फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Superintendent arbitrary , troublesome students

अधीक्षक की मनमानी, छात्रों को परेशानी

Mon, 04 Jan 2016 11:34 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई Updated Mon, 04 Jan 2016 11:34 PM IST
विज्ञापन
Superintendent arbitrary , troublesome students
कदौरा ब्लाक में समाज कल्याण विभाग से संचालित राजकीय आश्रम पद्धति
विज्ञापन
विद्यालय बवीना में अव्यवस्थाएं हावी हैं। स्थिति यह है कि यहां पढ़ने वाले छात्र अब विरोध करने पर उतारू हो गए हैं। विद्यालय प्रबंधन और विद्यार्थियाें के बीच चल रही इस खींचतान में यहां की पढ़ाई बाधित हो रही है। शायद यही वजह है कि इस आवासीय विद्यालय में पंजीकृत 438

छात्रों में महज 150 छात्र ही अब यहां पढ़ाई कर रहे हैं। गौरतलब है कि जिले के गरीब बच्चों को आवासीय शिक्षा देने के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से कदौरा ब्लॉक में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। इसमें कक्षा एक से बारहवीं तक के 438 छात्र पंजीकृत हैं। इस विद्यालय में पढ़ रहे छात्रों को सुविधा के नाम पर कुछ भी

नहीं मिल रहा है। पढ़ाई तो दूर, उन्हें खाना भी ठीक नहीं दिया जा रहा है। इस ठंड में न तो उन्हें कंबल दिए जा रहे हैं और न ही ठीक से बिस्तर। एक कंबल में दो-दो बच्चे सोने को मजबूर है। पलंग न होने पर कई बच्चे तो जमीन में लेटने को मजबूर है। ये जानकारी जिले के आला अधिकारियों को भी है लेकिन कोई भी कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। यही नहीं, विद्यालय के अधीक्षक यहां कभी भी रात में नहीं रुकते।

छात्रों को बंद हाल में छोड़ जाते कर्मचारी
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को रात में सोते समय एक हाल में बंद कर ताला जड़ दिया जाता है। इसके बाद कर्मचारी चले जाते हैं। यदि इस बीच किसी छात्र की हालत खराब हो जाए तो उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। वह हाल में बंद ही तड़पते रहेंगे। वार्डन न होेने से यदि उनमें लड़ाई हो जाए तो भी उन्हें समझाने वाला कोई नहीं होता।

फार्मासिस्ट रहता है नदारद
विद्यालय में तैनात फार्मासिस्ट सरोज कुमार विद्यालय से कई दिनों से नदारद है। इसकी जानकारी विद्यालय के अधीक्षक नरेंद्र कुमार को भी नहीं है। फार्मासिस्ट के न होने से यदि कोई छात्र बीमार हुआ तो उनके अभिभावकों को सूचित कर उसे घर पर भेज दिया जाता है।

मेन्यू के मुताबिक नहीं मिलता खाना
विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों ने बताया कि सुबह चाय के नाम पर गर्म पानी दिया जाता है। कभी भी मेन्यू के मुताबिक खाना नहीं मिल रहा है। हमेशा बैगन, आलू की ही सब्जी दे दी जाती है। एक महीने से दाल के दर्शन तक नहीं हुए हैं। हरी सब्जी तो दूर की बात। ये हालत तब है जब प्रति छात्र 70 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से खर्चा मिलता है।

पीने योग्य नहीं पानी
विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को पीने योग्य पानी भी यहां उपलब्ध नहीं है। एक हैडपंप खराब है तो दूसरा भी काफी देर चलने के बाद थोड़ा बहुत पानी देता है। विद्यालय में लगी पानी की टंकी में लीकेज है। इससे उसमें भी भरा पानी ज्यादा देर तक नहीं ठहरता है। टंकी की साफ सफाई काफी दिनों से न होने से उससे दूषित पानी आता है। इससे छात्रों में संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।

सुरक्षा के भी नहीं पुख्ता इंतजाम
विद्यालय में सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है। इसके पीछे का कारण एक यह भी है कि विद्यालय के अधीक्षक कभी रात में रुकते ही नहीं हैं। इससे विद्यालय में तैनात चार पीआरडी के जवान रात में बंद कमरे में नींद लेते रहते हैं। चौकीदार को भी विद्यालय की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं रहती है।

वर्जन
-छात्रों को खाना मेन्यू के अनुसार दिया जा रहा है। इसके अलावा उनकी पढ़ाई में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जा रही है। हां यह जरूर है कि इस समय कई छात्र अपने घर गए हैं जिससे छात्र संख्या कम है। विद्यालय में नहीं रुकने का आरोप गलत है। -  नरेंद्र कुमार, अधीक्षक राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय बवीना

अधीक्षक को निर्देश दिए है कि छात्रों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सभी छात्रों को मेन्यू के मुताबिक भोजन दिया जाए। इस कार्य में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।- जी आर प्रजापति, समाज कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed