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मजदूरी की तलाश में भटक रहे हैं मनरेगा मजदूर
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कदौरा। मजदूरी न मिलने से परेशान मनरेगा मजदूरों ने डीएम प्रियंका निरंजन से गुहार लगाई है। मजदूरों का कहना है कि तीन माह से मजदूरी नहीं मिली है। ऐसे में यहां के मजदूर ईंट-भट्टों में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
क्षेत्र के बड़ा गांव निवासी मनरेगा मजदूर बबलू, वीर सिंह, रामसखी, रामचंद्र, लखन आदि ने डीएम को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने बताया कि नवंबर 2021 में 14 नंबर ट्यूबवेल में चकरोड का कार्य किया था। अभी तक मजदूरी नहीं मिली है। इसके बाद से ही गांव में मनरेगा के तहत कार्य भी बंद है। कई बार ब्लाक के अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया पर मजदूरी नहीं मिली। मजबूरी में दिल्ली हरियाणा के ईंट-भट्टों में जाने को मजबूर हैं। मजदूरों ने बताया कि 36 लोगों को मजदूरी नहीं मिली है। ग्राम पंचायत अधिकारी धीरेंद्र सिंह का कहना है कि आधार में गड़बड़ी एवं डबल खाते होने के कारण समस्याएं आ रही हैं। जल्द समस्या का समाधान होगा।
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4.29 करोड़ का बकाया
वित्तीय वर्ष 2021-22 में ब्लाक क्षेत्र की 71 ग्राम पंचायतों में 21.69 करोड़ रुपये का मनरेगा कार्य हो चुका है। इसमें 17.39 करोड़ का भुगतान हो चुका है। जबकि 4.29 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। देखा जाए तो वित्तीय वर्ष को समाप्त होने में अभी भी एक माह शेष है।
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काम बंद, मजदूरी न मिलने से है परेशान
विधानसभा चुनाव में अधिकारियों की व्यस्तता के चलते मनरेगा योजना ब्लाक क्षेत्र में ठप है। ब्लाक क्षेत्र की अधिकतर ग्राम पंचायतों में रोजगार न मिलने के कारण मजदूर पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं।
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क्षेत्र के बड़ा गांव निवासी मनरेगा मजदूर बबलू, वीर सिंह, रामसखी, रामचंद्र, लखन आदि ने डीएम को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने बताया कि नवंबर 2021 में 14 नंबर ट्यूबवेल में चकरोड का कार्य किया था। अभी तक मजदूरी नहीं मिली है। इसके बाद से ही गांव में मनरेगा के तहत कार्य भी बंद है। कई बार ब्लाक के अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया पर मजदूरी नहीं मिली। मजबूरी में दिल्ली हरियाणा के ईंट-भट्टों में जाने को मजबूर हैं। मजदूरों ने बताया कि 36 लोगों को मजदूरी नहीं मिली है। ग्राम पंचायत अधिकारी धीरेंद्र सिंह का कहना है कि आधार में गड़बड़ी एवं डबल खाते होने के कारण समस्याएं आ रही हैं। जल्द समस्या का समाधान होगा।
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4.29 करोड़ का बकाया
वित्तीय वर्ष 2021-22 में ब्लाक क्षेत्र की 71 ग्राम पंचायतों में 21.69 करोड़ रुपये का मनरेगा कार्य हो चुका है। इसमें 17.39 करोड़ का भुगतान हो चुका है। जबकि 4.29 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। देखा जाए तो वित्तीय वर्ष को समाप्त होने में अभी भी एक माह शेष है।
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काम बंद, मजदूरी न मिलने से है परेशान
विधानसभा चुनाव में अधिकारियों की व्यस्तता के चलते मनरेगा योजना ब्लाक क्षेत्र में ठप है। ब्लाक क्षेत्र की अधिकतर ग्राम पंचायतों में रोजगार न मिलने के कारण मजदूर पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं।