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डीन एल्गर का बड़ा एलान: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान लेंगे संन्यास, 2026 के बाद क्रिकेट को कहेंगे अलविदा
Wed, 26 Aug 2026 10:13 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Wed, 26 Aug 2026 10:13 PM IST
सार
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान डीन एल्गर ने 2026 सीजन के अंत में सभी तरह के पेशेवर क्रिकेट से संन्यास लेने का एलान किया है। 39 वर्षीय एल्गर ने परिवार को अधिक समय देने को अपने फैसले की मुख्य वजह बताया और दो दशक से ज्यादा लंबे करियर को अलविदा कहने का फैसला किया।
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डीन एल्गर
- फोटो : IANS
विस्तार
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान और अनुभवी सलामी बल्लेबाज डीन एल्गर ने क्रिकेट से संन्यास लेने का एलान कर दिया है। 39 वर्षीय एल्गर 2026 सीजन के अंत में पेशेवर क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कहेंगे। इसके साथ ही दो दशक से अधिक लंबे उनके शानदार क्रिकेट करियर का अंत हो जाएगा। एल्गर ने अपने फैसले की वजह परिवार को अधिक समय देना बताया है। उन्होंने कहा कि अब वह अपने बच्चों और पार्टनर के साथ अधिक समय बिताना चाहते हैं।
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86 टेस्ट में बनाए 5347 रन
डीन एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 86 टेस्ट मैच खेले और 37.92 की औसत से 5347 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 14 शतक हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 199 रन रहा, जो उन्होंने 2017 में बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था। एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी भी 18 टेस्ट मैचों में की। उन्होंने जनवरी 2024 में भारत के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में आखिरी बार प्रोटियाज टीम की कप्तानी की थी। उस मुकाबले में नियमित कप्तान तेम्बा बावुमा चोटिल होने के कारण टीम का हिस्सा नहीं थे।
डीन एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 86 टेस्ट मैच खेले और 37.92 की औसत से 5347 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 14 शतक हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 199 रन रहा, जो उन्होंने 2017 में बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था। एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी भी 18 टेस्ट मैचों में की। उन्होंने जनवरी 2024 में भारत के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में आखिरी बार प्रोटियाज टीम की कप्तानी की थी। उस मुकाबले में नियमित कप्तान तेम्बा बावुमा चोटिल होने के कारण टीम का हिस्सा नहीं थे।
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'अब परिवार के लिए मौजूद रहना चाहता हूं'
अपने संन्यास के फैसले पर एल्गर ने कहा, 'मुझे लगता है कि अब मेरे लिए सही समय है। मैं अब 39 साल का हूं और घर पर बहुत कुछ चल रहा है। मेरे बच्चे तेजी से बड़े हो रहे हैं। मैं अब अपने परिवार के लिए मौजूद रहना चाहता हूं।' उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के लिए 12 साल खेलना और फिर टीम की कप्तानी करना उनके करियर के सबसे गौरवपूर्ण पलों में रहा। एल्गर ने कहा, 'अगर मैं अपने सफर को पीछे मुड़कर देखता हूं तो शायद बहुत कम लोगों ने सोचा होगा कि मेरा क्रिकेट करियर इतना लंबा चलेगा। दो दशक से ज्यादा का करियर होना मेरे लिए बेहद खास है।'
अपने संन्यास के फैसले पर एल्गर ने कहा, 'मुझे लगता है कि अब मेरे लिए सही समय है। मैं अब 39 साल का हूं और घर पर बहुत कुछ चल रहा है। मेरे बच्चे तेजी से बड़े हो रहे हैं। मैं अब अपने परिवार के लिए मौजूद रहना चाहता हूं।' उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के लिए 12 साल खेलना और फिर टीम की कप्तानी करना उनके करियर के सबसे गौरवपूर्ण पलों में रहा। एल्गर ने कहा, 'अगर मैं अपने सफर को पीछे मुड़कर देखता हूं तो शायद बहुत कम लोगों ने सोचा होगा कि मेरा क्रिकेट करियर इतना लंबा चलेगा। दो दशक से ज्यादा का करियर होना मेरे लिए बेहद खास है।'
लॉर्ड्स में इंग्लैंड को हराना सबसे खास पल
एल्गर ने अपने करियर के सबसे यादगार पलों में कप्तान के तौर पर लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ मिली जीत को खास तौर पर याद किया। उन्होंने बताया कि जिस अंदाज और आक्रामक ब्रांड के साथ दक्षिण अफ्रीका ने वह मुकाबला खेला, वह उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण था। उनकी कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट रैंकिंग में भी सुधार किया। एल्गर के कप्तान बनने के समय टीम सातवें स्थान पर थी, जबकि उनके कार्यकाल के अंत तक दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर पहुंच गई थी।
एल्गर ने अपने करियर के सबसे यादगार पलों में कप्तान के तौर पर लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ मिली जीत को खास तौर पर याद किया। उन्होंने बताया कि जिस अंदाज और आक्रामक ब्रांड के साथ दक्षिण अफ्रीका ने वह मुकाबला खेला, वह उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण था। उनकी कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट रैंकिंग में भी सुधार किया। एल्गर के कप्तान बनने के समय टीम सातवें स्थान पर थी, जबकि उनके कार्यकाल के अंत तक दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर पहुंच गई थी।
एसेक्स के साथ भी रहा शानदार सफर
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई के बाद एल्गर ने इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट क्लब एसेक्स का रुख किया। वह 2023 में संन्यास लेने वाले इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज एलिस्टेयर कुक के स्थान पर टीम से जुड़े थे। एसेक्स के लिए खेलते हुए एल्गर ने न सिर्फ रन बनाए, बल्कि युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में भी अहम भूमिका निभाई। क्लब के क्रिकेट निदेशक क्रिस सिल्वरवुड ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि एल्गर का करियर लंबे समय तक टिके रहने, जुझारूपन और क्रिकेट के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एल्गर के पास टेस्ट क्रिकेट का शानदार अनुभव था और उनकी बल्लेबाजी में लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की पुरानी शैली की भूख दिखाई देती थी।
'अब पिता के रूप में जिम्मेदारी निभाने का समय'
भविष्य की योजनाओं के बारे में एल्गर ने कहा कि वह क्रिकेट से कुछ समय का ब्रेक लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक लगातार क्रिकेट खेलने और यात्रा करने के बाद अब वह अपने बच्चों के साथ समय बिताना चाहते हैं। एल्गर ने कहा, 'मैं काफी लंबे समय से क्रिकेट के सफर पर हूं। अब मुझे लगता है कि अपने बच्चों के लिए खड़े होने और उनके साथ मौजूद रहने की मेरी जिम्मेदारी है। पिता बनना ऐसी चीज है, जिसका मैंने वास्तव में बहुत आनंद लिया है।'
चाहते हैं कि मेहनत और जुझारूपन के लिए याद किया जाए
एल्गर ने यह भी बताया कि वह चाहते हैं कि क्रिकेट प्रशंसक उन्हें एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में याद करें जिसने हमेशा जीत के लिए पूरी ताकत से खेला। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि लोग उन्हें मेहनती, जुनूनी और टीम के लिए हर संभव प्रयास करने वाले क्रिकेटर के तौर पर याद रखें। साथ ही हार के बाद विपक्षी खिलाड़ियों का सम्मान करने और उनसे हाथ मिलाने को भी उन्होंने अपने क्रिकेट मूल्यों का हिस्सा बताया।
एसेक्स ने भी की जमकर तारीफ
एसेक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डैन फीस्ट ने एल्गर के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके आने के बाद टीम के शीर्ष क्रम को मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि एल्गर ने अपनी मेहनत, दृढ़ता और पेशेवर रवैये से क्लब में महत्वपूर्ण योगदान दिया। फीस्ट के मुताबिक, एल्गर का योगदान सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने युवा खिलाड़ियों को सलाह देकर टीम के भविष्य को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई के बाद एल्गर ने इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट क्लब एसेक्स का रुख किया। वह 2023 में संन्यास लेने वाले इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज एलिस्टेयर कुक के स्थान पर टीम से जुड़े थे। एसेक्स के लिए खेलते हुए एल्गर ने न सिर्फ रन बनाए, बल्कि युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में भी अहम भूमिका निभाई। क्लब के क्रिकेट निदेशक क्रिस सिल्वरवुड ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि एल्गर का करियर लंबे समय तक टिके रहने, जुझारूपन और क्रिकेट के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एल्गर के पास टेस्ट क्रिकेट का शानदार अनुभव था और उनकी बल्लेबाजी में लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की पुरानी शैली की भूख दिखाई देती थी।
'अब पिता के रूप में जिम्मेदारी निभाने का समय'
भविष्य की योजनाओं के बारे में एल्गर ने कहा कि वह क्रिकेट से कुछ समय का ब्रेक लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक लगातार क्रिकेट खेलने और यात्रा करने के बाद अब वह अपने बच्चों के साथ समय बिताना चाहते हैं। एल्गर ने कहा, 'मैं काफी लंबे समय से क्रिकेट के सफर पर हूं। अब मुझे लगता है कि अपने बच्चों के लिए खड़े होने और उनके साथ मौजूद रहने की मेरी जिम्मेदारी है। पिता बनना ऐसी चीज है, जिसका मैंने वास्तव में बहुत आनंद लिया है।'
चाहते हैं कि मेहनत और जुझारूपन के लिए याद किया जाए
एल्गर ने यह भी बताया कि वह चाहते हैं कि क्रिकेट प्रशंसक उन्हें एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में याद करें जिसने हमेशा जीत के लिए पूरी ताकत से खेला। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि लोग उन्हें मेहनती, जुनूनी और टीम के लिए हर संभव प्रयास करने वाले क्रिकेटर के तौर पर याद रखें। साथ ही हार के बाद विपक्षी खिलाड़ियों का सम्मान करने और उनसे हाथ मिलाने को भी उन्होंने अपने क्रिकेट मूल्यों का हिस्सा बताया।
एसेक्स ने भी की जमकर तारीफ
एसेक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डैन फीस्ट ने एल्गर के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके आने के बाद टीम के शीर्ष क्रम को मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि एल्गर ने अपनी मेहनत, दृढ़ता और पेशेवर रवैये से क्लब में महत्वपूर्ण योगदान दिया। फीस्ट के मुताबिक, एल्गर का योगदान सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने युवा खिलाड़ियों को सलाह देकर टीम के भविष्य को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई।