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कोरोना मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की सुविधा
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उरई। कोरोना संक्रमण का दौर शुरू हुए छह माह से ज्यादा हो गया है। कोरोना बचाव के लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका आदि के साथ पूरे लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मरीजों के लिए अस्पतालों के साथ अब होम आइसोलेशन की सुविधा भी शुरू हो गई है। होम आइसोलेशन के नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
सीएमओ डा. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अल्पना बरतारिया ने बताया कि अब आरटीपीसीआर, ट्रूनेट व एंटीजन तीनों प्रकार की जांच के माध्यम से प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की जा रही है। अब तक 34 हजार से अधिक लोगों का सैंपल लेकर जांच हो चुकी है, जिसमें अभी तक कुल 1056 लोग पॉजिटिव मिले है, इसमें 809 लोग सही भी हो चुके हैं। वर्तमान में जनपद में 233 कोरोना मरीज एक्टिव हैं। मरीजों के इलाज और आइसोलेशन के लिए एल-1 इकाई के रुप में जमुना पैलेस, मधुवन विला संचालित है। जबकि एल.2 इकाई राजकीय मेडिकल कालेज में संचालित है जहां कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को रखा जा रहा है।
जनपद में अब होम आइसोलेशन की भी मंजूरी हो गई है। जिन कोरोना संक्रमितों को लक्षण नहीं हैं, उन्हें सरकार द्वारा प्रतिपादित गाइडलाइन के अनुसार घर पर आइसोलेट होने की मंजूरी दी जा रही है। वर्तमान में 50 से अधिक लोगों को घरों में आइसोलेट किया गया है, जिसकी मानीटरिंग प्रशासन के द्वारा की जा रही है। श्रीहरि में भी आइसोलेशन की सुविधा है, जिसमें आइसोलेशन के लिए निर्धारित शुल्क अदा करना होता है।
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ई-संजीवनी ओपीडी सेवा भी संचालित
घर बैठे चिकित्सीय परामर्श सेवा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा टेलीमेडिसिन (ई-संजीवनी) ओपीडी सेवा शुरू की गई है। ई-संजीवनी एप या वेबसाइट के माध्यम से मरीज खुद का रजिस्ट्रेशन करओपीडी सेवा ले सकता है। ई-संजीवनी एप प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है उनके लिए उपकेंद्र स्तरीय हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर (सीएचओ) व एएनएम के द्वारा टेबलेट का उपयोग कर ई-संजीवनी की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस समय 50 हेल्थ वेलनेस सेंटर में यह सुविधा दी जा रही है।
लार्वा मिलने पर पांच को नोटिस
जिला मलेरिया अधिकारी जीएस स्वर्णकार ने बताया कि शहरी क्षेत्र के 34 वार्डों में टीम बनाकर फॉगिंग कराई जा रही है। जनवरी से अब तक दो गांव, 48 वार्ड और 57 मोहल्लों में फॉगिंग कराई जा चुकी है। सोर्स रिडक्शन के काम में 325 टीमें लगी हैं। टीम ने 5677 घरों का सर्वेक्षण किया है। जहां मच्छर पाए जाने की संभावना पर 165 पात्र खाली कराए है। पांच घरों में मच्छरों के लार्वा मिलने पर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि जनवरी से अब तक 7851 रक्त स्लाइड बनाई गई है। जिसमें 11 केस धनात्मक निकले।
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सीएमओ डा. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अल्पना बरतारिया ने बताया कि अब आरटीपीसीआर, ट्रूनेट व एंटीजन तीनों प्रकार की जांच के माध्यम से प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की जा रही है। अब तक 34 हजार से अधिक लोगों का सैंपल लेकर जांच हो चुकी है, जिसमें अभी तक कुल 1056 लोग पॉजिटिव मिले है, इसमें 809 लोग सही भी हो चुके हैं। वर्तमान में जनपद में 233 कोरोना मरीज एक्टिव हैं। मरीजों के इलाज और आइसोलेशन के लिए एल-1 इकाई के रुप में जमुना पैलेस, मधुवन विला संचालित है। जबकि एल.2 इकाई राजकीय मेडिकल कालेज में संचालित है जहां कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को रखा जा रहा है।
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जनपद में अब होम आइसोलेशन की भी मंजूरी हो गई है। जिन कोरोना संक्रमितों को लक्षण नहीं हैं, उन्हें सरकार द्वारा प्रतिपादित गाइडलाइन के अनुसार घर पर आइसोलेट होने की मंजूरी दी जा रही है। वर्तमान में 50 से अधिक लोगों को घरों में आइसोलेट किया गया है, जिसकी मानीटरिंग प्रशासन के द्वारा की जा रही है। श्रीहरि में भी आइसोलेशन की सुविधा है, जिसमें आइसोलेशन के लिए निर्धारित शुल्क अदा करना होता है।
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ई-संजीवनी ओपीडी सेवा भी संचालित
घर बैठे चिकित्सीय परामर्श सेवा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा टेलीमेडिसिन (ई-संजीवनी) ओपीडी सेवा शुरू की गई है। ई-संजीवनी एप या वेबसाइट के माध्यम से मरीज खुद का रजिस्ट्रेशन करओपीडी सेवा ले सकता है। ई-संजीवनी एप प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है उनके लिए उपकेंद्र स्तरीय हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर (सीएचओ) व एएनएम के द्वारा टेबलेट का उपयोग कर ई-संजीवनी की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस समय 50 हेल्थ वेलनेस सेंटर में यह सुविधा दी जा रही है।
लार्वा मिलने पर पांच को नोटिस
जिला मलेरिया अधिकारी जीएस स्वर्णकार ने बताया कि शहरी क्षेत्र के 34 वार्डों में टीम बनाकर फॉगिंग कराई जा रही है। जनवरी से अब तक दो गांव, 48 वार्ड और 57 मोहल्लों में फॉगिंग कराई जा चुकी है। सोर्स रिडक्शन के काम में 325 टीमें लगी हैं। टीम ने 5677 घरों का सर्वेक्षण किया है। जहां मच्छर पाए जाने की संभावना पर 165 पात्र खाली कराए है। पांच घरों में मच्छरों के लार्वा मिलने पर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि जनवरी से अब तक 7851 रक्त स्लाइड बनाई गई है। जिसमें 11 केस धनात्मक निकले।