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सूखा राहत घोटाले में तीन से पूछताछ

Sat, 31 Oct 2015 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालौन
ब्यूरो/अमर उजाला, जालौन Updated Sat, 31 Oct 2015 12:10 AM IST
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Three people arrested in drought relief scams

तहसील में उजागर हुए सूखा राहत घोटाले की जांच ने तेजी पकड़ ली है। पुलिस

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परतें उखाड़ रही है। इस मामले में हालांकि पुलिस के साथ-साथ विभागीय जांच भी जारी है और एक कर्मचारी को निलंबित भी कर दिया गया था लेकिन बीच में ऐसा लगा जैसे जांच की आंच मंद पड़ गई हो।

पर चुनाव बीतते ही एकाएक पुलिस ने मामले की जांच में तेजी ला दी है। इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया है और पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। मुख्य मास्टर माइंड अखिलेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।

कोंच तहसील में सूखा राहत के खजाने में बड़ी सेंधमारी का मामला लगभग दो माह पूर्व प्रकाश में आया था। इस मामले में पूर्व तहसीलदार दुर्गेश यादव तथा सूखा राहत प्रभारी रजिस्ट्रार कानूनगो अभय सिंह द्वारा कोतवाली में अलग-अलग दो एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
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शुरू में जिस तेजी से विभागीय और पुलिस की जांचें चलीं उनसे लगता था कि जल्द ही घोटाले का पटाक्षेप हो जाएगा लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। सरकारी खजाने पर हाथ साफ करने वाले अभी भी पुलिस गिरफ्त से उतनी ही दूर हैं जितने एक महीने पहले थे।
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इस बीच तहसील प्रशासन का सारा ध्यान इस बात पर तो लगा रहा कि किसी तरह घोटाले में खुर्द-बुर्द हुए धन की वसूली हो जाए और सरकारी दबाव बना कर इसमें सफलता भी पा ली गई। इसके बाद जांच के नाम पर लगभग दोनों ही एजेंसियां, विभाग और पुलिस ठंडे पड़ गए।

लेकिन पिछले दो दिनों पुलिस जांच ने एकाएक गति पकड़ी है और दो लेखपालों सहित तीन लोगों जिनमें मास्टर माइंड का परिजन भी शामिल है, को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

अब उनसे पूछताछ की जा रही है। नामजद गैरसरकारी तीन अभियुक्तों जिनमें घोटाले का मास्टर माइंड अखिलेश निरंजन भी है, अभी फिलहाल गिरफ्तार नहीं किए जा सके हैं। जो 835 चेक तहसील के दफ्तर से चोरी गये थे, उन्हें बरामद करने के साथ मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।

आत्मदाह की घोषणा ने पहुंचाया कोतवाली
सूखा राहत घोटाले की आंच में सबसे पहले झुलसने वाले सूखा राहत प्रभारी रजिस्ट्रार कानूनगो अभय सिंह हैं। उनके खिलाफ सबसे पहले निवर्तमान तहसीलदार दुर्गेश यादव द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई थी। कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को अंडर कस्टडी में लेकर कोतवाली में बैठा लिया है।


वे मामले में आत्मदाह की घोषणा कर चुके थे जिससे प्रशासन के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई थीं। गौरतलब है कि अभय सिंह ने प्रशासन को पत्र लिख कर जांच में बरती जा रही ढील का हवाला देते हुए परिवार सहित धरना देने और आत्मदाह की धमकी दी थी जिसके बाद चौकन्ने हुए प्रशासन ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

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