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Jalaun News: बारिश ने खोली पोल... मंडियों में भीगा गेहूं, सड़कों पर भरा पानी, कई घंटे बिजली गुल
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फोटो - 10 आटा विद्युत उपकेंद्र में ब्रेकर को ठीक करते कर्मचारी। संवाद
उरई। जिले में बृहस्पतिवार की सुबह तेज हवा और बारिश ने दोहरी तस्वीर पेश की। एक ओर भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली, वहीं दूसरी ओर अव्यवस्थाएं फैल गईं। कई इलाकों में जलभराव, कीचड़, बिजली बाधित हो गई। मंडियों में गेहूं भी भीगने से किसानों को नुकसान हुआ। शहर के सुशील नगर में नाले की मिट्टी पड़ी होने से रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया।
कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में बृहस्पतिवार सुबह हुई तेज बारिश ने गेहूं क्रय केंद्रों की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। मंडी में संचालित विभिन्न क्रय केंद्रों पर रखा 500 क्विंटल से अधिक गेहूं भीग गया, जिससे सरकारी खरीद व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया गया कि मंडी परिसर में आरएफसी, सरकारी संघ माधौगढ़, सरकारी संघ सरावन, केंद्रीय उपभोक्ता भंडार और सहकारी क्रय-विक्रय केंद्र सहित पांच क्रय केंद्र संचालित हैं। इन दिनों किसानों से बड़े पैमाने पर गेहूं की खरीद की जा रही है, लेकिन पर्याप्त भंडारण और समय पर उठान की व्यवस्था न होने के कारण अनाज खुले में रखने की मजबूरी बनी हुई है।
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गुरुवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। टिनशेड के नीचे जगह कम पड़ने के कारण काफी गेहूं खुले में रखा था। बारिश का पानी सीधे गेहूं में भर गया, जिससे वह भीग गया। जानकारी के अनुसार आरएफसी केंद्र पर करीब 200 क्विंटल, सरकारी संघ माधौगढ़ पर 100 क्विंटल, सरकारी संघ सरावन पर लगभग 125 क्विंटल तथा सहकारी क्रय-विक्रय केंद्र पर करीब 100 क्विंटल गेहूं भीग गया।
क्रय केंद्र प्रभारियों अजय कुमार, दीपेंद्र सिंह और राघवेंद्र सिंह ने बताया कि रात में तुलाई के बाद गेहूं को त्रिपाल से ढक दिया गया था, लेकिन तेज हवा के कारण त्रिपाल उड़ गए। उन्होंने कहा कि समय पर उठान न होने के कारण अनाज खुले में रखना पड़ रहा है, जिससे ऐसी स्थिति बन रही है।
नवीन गल्ला मंडी परिसर में गुरुवार सुबह आई तेज आंधी और बारिश से गेहूं खरीद व्यवस्था प्रभावित हो गई। खुले में रखे लगभग एक हजार क्विंटल गेहूं में से करीब 150 क्विंटल गेहूं भीग गया।
मंडी परिसर में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीदने के लिए 15 सरकारी क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अब तक यहां लगभग 33 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है, लेकिन उठान और भंडारण की समुचित व्यवस्था न होने से समस्या उत्पन्न हो रही है। उठान में देरी के कारण मंडी के नीलामी चबूतरे के बाहर गेहूं के बोरों का ढेर लगा हुआ है, जिसे खुले आसमान के नीचे रखना पड़ रहा है। हालांकि त्रिपाल की व्यवस्था की गई है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे तेज हवा और बारिश शुरू हो गई। तेज हवा के चलते कई स्थानों पर त्रिपाल उड़ गए और जलभराव के कारण गेहूं भीग गया। सूचना मिलने पर मंडी सचिव अंकित गुप्ता मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि गेहूं की उठान शीघ्र सुनिश्चित कराई जाए, ताकि आगे नुकसान न हो। (संवाद)
गुरुवार सुबह हुई बारिश के बाद कोंच फर्स्ट फीडर की केबल में अचानक फॉल्ट आ जाने से करीब ढाई घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बताया गया कि रेलवे क्रॉसिंग के पास फीडर लाइन में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे कोंच फर्स्ट बिजलीघर से होने वाली सप्लाई ठप हो गई। सुबह के समय बिजली गुल होने से घरेलू कार्य प्रभावित हुए और लोगों को पानी सहित अन्य समस्याओं से जूझना पड़ा। सूचना मिलते ही जेई अमन पांडे बिजली कर्मचारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लाइन की जांच शुरू कराई। कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद फॉल्ट को खोजकर उसे दुरुस्त किया। जेई ने बताया कि बारिश के कारण केबल में फॉल्ट आ गया था, जिसे ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
गुरुवार सुबह अचानक बदले मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई। हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के चलते मौसम सुहाना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। पिछले कई दिनों से तेज धूप और उमस से परेशान लोग इस बदलाव से राहत महसूस करते नजर आए। बारिश के बाद वातावरण में ताजगी घुल गई और लोगों ने घरों में चाय, पकौड़ी, भजिया और अन्य गरम व्यंजनों का आनंद लिया। मंदिर जाने वाले श्रद्धालु छाता लेकर निकले, वहीं स्कूली बच्चे भी बारिश के बीच छाता लेकर स्कूल जाते दिखाई दिए। मौसम में आई ठंडक का असर यह रहा कि लोगों ने अपने घरों में चल रहे कूलर और एसी तक बंद कर दिए।
बृहस्पतिवार की सुबह तेज हवा और बारिश के चलते आटा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हाईटेंशन लाइन का तार टूटने और ट्रांसफार्मर का ब्रेकर फुंकने से करीब पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
बिजली गुल होने से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा और घरेलू व व्यावसायिक कार्य प्रभावित हुए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम खराब होते ही क्षेत्र की बिजली व्यवस्था जवाब दे जाती है। करीब पांच घंटे बाद कर्मचारियों ने लाइन और ट्रांसफार्मर की मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। जेई नवनीत अग्रवाल ने बताया कि लाइनमैन को भेजकर समस्या का समाधान कराया जा रहा है। जल्द ही सप्लाई चालू हो जाएगी। (संवाद)
एक घंटे की बारिश में आटा में जलभराव, नालियां चोक
आटा। तेज बारिश ने कस्बे की सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। करीब एक घंटे की बारिश में ही कई सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया।
वार्ड नंबर पांच की मुख्य सड़क सबसे अधिक प्रभावित रही, जहां सड़क तालाब जैसी नजर आई। लोगों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण वे चोक पड़ी हैं, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। हर बारिश में यही समस्या सामने आती है। जलभराव के कारण कई स्थानों पर कीचड़ फैल गया और दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन का सामना करना पड़ा। कदौरा बीडीओ संदीप मिश्रा ने बताया कि जलभराव की समस्या संज्ञान में आई है। इसकी जांच करवाकर साफ सफाई करवाई जाएगी।
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कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में बृहस्पतिवार सुबह हुई तेज बारिश ने गेहूं क्रय केंद्रों की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। मंडी में संचालित विभिन्न क्रय केंद्रों पर रखा 500 क्विंटल से अधिक गेहूं भीग गया, जिससे सरकारी खरीद व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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बताया गया कि मंडी परिसर में आरएफसी, सरकारी संघ माधौगढ़, सरकारी संघ सरावन, केंद्रीय उपभोक्ता भंडार और सहकारी क्रय-विक्रय केंद्र सहित पांच क्रय केंद्र संचालित हैं। इन दिनों किसानों से बड़े पैमाने पर गेहूं की खरीद की जा रही है, लेकिन पर्याप्त भंडारण और समय पर उठान की व्यवस्था न होने के कारण अनाज खुले में रखने की मजबूरी बनी हुई है।
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गुरुवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। टिनशेड के नीचे जगह कम पड़ने के कारण काफी गेहूं खुले में रखा था। बारिश का पानी सीधे गेहूं में भर गया, जिससे वह भीग गया। जानकारी के अनुसार आरएफसी केंद्र पर करीब 200 क्विंटल, सरकारी संघ माधौगढ़ पर 100 क्विंटल, सरकारी संघ सरावन पर लगभग 125 क्विंटल तथा सहकारी क्रय-विक्रय केंद्र पर करीब 100 क्विंटल गेहूं भीग गया।
क्रय केंद्र प्रभारियों अजय कुमार, दीपेंद्र सिंह और राघवेंद्र सिंह ने बताया कि रात में तुलाई के बाद गेहूं को त्रिपाल से ढक दिया गया था, लेकिन तेज हवा के कारण त्रिपाल उड़ गए। उन्होंने कहा कि समय पर उठान न होने के कारण अनाज खुले में रखना पड़ रहा है, जिससे ऐसी स्थिति बन रही है।
नवीन गल्ला मंडी परिसर में गुरुवार सुबह आई तेज आंधी और बारिश से गेहूं खरीद व्यवस्था प्रभावित हो गई। खुले में रखे लगभग एक हजार क्विंटल गेहूं में से करीब 150 क्विंटल गेहूं भीग गया।
मंडी परिसर में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीदने के लिए 15 सरकारी क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अब तक यहां लगभग 33 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है, लेकिन उठान और भंडारण की समुचित व्यवस्था न होने से समस्या उत्पन्न हो रही है। उठान में देरी के कारण मंडी के नीलामी चबूतरे के बाहर गेहूं के बोरों का ढेर लगा हुआ है, जिसे खुले आसमान के नीचे रखना पड़ रहा है। हालांकि त्रिपाल की व्यवस्था की गई है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे तेज हवा और बारिश शुरू हो गई। तेज हवा के चलते कई स्थानों पर त्रिपाल उड़ गए और जलभराव के कारण गेहूं भीग गया। सूचना मिलने पर मंडी सचिव अंकित गुप्ता मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि गेहूं की उठान शीघ्र सुनिश्चित कराई जाए, ताकि आगे नुकसान न हो। (संवाद)
गुरुवार सुबह हुई बारिश के बाद कोंच फर्स्ट फीडर की केबल में अचानक फॉल्ट आ जाने से करीब ढाई घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बताया गया कि रेलवे क्रॉसिंग के पास फीडर लाइन में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे कोंच फर्स्ट बिजलीघर से होने वाली सप्लाई ठप हो गई। सुबह के समय बिजली गुल होने से घरेलू कार्य प्रभावित हुए और लोगों को पानी सहित अन्य समस्याओं से जूझना पड़ा। सूचना मिलते ही जेई अमन पांडे बिजली कर्मचारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लाइन की जांच शुरू कराई। कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद फॉल्ट को खोजकर उसे दुरुस्त किया। जेई ने बताया कि बारिश के कारण केबल में फॉल्ट आ गया था, जिसे ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
गुरुवार सुबह अचानक बदले मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई। हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के चलते मौसम सुहाना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। पिछले कई दिनों से तेज धूप और उमस से परेशान लोग इस बदलाव से राहत महसूस करते नजर आए। बारिश के बाद वातावरण में ताजगी घुल गई और लोगों ने घरों में चाय, पकौड़ी, भजिया और अन्य गरम व्यंजनों का आनंद लिया। मंदिर जाने वाले श्रद्धालु छाता लेकर निकले, वहीं स्कूली बच्चे भी बारिश के बीच छाता लेकर स्कूल जाते दिखाई दिए। मौसम में आई ठंडक का असर यह रहा कि लोगों ने अपने घरों में चल रहे कूलर और एसी तक बंद कर दिए।
बृहस्पतिवार की सुबह तेज हवा और बारिश के चलते आटा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हाईटेंशन लाइन का तार टूटने और ट्रांसफार्मर का ब्रेकर फुंकने से करीब पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
बिजली गुल होने से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा और घरेलू व व्यावसायिक कार्य प्रभावित हुए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम खराब होते ही क्षेत्र की बिजली व्यवस्था जवाब दे जाती है। करीब पांच घंटे बाद कर्मचारियों ने लाइन और ट्रांसफार्मर की मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। जेई नवनीत अग्रवाल ने बताया कि लाइनमैन को भेजकर समस्या का समाधान कराया जा रहा है। जल्द ही सप्लाई चालू हो जाएगी। (संवाद)
एक घंटे की बारिश में आटा में जलभराव, नालियां चोक
आटा। तेज बारिश ने कस्बे की सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। करीब एक घंटे की बारिश में ही कई सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया।
वार्ड नंबर पांच की मुख्य सड़क सबसे अधिक प्रभावित रही, जहां सड़क तालाब जैसी नजर आई। लोगों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण वे चोक पड़ी हैं, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। हर बारिश में यही समस्या सामने आती है। जलभराव के कारण कई स्थानों पर कीचड़ फैल गया और दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन का सामना करना पड़ा। कदौरा बीडीओ संदीप मिश्रा ने बताया कि जलभराव की समस्या संज्ञान में आई है। इसकी जांच करवाकर साफ सफाई करवाई जाएगी।

फोटो - 10 आटा विद्युत उपकेंद्र में ब्रेकर को ठीक करते कर्मचारी। संवाद

फोटो - 10 आटा विद्युत उपकेंद्र में ब्रेकर को ठीक करते कर्मचारी। संवाद

फोटो - 10 आटा विद्युत उपकेंद्र में ब्रेकर को ठीक करते कर्मचारी। संवाद

फोटो - 10 आटा विद्युत उपकेंद्र में ब्रेकर को ठीक करते कर्मचारी। संवाद