिर बढ़ गई है। बांध से और अधिक पानी छोड़ा जा सकता है। इससे अगले 24 घंटे में यमुना खतरे का निशान पार कर सकती है। प्रतिदिन की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जा रही है। उधर, बाढ़ की आशंका के चलते यमुना पट्टी के किनारे बसे गांवों के बाशिंदों की धड़कने तेज हो गई है। प्रशासन की चेतावनी के बाद ग्रामीण ऊंचाई वाले स्थानों पर बसने लगे है। कई जगहों पर यमुना किनारे की सब्जी की फसलें डूब गई है। यमुना के घाटों की सीढ़ियां भी डूब गई है। प्रशासन ने लोगों से यमुना नदी से दूर रहने की अपील की है। एसडीएम कौशल कुमार ने बताया कि क्षेत्र की छह से अधिक बाढ़ राहत चौकियां अलर्ट है। बाढ़ से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं बेतवा में भी एक बार फिर जलस्तर बढ़ने लगा है। दोनों नदियों के बढ़ते जल स्तर को लेकर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों पर लगातार नजर बनाए रखने और बाढ़ के हालातों से निपटने की तैयारी पूर्ण करने के निर्देश दिए है।
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रविवार शाम चार बजे . 100.86 मीटर
सोमवार शाम चार बजे जलस्तर . 102.50 मीटर
मंगलवार शाम चार बजे जलस्तर . 104.10 मीटर
एलर्ट का निशान . 107 मीटर
खतरे का निशान . 108 मीटर
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इन गांवों के बाशिंदों में है दहशत का माहौल
बाढ़ के चलते शेखपुर गुढा, गुढा खास, पडरी, नरहान, हीरापुर, रायड, मदरालालपुर, देवकली, कीरतपुर, मदारपुर सहित दो दर्जन यमुना पट्टी के गांव के लोग दहशत में हैं।
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राजस्थान के कोटा बैराज बांध से मंगलवार को करीब चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी छोड़े जाने से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी रूपेश कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटे में यमुना लगभग दो मीटर फिर बढ़ गई है। बांध से और अधिक पानी छोड़ा जा सकता है। इससे अगले 24 घंटे में यमुना खतरे का निशान पार कर सकती है। प्रतिदिन की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जा रही है। उधर, बाढ़ की आशंका के चलते यमुना पट्टी के किनारे बसे गांवों के बाशिंदों की धड़कने तेज हो गई है। प्रशासन की चेतावनी के बाद ग्रामीण ऊंचाई वाले स्थानों पर बसने लगे है। कई जगहों पर यमुना किनारे की सब्जी की फसलें डूब गई है। यमुना के घाटों की सीढ़ियां भी डूब गई है। प्रशासन ने लोगों से यमुना नदी से दूर रहने की अपील की है। एसडीएम कौशल कुमार ने बताया कि क्षेत्र की छह से अधिक बाढ़ राहत चौकियां अलर्ट है। बाढ़ से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं बेतवा में भी एक बार फिर जलस्तर बढ़ने लगा है। दोनों नदियों के बढ़ते जल स्तर को लेकर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों पर लगातार नजर बनाए रखने और बाढ़ के हालातों से निपटने की तैयारी पूर्ण करने के निर्देश दिए है।
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रविवार शाम चार बजे . 100.86 मीटर
सोमवार शाम चार बजे जलस्तर . 102.50 मीटर
मंगलवार शाम चार बजे जलस्तर . 104.10 मीटर
एलर्ट का निशान . 107 मीटर
खतरे का निशान . 108 मीटर
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इन गांवों के बाशिंदों में है दहशत का माहौल
बाढ़ के चलते शेखपुर गुढा, गुढा खास, पडरी, नरहान, हीरापुर, रायड, मदरालालपुर, देवकली, कीरतपुर, मदारपुर सहित दो दर्जन यमुना पट्टी के गांव के लोग दहशत में हैं।
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