फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   The government has only rhetoric in the name of employment

Jalaun News: सरकार के पास रोजगार के नाम पर सिर्फ जुमलेबाजी

Fri, 13 Jun 2025 12:51 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jun 2025 12:51 AM IST
विज्ञापन
The government has only rhetoric in the name of employment
उरई। हिंदुस्तान यूनिलीवर फैक्टरी के मामले में गुरुवार को कर्मचारियों को कांग्रेसियों का साथ मिला। प्रदेश कांग्रेस ने एक्स पर फैक्टरी के बांद होने की बात कहते हुए सरकार पर तंज कसा है। लिखा है कि सरकार रोजगार के नाम पर सिर्फ जुमलेबाजी करती है। हकीकत यह है कि कंपनियां बंद होती जा रही हैं। सरकार को इस समय कर्मचारियों के साथ खड़ा होना चाहिए।
विज्ञापन

कर्मचारियों आरोप है कि कालपी रोड स्थित हिंदुस्तान यूनिलीवर फैक्टरी को कथित रूप से अधिकारियों ने अप्रैल में ही बंद कर दिया था। प्रबंधन ने उन्हें इतनी दूर भेजने की बात कही कि वीआरएस लेना पड़ा। इधर, एक माह से अधिक समय तक कंपनी बंद होने के बावजूद अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते रहे।
विज्ञापन

बुधवार को करीब 50 कर्मचारी कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम राजेश कुमार पांडेय से मिले। ज्ञापन देकर बताया कि फैक्टरी को बंद हुए दो माह से अधिक हो गया है। कर्मचारियों को काम पर आने से मना कर दिया गया है। साथ ही वहां लगी मशीनों को भी उखाड़कर दूसरी जगहों पर भेजा जा रहा है। अगर कंपनी बंद हो गई तो वह भुखमरी की कगार पर आ जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस पर गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस ने एक्स पर कर्मचारियों के साथ खड़े होने की बात कहते हुए मौजूदा सरकार पर तंज कसा है। साथ ही कांग्रेस की ओर से कंपनी को दोबारा से शुरू करने की बात सरकार से कही है।


बोले कर्मचारी
फोटो 29- कमलेश कुमार
बंद कमरे में हो गई अधिकारियों और यूनियन की बात
कर्मचारी कमलेश कुमार ने बताया कि कंपनी के बंद होने की सुगबुगाहट उन्हें थी। वहीं भरोसा यह था कि यूनियन के लोग आगे आएंगे। अधिकारियों व यूनियन के पदाधिकारियों ने बंद कमरे में मीटिंग कर ली और आदेश जारी कर दिया।


फोटो 30- लक्ष्मीनारायण

ठेका मजदूर भी हो गए बेरोजगार
कर्मचारी लक्ष्मीनारायण ने बताया कि करीब पांच सौ ठेका कर्मचारियों को भी नौकरी से हटा दिया गया है। उनके घरों में आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गई है। कोई भी कर्मचारियों की बात सुनने के लिए तैयार नहीं है। अगर कंपनी को पूरी तरह से बंद कर दिया तो वह कहां जाएंगे।





वर्जन
एडीएम की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। जो पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच करने के बाद ही टीम उन्हें रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है।

राजेश कुमार पांडेय, डीएम जालौन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed