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ऑनलाइन शापिंग में धोखाधड़ी करने वालों की तलाश में छापे
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कालपी में राजा इलेक्ट्रॉनिक के गोदाम पर जांच करती क्राइम ब्रांच की टीम
- फोटो : ORAI
कालपी (जालौन)। ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी के मामले में कानपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने नगर में इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों के यहां छापेमारी की। इससे बाजार के व्यापारियों में हड़कंप मचा रहा। हिरासत में लिए गए इन कारोबारियों की दुकान, गोदाम व घर से ब्रांडेड कंपनियों का लाखों रुपये का इलेक्ट्रॉनिक सामान भी बरामद किया गया है। देर शाम मोबाइल सिम बेचने वाले व्यापारी के यहां भी दबिश दी गई, जिसमें बड़ी संख्या में फर्जी आईडी से एक्टिवेट सिम, मोबाइल व लैपटॉप बरामद किया गया। बताते हैं कुल छह व्यापारियों को टीम ने उठाया है। कई अन्य की तलाश भी की जा रही है।
बता दें कि एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेजॉन के अधिकारी ने कानपुर में एक संगठित गिरोह पर ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर कंपनी से लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। कानपुर साउथ एसपी दीपक भूकर के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम मामले की जांच कर रही है। मामले में कानपुर से भी कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें शामिल कालपी के एक आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह कंपनी से धोखाधड़ी किया हुआ माल कालपी में इलेक्ट्रॉनिक कारोबारियों को कम दामों में बेचता था।
उसकी ही निशानदेही पर मंगलवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने नगर के इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी गुप्ता कारपोरेशन, अरविंद इलेक्ट्रॉनिक, पुरवार ट्रेडर्स, राजा इलेक्ट्रिकल्स सहित कई कारोबारियों के यहां छापेमारी की। कुछ कारोबारी तो अपनी दुकानें बंद कर इधर-उधर हो गए। क्राइम ब्रांच की टीम ने अरविंद इलेक्ट्रॉनिक के गोपाल व गुप्ता कारपोरेशन के रानू गुप्ता नामक दो कारोबारियों को हिरासत में लिया है।
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क्राइम ब्रांच की टीम के मुताबिक मामले में नगर के आधा दर्जन से अधिक लोगों के नाम और सामने आए हैं। जल्द ही उन्हें भी सामने लाया जाएगा। कालपी में कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट एसपी साउथ को सौंपी जाएगी। उधर, देर शाम एक सिम बेचने वाले कारोबारी राहुल को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। पास से बड़ी संख्या में फर्जी आईडी से एक्टिवेट सिम, मोबाइल व लैपटॉप बरामद किया गया है।
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक गिरोह सरगना व मास्टरमाइंड कालपी के ही एक मोहल्ले का निवासी है। वह कानपुर में रहता है व उसे पिछले दिनों कानपुर से गिरफ्तार किया जा चुका है। उसकी निशानदेही पर ही यह कार्रवाई हुई है। क्राइम ब्रांच के अफसरों का कहना है कि गिरफ्तार मास्टर माइंड की संपत्ति की भी जांच कराई जाएगी। एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से जुड़े मैनेजर अभिषेक बताते हैं कि दर्जनों युवा फर्जी ई मेल एकाउंट, अन्य व्यक्ति के आधार कार्ड व फर्जी सिम के माध्यम से एकाउंट साइन अप करते हैं। फिर मल्टीनेशनल व नेशनल ऑनलाइन कंपनियों से गीजर, लैपटॉप के पार्ट्स आदि महंगे सामान खरीदते हैं।
इसके बाद गलत उत्पाद या खाली डिब्बा प्राप्त होने की शिकायत दर्ज करवाकर उत्पाद के पैकेट में अन्य उत्पाद रखकर कंपनी को वापस भेज देते हैं। इस पर कंपनियां अपने ग्राहक की समस्या समझकर इन जालसाजों को पूरा पैसा वापस कर देती हैं। नगर में दर्जनों बेरोजगार युवक महंगे शौक, स्पोर्ट बाइक, लग्जरी कार व अन्य खर्चों के लिए इस गलत काम को अपना हुनर मानकर करते हैं।
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बता दें कि एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेजॉन के अधिकारी ने कानपुर में एक संगठित गिरोह पर ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर कंपनी से लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। कानपुर साउथ एसपी दीपक भूकर के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम मामले की जांच कर रही है। मामले में कानपुर से भी कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें शामिल कालपी के एक आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह कंपनी से धोखाधड़ी किया हुआ माल कालपी में इलेक्ट्रॉनिक कारोबारियों को कम दामों में बेचता था।
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उसकी ही निशानदेही पर मंगलवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने नगर के इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी गुप्ता कारपोरेशन, अरविंद इलेक्ट्रॉनिक, पुरवार ट्रेडर्स, राजा इलेक्ट्रिकल्स सहित कई कारोबारियों के यहां छापेमारी की। कुछ कारोबारी तो अपनी दुकानें बंद कर इधर-उधर हो गए। क्राइम ब्रांच की टीम ने अरविंद इलेक्ट्रॉनिक के गोपाल व गुप्ता कारपोरेशन के रानू गुप्ता नामक दो कारोबारियों को हिरासत में लिया है।
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क्राइम ब्रांच की टीम के मुताबिक मामले में नगर के आधा दर्जन से अधिक लोगों के नाम और सामने आए हैं। जल्द ही उन्हें भी सामने लाया जाएगा। कालपी में कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट एसपी साउथ को सौंपी जाएगी। उधर, देर शाम एक सिम बेचने वाले कारोबारी राहुल को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। पास से बड़ी संख्या में फर्जी आईडी से एक्टिवेट सिम, मोबाइल व लैपटॉप बरामद किया गया है।
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक गिरोह सरगना व मास्टरमाइंड कालपी के ही एक मोहल्ले का निवासी है। वह कानपुर में रहता है व उसे पिछले दिनों कानपुर से गिरफ्तार किया जा चुका है। उसकी निशानदेही पर ही यह कार्रवाई हुई है। क्राइम ब्रांच के अफसरों का कहना है कि गिरफ्तार मास्टर माइंड की संपत्ति की भी जांच कराई जाएगी। एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से जुड़े मैनेजर अभिषेक बताते हैं कि दर्जनों युवा फर्जी ई मेल एकाउंट, अन्य व्यक्ति के आधार कार्ड व फर्जी सिम के माध्यम से एकाउंट साइन अप करते हैं। फिर मल्टीनेशनल व नेशनल ऑनलाइन कंपनियों से गीजर, लैपटॉप के पार्ट्स आदि महंगे सामान खरीदते हैं।
इसके बाद गलत उत्पाद या खाली डिब्बा प्राप्त होने की शिकायत दर्ज करवाकर उत्पाद के पैकेट में अन्य उत्पाद रखकर कंपनी को वापस भेज देते हैं। इस पर कंपनियां अपने ग्राहक की समस्या समझकर इन जालसाजों को पूरा पैसा वापस कर देती हैं। नगर में दर्जनों बेरोजगार युवक महंगे शौक, स्पोर्ट बाइक, लग्जरी कार व अन्य खर्चों के लिए इस गलत काम को अपना हुनर मानकर करते हैं।