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12 विद्युत अफसरों पर धोखाधड़ी व गबन की रिपोर्ट
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12 बिजली अफसरों पर धोखाधड़ी, गबन की रिपोर्ट
करीब 15 साल पहले हुआ था 31 लाख रुपये का गबन
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में मिली थी गड़बड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई (जालौन)। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2005-06 में जिले के कई गांवों में विद्युतीकरण में हुए 31 लाख रुपये के गबन के मामले में 12 बिजली अफसरों के खिलाफ रविवार को शहर कोतवाली में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान झांसी के निरीक्षक अजीत कुमार ने धोखाधड़ी आदि की रिपोर्ट दर्ज कर्राई। मामले की जांच शासन ने सतर्कता अधिष्ठान ने की थी। मामला सही पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई।
जिले के खड़गुई मुस्तकिल, धामनी, खड़गुई दिवारा जमालपुर का भौतिक सत्यापन जेई अशोक कुमार व एसडीओ अभिषेक कुमार ने किया तो कोटा मुस्तकिल, कोटा दिवारा, बिजवहा, अब्दुल्लापुर का भौतिक सत्यापन जेई आलोक खरे ने किया। उगरापुर इटवां, कनार, रसूलपुर, भाऊपुरा, सुरावली, बुढनपुरा का सत्यापन एसडीओ एवं जेई गौरव कुमार ने किया। इसी तरह अन्य गांव का भी सत्यापन किया गया। अभिलेखों व मौखिक साक्ष्यों के सत्यापन से प्रकाश में आया कि विभाग के अफसरों ने उक्त कार्य को मानकों के अनुरूप नहीं कराया। योजना का काम आईबीआरसीएल हैदराबाद को दिया गया था। जिन अफसरों के खिलाफ एफआईआर कराई गई, उन्हीं पर सही काम कराने की जिम्मेदारी थी।
शासन के आदेश पर जब सतर्कता अधिष्ठान झांसी ने जांच की तो 31,28,353 का गबन करने का मामला सामने आया। इस पर सतर्कता अधिष्ठान झांसी के निरीक्षक अजीत कुमार ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में उरई कोतवाली में अधिशासी अभियंता सुबोध कुमार जैन, एसडीओ जीएन मेहरोत्रा, बाबूलाल, अमर लाल, एसडीओ रमेशचंद्र जायसवाल, जेई सोहन स्वरूप कटियार, राजीव कुमार पुष्कर, गोकरन सिंह, अनिल कुमार सिंह, राजवीर सिंह, फर्म मैसर्स आईवी आरसीएल हैदराबाद और भीन सेन यादव के खिलाफ लिखाई है।
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करीब 15 साल पहले हुआ था 31 लाख रुपये का गबन
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में मिली थी गड़बड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई (जालौन)। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2005-06 में जिले के कई गांवों में विद्युतीकरण में हुए 31 लाख रुपये के गबन के मामले में 12 बिजली अफसरों के खिलाफ रविवार को शहर कोतवाली में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान झांसी के निरीक्षक अजीत कुमार ने धोखाधड़ी आदि की रिपोर्ट दर्ज कर्राई। मामले की जांच शासन ने सतर्कता अधिष्ठान ने की थी। मामला सही पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई।
जिले के खड़गुई मुस्तकिल, धामनी, खड़गुई दिवारा जमालपुर का भौतिक सत्यापन जेई अशोक कुमार व एसडीओ अभिषेक कुमार ने किया तो कोटा मुस्तकिल, कोटा दिवारा, बिजवहा, अब्दुल्लापुर का भौतिक सत्यापन जेई आलोक खरे ने किया। उगरापुर इटवां, कनार, रसूलपुर, भाऊपुरा, सुरावली, बुढनपुरा का सत्यापन एसडीओ एवं जेई गौरव कुमार ने किया। इसी तरह अन्य गांव का भी सत्यापन किया गया। अभिलेखों व मौखिक साक्ष्यों के सत्यापन से प्रकाश में आया कि विभाग के अफसरों ने उक्त कार्य को मानकों के अनुरूप नहीं कराया। योजना का काम आईबीआरसीएल हैदराबाद को दिया गया था। जिन अफसरों के खिलाफ एफआईआर कराई गई, उन्हीं पर सही काम कराने की जिम्मेदारी थी।
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शासन के आदेश पर जब सतर्कता अधिष्ठान झांसी ने जांच की तो 31,28,353 का गबन करने का मामला सामने आया। इस पर सतर्कता अधिष्ठान झांसी के निरीक्षक अजीत कुमार ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में उरई कोतवाली में अधिशासी अभियंता सुबोध कुमार जैन, एसडीओ जीएन मेहरोत्रा, बाबूलाल, अमर लाल, एसडीओ रमेशचंद्र जायसवाल, जेई सोहन स्वरूप कटियार, राजीव कुमार पुष्कर, गोकरन सिंह, अनिल कुमार सिंह, राजवीर सिंह, फर्म मैसर्स आईवी आरसीएल हैदराबाद और भीन सेन यादव के खिलाफ लिखाई है।
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