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जालौन: अब अस्पताल में मरीज को स्क्रीन में देख सकेंगे तीमारदार, ऑक्सीजन की कमी का वीडियो वायरल
Wed, 05 May 2021 09:33 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 05 May 2021 09:33 PM IST
सार
डीएम ने निर्देश दिया कि अस्पताल के प्रत्येक स्टाफ को आई कार्ड जारी किए जाएं और वह अपना पहचान पत्र लगाकर रखें।
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मेडिकल कालेज के निरीक्षण के दौरान प्राचार्य से जानकारी लेती डीएम प्रियंका निरंजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जालौन जिले के उरई में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बुधवार को मेडिकल कालेज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौजूद चिकित्सकों व नर्सों को अपने दायित्वों के निर्वहन पर किसी प्रकार की हीलाहवाली न करने का निर्देश दिया।
उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल में एक बड़ी स्क्रीन लगवाई जाए, जिसका सीधा प्रसारण आईसीयू तथा कोविड-19 वार्ड से हो ताकि मरीजों के परिवार के लोग अपने मरीज की स्थिति देख सकें और इलाज से संतुष्ट हो सके। डीएम ने निर्देश दिया कि अस्पताल के प्रत्येक स्टाफ को आई कार्ड जारी किए जाएं और वह अपना पहचान पत्र लगाकर रखें।
यदि संभव हो तो मरीजों के परिजनों को भी गुलाबी कार्ड जारी किए जाएं ताकि उनकी पहचान आसानी से हो सके। उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिया कि ऑक्सीजन प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए ताकि कोई वहां तक न पहुंच पाए। इसके लिए अलग से स्टाफ की भी तैनाती की जाए।
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आक्सीजन प्लांट में एक शिफ्ट में 50 कर्मचारी तथा तीन शिफ्ट के लिए 150 कर्मचारी लगाए जाए। इनके सुपरवीजन के लिए 30 सुपरवाइजरों की नियुक्ति भी की जाए। उन्होंने आईसीयू तथा कोविड19 वार्ड का भी निरीक्षण किया तथा व्यवस्था के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। बताया कि इस समय कुल 200 मरीज मेडिकल कालेज में भर्ती हैं।
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उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल में एक बड़ी स्क्रीन लगवाई जाए, जिसका सीधा प्रसारण आईसीयू तथा कोविड-19 वार्ड से हो ताकि मरीजों के परिवार के लोग अपने मरीज की स्थिति देख सकें और इलाज से संतुष्ट हो सके। डीएम ने निर्देश दिया कि अस्पताल के प्रत्येक स्टाफ को आई कार्ड जारी किए जाएं और वह अपना पहचान पत्र लगाकर रखें।
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यदि संभव हो तो मरीजों के परिजनों को भी गुलाबी कार्ड जारी किए जाएं ताकि उनकी पहचान आसानी से हो सके। उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिया कि ऑक्सीजन प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए ताकि कोई वहां तक न पहुंच पाए। इसके लिए अलग से स्टाफ की भी तैनाती की जाए।
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आक्सीजन प्लांट में एक शिफ्ट में 50 कर्मचारी तथा तीन शिफ्ट के लिए 150 कर्मचारी लगाए जाए। इनके सुपरवीजन के लिए 30 सुपरवाइजरों की नियुक्ति भी की जाए। उन्होंने आईसीयू तथा कोविड19 वार्ड का भी निरीक्षण किया तथा व्यवस्था के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। बताया कि इस समय कुल 200 मरीज मेडिकल कालेज में भर्ती हैं।
मरीजों के इलाज तथा भोजन की समुचित व्यवस्था की जाए तथा देखरेख में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। इस दौरान एसपी डॉ यशवीर सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह, मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ डी नाथ सहित समस्त मेडिकल कालेज स्टाफ मौजूद रहा।
‘फोन पर आई समस्या का तत्काल निस्तारण करें’
डीएम प्रियंका निरंजन ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य, सीएमओ, एडीएम, नगर मजिस्ट्रेट, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं समस्त नोडल अधिकारी कोविड को आदेशित किया कि कोविड19 के प्रभारी नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए जिले के प्रभारी मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों से उनके जनपद में कोविड नियंत्रण तथा समस्याओं के निराकरण के बारे में संवाद करने तथा उनके सुझावों को प्राप्त कर उन पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों के टेलीफोन व मोबाइल पर यदि जनप्रतिनिधियों की कॉल आती है उन्हें तत्काल अटेंड किया जाए और उनकी समस्या का निराकरण किया जाए।
ऑक्सीजन की कमी का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें एक छात्रा मेडिकल कालेज में भर्ती अपने मरीज के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग करती है। छात्रा का आरोप है कि उनकी मां का ऑक्सीजन लेवल 72 है लेकिन उनके लिए ऑक्सीजन सिलिंडर का इंतजाम नहीं किया जा रहा है। वहीं प्राचार्य डॉ. डी नाथ का कहना है कि मेडिकल कालेज में न तो बेड की कमी है और न ऑक्सीजन की समस्या है।
‘फोन पर आई समस्या का तत्काल निस्तारण करें’
डीएम प्रियंका निरंजन ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य, सीएमओ, एडीएम, नगर मजिस्ट्रेट, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं समस्त नोडल अधिकारी कोविड को आदेशित किया कि कोविड19 के प्रभारी नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए जिले के प्रभारी मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों से उनके जनपद में कोविड नियंत्रण तथा समस्याओं के निराकरण के बारे में संवाद करने तथा उनके सुझावों को प्राप्त कर उन पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों के टेलीफोन व मोबाइल पर यदि जनप्रतिनिधियों की कॉल आती है उन्हें तत्काल अटेंड किया जाए और उनकी समस्या का निराकरण किया जाए।
ऑक्सीजन की कमी का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें एक छात्रा मेडिकल कालेज में भर्ती अपने मरीज के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग करती है। छात्रा का आरोप है कि उनकी मां का ऑक्सीजन लेवल 72 है लेकिन उनके लिए ऑक्सीजन सिलिंडर का इंतजाम नहीं किया जा रहा है। वहीं प्राचार्य डॉ. डी नाथ का कहना है कि मेडिकल कालेज में न तो बेड की कमी है और न ऑक्सीजन की समस्या है।