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अधर्म का प्रतीक रावण हुआ धराशायी

Mon, 10 Oct 2016 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Mon, 10 Oct 2016 11:35 PM IST
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Ravana symbolizing the collapse of wrongdoing
मेघनाद से युद्घ करते लक्ष्मण - फोटो : अमर उजाला
अभिमानी रावण व उसके महान बलशाली बेटे मेघनाद का सोमवार को राम और लक्ष्मण ने संहार कर धर्म की स्थापना की। अधर्म पर धर्म, बुराई पर अच्छाई का प्रतीक विजय दशमी पर्व यहां धूमधाम से मनाया गया। धनुताल के विशाल मैदान में लगभग 25 हजार की भीड़ राम-रावण व लक्ष्मण-मेघनाद के बीच हुए घनघोर युद्ध की गवाह बनी। रावण और मेघनाद के
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विशालकाय पुतलों ने मैदान में युद्ध को सजीवता प्रदान की। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। धनुताल मैदान में सोमवार को दशहरा मेला का आयोजन किया गया। मैदान के पूर्वी छोर पर पचास फीट ऊंची पक्की लंका स्थित थी। लंका के सबसे ऊपरी झरोखे में जनकनंदिनी सीता विराजमान हैं। वहीं सामने रावण और मेघनाद के विशालकाय पुतले गाड़ियों
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पर कसे युद्ध के लिए तैयार थे। रावण के इस सैन्य शिविर के ठीक सामने मैदान के पश्चिमी छोर पर अवस्थित लंका विजय हनुमान मंदिर पर राम का सैन्य शिविर दर्शाया गया जबकि मैदान के दक्षिणी तरफ धनुताल के तट पर नंदीग्राम में भरत और शत्रुघ्न विराजमान थे। सबसे पहले मेघनाद का विशालकाय पुतला युद्ध के लिए प्रस्तुत होता है। दोनों ओर से बाणों की
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वर्षा और हनुमान की गदा के प्रहार दर्शकों को रोमांचित कर रहे थे। एक घंटे तक चले इस युद्ध में मेघनाद की अमोघ शक्ति से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। हनुमान संजीवनी बूटी लेने जाते हैं। उनके लौटने के बाद मेघनाद-लक्ष्मण युद्ध होता है और मेघनाद खेत रहता है। उसके पुतले को आग लगा दी जाती है। इसके बाद रावण आता है और तीन दर्जन कहारों से युक्त विमान

में बैठ कर राम लक्ष्मण उससे युद्ध करने के लिए आते हैं। राम-रावण के बीच युद्ध होता है। हनुमान भी हाथी पर बैठ कर भ्रमण करते दिखाई देते हैं। अंत में राम के बाणों में बिंध कर रावण धरती पर आ गिरता है और पुतले में आग लगा दी जाती है। हनुमान की भूमिका में अभिषेक रिछारिया पुन्नी, रावण सूर्यदीप सोनी, मेघनाद सुमित झा निभा रहे थे। रामलीला संचालन


करने वाली मातृ संस्था श्रीधर्मादा रक्षिणी सभा के अध्यक्ष केशव बबेले, मंत्री राकेश अग्रवाल, रामलीला समिति के अध्यक्ष सुधीर सोनी, संजय सोनी, मंत्री सीताशरण पटेल, अभिनय विभाग के अध्यक्ष रमेश तिवारी आदि यहां उपस्थित रहेे। मेला ग्राउंड को सजाने संवारने में पालिका प्रशासन की पूरी टीम पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया के
निर्देशन में वहां लगी रही।
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