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अधर्म का प्रतीक रावण हुआ धराशाई
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शहर गल्ला मंडी में रावण पुतला दहन देखती लोग
- फोटो : ORAI
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कोंच। अभिमानी रावण और उसके बलशाली बेटे मेघनाद का शनिवार को राम और लक्ष्मण ने संहार करके धर्म की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। बुराई पर अच्छाई का प्रतीक विजयदशमी पर्व यहां धूमधाम से मनाया गया। कोंच की ऐतिहासिक रामलीला के 169वें महोत्सव में धनुताल के विशाल मैदान में राम-रावण तथा लक्ष्मण-मेघनाद के बीच युद्घ हुआ। अंत में असत्य पर सत्य की जीत होती है और श्रीराम अपने बाण से रावण का धराशाई कर देते है। रावण वध होते ही जय-जयश्रीराम का उद्घोष गुंजायमान हो जाता है।
धनुताल में शनिवार को दशहरा मेला का आयोजन परंपरागत रूप से किया गया। सबसे पहले मेघनाद का पुतला युद्घ के लिए प्रस्तुत होता है। हाथी पर सवार लक्ष्मण और हनुमान उससे युद्घ करने आते हैं। दोनों ओर से वाणों की वर्षा और हनुमान की गदा के प्रहार दर्शकों को रोमांचित कर रहे थे। तकरीबन एक घंटे तक चले इस युद्घ में मेघनाद की अमोघ शक्ति से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। हनुमान संजीवनी बूटी लेने जाते हैं और भरत के वाण प्रहार से आहत हो गिर पड़ते हैं तब भरत उन्हें वाण से लंका भेजते हैं। इसके बाद एक बार फिर मेघनाद-लक्ष्मण युद्घ शुरू होता है और मेघनाद का वध हो जाता है। उसके पुतले को आग लगा दी जाती है। विमान में बैठकर राम लक्ष्मण उससे युद्घ करने के लिए आते हैं। अंत में राम के वाणों में बिंधकर रावण डोलता हुआ धरती पर आ गिरता है और पुतले में आग लगा दी जाती है। हनुमान की भूमिका में हरिश्चंद्र तिवारी निभा रहे थे जबकि रावण की भूमिका अरुण पटेल, कुंभकर्ण विश्वंभर झा व मेघनाद बड़े लला कुशवाहा। केंद्रीय राज्यमंत्री भानुप्रताप सिंह वर्मा, पूर्व मंत्री हरिओम उपाध्याय, विधायक मूलचंद्र निरंजन ने भी मेले में रहकर लोगों को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं। श्रीधर्मादा रक्षिणी सभा के अध्यक्ष गंगाचरण वाजपेयी, मिथलेश गुप्ता, नवनीत गुप्ता, पीडी रिछारिया, प्रतीक मिश्रा, अध्यक्ष राजकुमार पटेल, अरविंद मिश्रा, अखिलेश चचौंदिया, संजय सोनी, रमेश तिवारी, डॉ मृदुल दांतरे आदि रहे।
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रावण वध होते ही एक दूसरे को दी बधाई
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई/जालौन। गल्ला मंडी स्थित गल्ला व्यापारी समिति की ओर से संचालित रामलीला में रावण दहन लीला का मंचन किया गया। रामलीला मैदान से राम व रावण की सेनाएं बग्घी, बैंडों के साथ गल्ला मंडी पहुंची। जहां रामलीला कलाकारों ने अभिनय दिखाते हुए युद्ध किया। इसके बाद रावण का पुतला दहन हुआ। लोगों ने पान खिलाकर एक दूसरे को बधाई दी। विधायक गौरीशंकर वर्मा, डीएम प्रियंका निरंजन, एसपी रवि कुमार ने राम लक्ष्मण की आरती की। इस दौरान राम के रूप में पिंकी महाराज, सीता बृजेश, लक्ष्मण केके शुक्ला, भरत बृजेश शर्मा, शत्रुघ्न प्रिंस चतुर्वेदी , हनुमानजी रविंद्र शुक्ला, विभीषण घनाराम, गुरु वशिष्ठ रमेश दुबे ने अभिनय के जौहर दिखाए। मंच संचालन पवन चतुर्वेदी ने किया।
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पान खिलाकर दी दशहरा की बधाई
विजयादशमी पर विश्वकर्मा समाजसेवा समिति के अध्यक्ष श्यामबाबू विश्वकर्मा की अध्यक्षता में भगवान विश्वकर्मा मंदिर में बैठक हुई। जिसमें सेवा समिति और अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के पदाधिकारियों ने आपस में एकदूसरे को पान खिलाकर दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दी। वहीं समाज में व्याप्त कुरीतियों और आपसी वैमनस्यता को दूर कर आपसी प्रेम सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। इस दौरान एसबी विश्वकर्मा, रामलाल विश्वकर्मा, नवीन विश्वकर्मा, महेश विश्वकर्मा, दीपक झा, संजय,शैलेंद्र विश्वकर्मा, जितेंद्र आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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धनुताल में शनिवार को दशहरा मेला का आयोजन परंपरागत रूप से किया गया। सबसे पहले मेघनाद का पुतला युद्घ के लिए प्रस्तुत होता है। हाथी पर सवार लक्ष्मण और हनुमान उससे युद्घ करने आते हैं। दोनों ओर से वाणों की वर्षा और हनुमान की गदा के प्रहार दर्शकों को रोमांचित कर रहे थे। तकरीबन एक घंटे तक चले इस युद्घ में मेघनाद की अमोघ शक्ति से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। हनुमान संजीवनी बूटी लेने जाते हैं और भरत के वाण प्रहार से आहत हो गिर पड़ते हैं तब भरत उन्हें वाण से लंका भेजते हैं। इसके बाद एक बार फिर मेघनाद-लक्ष्मण युद्घ शुरू होता है और मेघनाद का वध हो जाता है। उसके पुतले को आग लगा दी जाती है। विमान में बैठकर राम लक्ष्मण उससे युद्घ करने के लिए आते हैं। अंत में राम के वाणों में बिंधकर रावण डोलता हुआ धरती पर आ गिरता है और पुतले में आग लगा दी जाती है। हनुमान की भूमिका में हरिश्चंद्र तिवारी निभा रहे थे जबकि रावण की भूमिका अरुण पटेल, कुंभकर्ण विश्वंभर झा व मेघनाद बड़े लला कुशवाहा। केंद्रीय राज्यमंत्री भानुप्रताप सिंह वर्मा, पूर्व मंत्री हरिओम उपाध्याय, विधायक मूलचंद्र निरंजन ने भी मेले में रहकर लोगों को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं। श्रीधर्मादा रक्षिणी सभा के अध्यक्ष गंगाचरण वाजपेयी, मिथलेश गुप्ता, नवनीत गुप्ता, पीडी रिछारिया, प्रतीक मिश्रा, अध्यक्ष राजकुमार पटेल, अरविंद मिश्रा, अखिलेश चचौंदिया, संजय सोनी, रमेश तिवारी, डॉ मृदुल दांतरे आदि रहे।
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रावण वध होते ही एक दूसरे को दी बधाई
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई/जालौन। गल्ला मंडी स्थित गल्ला व्यापारी समिति की ओर से संचालित रामलीला में रावण दहन लीला का मंचन किया गया। रामलीला मैदान से राम व रावण की सेनाएं बग्घी, बैंडों के साथ गल्ला मंडी पहुंची। जहां रामलीला कलाकारों ने अभिनय दिखाते हुए युद्ध किया। इसके बाद रावण का पुतला दहन हुआ। लोगों ने पान खिलाकर एक दूसरे को बधाई दी। विधायक गौरीशंकर वर्मा, डीएम प्रियंका निरंजन, एसपी रवि कुमार ने राम लक्ष्मण की आरती की। इस दौरान राम के रूप में पिंकी महाराज, सीता बृजेश, लक्ष्मण केके शुक्ला, भरत बृजेश शर्मा, शत्रुघ्न प्रिंस चतुर्वेदी , हनुमानजी रविंद्र शुक्ला, विभीषण घनाराम, गुरु वशिष्ठ रमेश दुबे ने अभिनय के जौहर दिखाए। मंच संचालन पवन चतुर्वेदी ने किया।
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पान खिलाकर दी दशहरा की बधाई
विजयादशमी पर विश्वकर्मा समाजसेवा समिति के अध्यक्ष श्यामबाबू विश्वकर्मा की अध्यक्षता में भगवान विश्वकर्मा मंदिर में बैठक हुई। जिसमें सेवा समिति और अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के पदाधिकारियों ने आपस में एकदूसरे को पान खिलाकर दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दी। वहीं समाज में व्याप्त कुरीतियों और आपसी वैमनस्यता को दूर कर आपसी प्रेम सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। इस दौरान एसबी विश्वकर्मा, रामलाल विश्वकर्मा, नवीन विश्वकर्मा, महेश विश्वकर्मा, दीपक झा, संजय,शैलेंद्र विश्वकर्मा, जितेंद्र आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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