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व्यापारियों में दिखा कहीं खुशी तो कहीं गम

Sun, 02 Feb 2020 12:42 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2020 12:42 AM IST
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Somewhere there was happiness in traders and there was sorrow
वैभव - फोटो : ORAI
जालौन/रामपुरा। सुबह से ही बजट को लेकर सबसे अधिक फिक्रमंद कोई था वह था व्यापारी वर्ग और उस पर भी सोने चांदी का कारोबार करने वाले व्यापारी। ज्यों ज्यों बजट पूरा होता गया तो व्यापारियों में कहीं टैक्स स्लैब को देख सुनकर राहत महसूस की गई तो कहीं आयकर फार्म के सरलीकरण पर खुशी नजर आई। सराफा कारोबारी जरूर बजट से निराश दिखे, उन्हें बजट से काफी उम्मीदें भी थी।
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टैक्स में छूट से मिलेगी राहत
जालौन के व्यापारी वैभव अग्रवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने इस स्लैब में बदलाव कर टैक्स छूट को 5 लाख रुपये कर छोटे व मध्यम वर्ग के व्यापारियों को काफी राहत दी है। उन्हें अब 5 लाख रुपये की आमदनी तक कोई टैक्स नहीं देना होगा। सरकार की इस प्रयास से कई नए लोग भी व्यापार के मैदान बेहिचक उतरेंगे और नौकरियों की समस्या भी काफी कम होगी। हर हाथ को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे।
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व्यापारी हित में अच्छा कदम उठाया
जालौन के व्यापारी शिवहरे ने कहा कि चलो अच्छा है कि सरकार ने व्यापारी हित में अच्छा कदम उठाया। आयकर फार्म का सरलीकरण किया गया है। यह व्यापारियों के लिए सबसे बड़ी राहत होगी। अब आयकर फार्म नेट पर ही प्राप्त होगा। जिसे ऑनलाइन भरकर भेज दिया जाएगा। जिससे व्यापारियों के समय की बचत होगी। व्यापारी अब बिना किसी परेशानी व दबाव के अपना कारोबार कर सकेगा।
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सराफा कारोबारियों को बजट निराश कर गया
रामपुरा के सराफा व्यापारी रामजीवन दास का कहना है कि सरकार ने बजट के अंतर्गत आयात शुल्क में कोई छूट नहीं दी है, जिससे कम से कम सराफा व्यापारी तो नाखुश है। इससे व्यापार में गिरावट आएगी और कारोबारी की दिक्कतें भी बढ़ेंगी। बजट का महंगाई पर भी बहुत ज्यादा असर पड़ने वाला नहीं है। दो शब्दों में कहें तो पूरा बजट सराफा कारोबारियों को निराश ही कर गया है।

कपड़ा कारोबार से तो बजट दूरी ही बनाए रहा
रामपुरा के ही कपड़ा व्यापारी जमील अहमद खान ने बताया कि बजट से उम्मीदें थी कि कारोबार में कुछ सहूलियत मिलेगी, टैक्स पर राहत होगी। मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। कपड़ा कारोबार से तो बजट दूरी ही बनाए रहा। यहां तक कि आवागमन के संसाधन ही बढ़ जाते तो भी कुछ ठीक समझा जाता। वे तो यही कहेंगे सरकार को सभी वर्ग के व्यापारियों का ध्यान रखना चाहिए था।

व्यापारी अमित

व्यापारी अमित- फोटो : ORAI

रामजीवन

रामजीवन- फोटो : ORAI

जमील अहमद

जमील अहमद- फोटो : ORAI

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