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शार्ट सर्किट से बैंक में लगी आग
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Sun, 03 Jan 2016 11:10 PM IST
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इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की मुहम्मदाबाद शाखा में रविवार को तड़के शार्ट
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सर्किट से आग लग गई। इस दौरान कंप्यूटर रूम में रखे कई कंप्यूटर भी जल गए।
आग की लपटें देख आनन-फानन बैंक के भवन मालिक ने बैंक कर्मियों को सूचित
किया। हड़बड़ाहट में पहुंचे बैंक कर्मियों ने अग्निशमन विभाग को सूचना दी।
मौके पर पहुंची टीम ने एक घंटे के कड़ी
मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक अंतर्गत ग्राम मुहम्मदाबाद शाखा बीते कई वर्षों से किराए के भवन में संचालित है। कुसमिलिया, ऐरी, रमपुरा, बंधौली, गुढ़ा, सिमिरिया, कुठौंदा चिल्ली आदि करीब दर्जन भर गांवों के लोगों के खाते हैं। रविवार सुबह चार बजे शॉर्ट सर्किट होने से बैंक के कंप्यूटर कक्ष में आग लग गई।
इससे बैंक में रखीं ग्राहकों की पॉलिसियां, कंप्यूटर व अन्य सामग्री जलकर राख हो गए। सुबह टहलने निकले भवन स्वामी पूर्व प्रधान कृष्ण स्वरूप त्रिपाठी ने बैंक में आग लगी देखी तो उन्होंने आनन-फानन विभाग को फोन कर बैंक का लाइट कटवाई। इसके बाद बैंक अधिकारियों को सूचित किया। इस दौरान क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से आग बुझाने में जुट गए।
सूचना मिलते ही बैंक प्रबंधक शिव कुमार वर्मा और कर्मचारी देवेंद्र सक्सेना मौके पर पहुंचे और अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी। थोड़ी ही देर में अग्निशमन टीम भी मौके पर जा पहुंची। टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान कई कंप्यूटर और दस्तावेज जलकर राख हो गए।
बैटरियां जलतीं तो होता बड़ा नुकसान
बैंक के अंदर कंप्यूटर कक्ष में लगी आग इन्वर्टर की बैटरियों तक नहीं पहुंच पाई। अगर बैटरियां जलतीं तो आग से पूरा बैंक जल उठता। यह आग फैल भी सकती थी। ऐसे में बड़ा हादसा होने का डर था।
अव्यवस्थित तार भी हैं खतरा
बैंक में लंबे समय से बिजली के तार अव्यवस्थित ढंग से लगे हुए थे। जगह-जगह लटकते तारों में जोड़ नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि तारों में शार्ट सर्किट हो गया और आग लग गई। अब भी यदि व्यवस्था को ठीक नहीं किया गया तो यहां दोबारा बड़ी दुर्घटना होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
शोपीस बने रहे अग्निशमन यंत्र
बैंक में आग बुझाने के लिए पानी का ही सहारा लिया गया। हालांकि इसके पूर्व बैंक की विद्युत आपूर्ति को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। अग्निरोधक यंत्र बैंक के एक कोने में सजे रहे। इन्हें कैसे चलाया जाए इस बात को लेकर बैंक कर्मी अनभिज्ञ दिखे। सूत्रों के अनुसार बैंक में टंगे ये यंत्र एक्सपायर भी हो चुके हैं।
बैंक कर्मी से तू-तू मैं-मैं
मौके पर पहुंचे लोगों ने बैंक कर्मी देवेंद्र सक्सेना से उनकी पालिसी के बारे में पूछा तो वह आगबबूला हो गए। इस दौरान लोगों से उनकी तू तू मैं मैं भी होती दिखाई दी। लोगाें का बैंक कर्मी पर गलत व्यवहार करने का आरोप भी लगाया। बैंक प्रबंधक शिव कुमार वर्मा के बीच बचाव के बाद किसी तरह मामला शांत हो सका।
बैंक की व्यवस्थाओं को लेकर कई बार अपने उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। आग की सूचना से भी अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। इसके साथ ही व्यवस्थाओं को लेकर दोबारा अधिकारियों को लिखित तौर पर अवगत कराएंगे। - शिव कुमार वर्मा, प्रबंधक, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक
मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक अंतर्गत ग्राम मुहम्मदाबाद शाखा बीते कई वर्षों से किराए के भवन में संचालित है। कुसमिलिया, ऐरी, रमपुरा, बंधौली, गुढ़ा, सिमिरिया, कुठौंदा चिल्ली आदि करीब दर्जन भर गांवों के लोगों के खाते हैं। रविवार सुबह चार बजे शॉर्ट सर्किट होने से बैंक के कंप्यूटर कक्ष में आग लग गई।
इससे बैंक में रखीं ग्राहकों की पॉलिसियां, कंप्यूटर व अन्य सामग्री जलकर राख हो गए। सुबह टहलने निकले भवन स्वामी पूर्व प्रधान कृष्ण स्वरूप त्रिपाठी ने बैंक में आग लगी देखी तो उन्होंने आनन-फानन विभाग को फोन कर बैंक का लाइट कटवाई। इसके बाद बैंक अधिकारियों को सूचित किया। इस दौरान क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से आग बुझाने में जुट गए।
सूचना मिलते ही बैंक प्रबंधक शिव कुमार वर्मा और कर्मचारी देवेंद्र सक्सेना मौके पर पहुंचे और अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी। थोड़ी ही देर में अग्निशमन टीम भी मौके पर जा पहुंची। टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान कई कंप्यूटर और दस्तावेज जलकर राख हो गए।
बैटरियां जलतीं तो होता बड़ा नुकसान
बैंक के अंदर कंप्यूटर कक्ष में लगी आग इन्वर्टर की बैटरियों तक नहीं पहुंच पाई। अगर बैटरियां जलतीं तो आग से पूरा बैंक जल उठता। यह आग फैल भी सकती थी। ऐसे में बड़ा हादसा होने का डर था।
अव्यवस्थित तार भी हैं खतरा
बैंक में लंबे समय से बिजली के तार अव्यवस्थित ढंग से लगे हुए थे। जगह-जगह लटकते तारों में जोड़ नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि तारों में शार्ट सर्किट हो गया और आग लग गई। अब भी यदि व्यवस्था को ठीक नहीं किया गया तो यहां दोबारा बड़ी दुर्घटना होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
शोपीस बने रहे अग्निशमन यंत्र
बैंक में आग बुझाने के लिए पानी का ही सहारा लिया गया। हालांकि इसके पूर्व बैंक की विद्युत आपूर्ति को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। अग्निरोधक यंत्र बैंक के एक कोने में सजे रहे। इन्हें कैसे चलाया जाए इस बात को लेकर बैंक कर्मी अनभिज्ञ दिखे। सूत्रों के अनुसार बैंक में टंगे ये यंत्र एक्सपायर भी हो चुके हैं।
बैंक कर्मी से तू-तू मैं-मैं
मौके पर पहुंचे लोगों ने बैंक कर्मी देवेंद्र सक्सेना से उनकी पालिसी के बारे में पूछा तो वह आगबबूला हो गए। इस दौरान लोगों से उनकी तू तू मैं मैं भी होती दिखाई दी। लोगाें का बैंक कर्मी पर गलत व्यवहार करने का आरोप भी लगाया। बैंक प्रबंधक शिव कुमार वर्मा के बीच बचाव के बाद किसी तरह मामला शांत हो सका।
बैंक की व्यवस्थाओं को लेकर कई बार अपने उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। आग की सूचना से भी अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। इसके साथ ही व्यवस्थाओं को लेकर दोबारा अधिकारियों को लिखित तौर पर अवगत कराएंगे। - शिव कुमार वर्मा, प्रबंधक, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक