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दो किसानाें की सदमे से मौत
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sun, 11 Sep 2016 11:12 PM IST
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किसान
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अलग-अलग स्थानाें पर दो किसानाें की सदमे से मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि किसानों की मौत खरीफ की फसल खराब होने के सदमे से हुई है। एक किसान के पर करीब तीन लाख रुपये का कर्ज भी बताया जा रहा है। डकोर थाना के गांव जैसारी निवासी किसान भदोले (60) पुत्र चतुर्भुज के पास 15 बीघा जमीन है। परिजनों का दावा है कि पिछले कई सालाें में
खेती में प्राकृतिक आपदाआें के चलते नुकसान होने से वह परेशान था। उसने किसान क्रेडिट कार्ड से इलाहाबाद बैंक डकोर से करीब तीन लाख रुपये का कर्ज भी ले रखा था। इस बार उसने अपनी पूरी जमीन पर तिल व उर्द की फसल बोई थी। परिजनों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज धूप से फसल सूखने लगी। ये देख उसे सदमा लग गया। शनिवार देर रात
करीब 12 बजे सीने में दर्द की शिकायत हुई। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। सिरसाकलार थाना के गांव मलथुआ निवासी किसान श्यामबिहारी (35) पुत्र बटेश्वर राठौर भी रविवार को अचानक चक्कर खाकर जमीन पर गिर गया। परिजन उसे जिला अस्पताल ला रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। यह देख
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परिजनाें में कोहराम मच गया। परिजनाें ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों की मानें तो उसके खेत की भी फसल पिछले दिनों प्राकृतिक आपदा में नष्ट हो गई थी। किसान की मौत से उसके परिजनाें के सामने खाने पीने का संकट आ गया है। उसके दो बेटियां दिव्या (5) व प्रतीक्षा (2) है जिनके भरण पोषण का जिम्मा अब उनकी
मां पर आ गया है। उधर, एसडीएम संजय सिंह ने बताया कि इन मामलों की प्रशासनिक स्तर से जांच की जाएगी। यदि फसल के सदमे में किसानों की मौत हुई है तो जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
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खेती में प्राकृतिक आपदाआें के चलते नुकसान होने से वह परेशान था। उसने किसान क्रेडिट कार्ड से इलाहाबाद बैंक डकोर से करीब तीन लाख रुपये का कर्ज भी ले रखा था। इस बार उसने अपनी पूरी जमीन पर तिल व उर्द की फसल बोई थी। परिजनों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज धूप से फसल सूखने लगी। ये देख उसे सदमा लग गया। शनिवार देर रात
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करीब 12 बजे सीने में दर्द की शिकायत हुई। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। सिरसाकलार थाना के गांव मलथुआ निवासी किसान श्यामबिहारी (35) पुत्र बटेश्वर राठौर भी रविवार को अचानक चक्कर खाकर जमीन पर गिर गया। परिजन उसे जिला अस्पताल ला रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। यह देख
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परिजनाें में कोहराम मच गया। परिजनाें ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों की मानें तो उसके खेत की भी फसल पिछले दिनों प्राकृतिक आपदा में नष्ट हो गई थी। किसान की मौत से उसके परिजनाें के सामने खाने पीने का संकट आ गया है। उसके दो बेटियां दिव्या (5) व प्रतीक्षा (2) है जिनके भरण पोषण का जिम्मा अब उनकी
मां पर आ गया है। उधर, एसडीएम संजय सिंह ने बताया कि इन मामलों की प्रशासनिक स्तर से जांच की जाएगी। यदि फसल के सदमे में किसानों की मौत हुई है तो जरूरी कार्रवाई की जाएगी।