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सेंट्रल बैंक में दिनदहाड़े पांच लाख की लूट
अमर उजाला जालौन
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:22 AM IST
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बैंक में जांंच करते डीआईजी
- फोटो : amarujala
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उरई। शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित सेंट्रल बैंक इंडिया की शाखा से शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे दो नकाबपोश बदमाशों ने 5.16 लाख रुपये लूट लिए। दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने बैंक में तीन हथगोले भी फोड़े। इससे बैंक कर्मियों सहित चार लोग घायल हो गए। धमाकों से आसपास सनसनी फैल गई। एसपी, एएसपी के साथ बम निरोधक दस्ते ने बैंक में जांच पड़ताल की। सीसीटीवी फुटेज में तस्वीर स्पष्ट न होने से बदमाशों की पहचान नहीं हो पाई है। एसपी ने खुलासे के लिए चार टीमें लगाई हैं।
शहर के मोहल्ला राजेंद्र नगर स्थित गांधी महाविद्यालय भवन में सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की शाखा है। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे दो युवक बूाइक से बैंक शाखा पहुंचे। इनमें एक हेलमेट लगाए था और दूसरा मुंह पर कपड़ा लपेटे था। इन युवकों ने एक के बाद एक तीन हथगोले बैंक के अंदर फोड़े। इससे खलबली मच गई। बारूद और धमाके से उड़े कंकड़ लगने से कैशियर सुहासिनी, क्लर्क सुभाष करकेटा, ग्राहक रामकुमार और दीपक घायल हो गए। इसी बीच मुंह पर कपड़ा लपेटने वाला युवक कैश काउंटर में घुसा गया और उसने कैशियर सुहासिनी पर तमंचा तान दिया। तमंचे के बल पर बदमाश ने अपने बैग में नोटों के बंडल भरे और बाइक से भाग निकले। बैंक में लूट की सूचना मिलने पर एसपी अमरेंद्र सिंह, एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी शहर कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी ने बाद बम निरोधक दस्ता बुलाकर जांच कराई। शाखा प्रबंधक संजय मेहरोत्रा ने बताया कि बदमाश करीब पांच लाख 16 हजार रुपये ले गए हैं। मैनेजर ने बताया कि बदमाश खजाने तक नहीं पहुंच पाए। खजाने में उस वक्त करीब 20 लाख रुपये रखे थे। लूट के दौरान दूसरा बदमाश मुख्य गेट के पास तमंचा लिए खड़ा था। एसपी ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले लेकिन बदमाशों की साफ फोटो नहीं आई है। प्रथम दृष्टया वारदात में दो ही बदमाशों के शामिल होने की पुष्टि हो रही है। बैंक के बाहर न ही कैमरा लगा है और न ही गार्ड ही मौजूद था। मोहल्ले में लगे सीसी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जाएंगे। खुलासे के लिए स्वाट टीम सहित चार टीमों को लगाया गया है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि बदमाशों की संख्या पांच थी। वह एक काली और एक कत्थई रंग की बाइक पर सवार थे। वारदात के बाद बदमाश करमेर रोड की ओर संकरी गलियों से होकर भाग निकले।
दो मिनट में लूट ले गए बैंक
उरई। सेंट्रल बैंक में लूट को अंजाम देने वाले बदमाश बहुत ही शातिर हैं। वह पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम देने आए थे। आने और जाने के लिए बदमाशों ने अलग अलग रास्ता चुना और महज 2 मिनट में शहर के बीच में स्थित बैंक से पांच लाख से अधिक का कैश लूट ले गए।
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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की गांधी महाविद्यालय शाखा से शुक्रवार सुबह दो बदमाश 5 लाख 16 हजार रुपये लूट ले गए। बीच शहर में हुई लूट की इस वारदात को अंजाम देने में बदमाशों को महज 2 मिनट का समय लगा। सीसीटीवी कैमरे रिकार्ड के मुताबिक सुबह 11:04 बजे दोनों बदमाश बैंक में घुसे। एक हेलमेट लगाए था जबकि दूसरा चेहरा कपड़े से ढके था। घुसते ही दोनों चिल्लाए सब लोग बाहर निकला और एक के बाद एक तीन हथगोले जमीन पर पटके। इससे धमाकों के साथ बैंक में चारों ओर धुआं ही धुआं छा गया। इसके बाद हेलमेट लगाए तमंचा लेकर गेट पर खड़ा हो गया और दूसरा कैश काउंटर में जा घुसा। गेट पर खड़ा बदमाश फिर चीखा सब लोग जल्दी से बाहर निकलो, जान की खैर चाहते हो तो कोई चालाकी मत करना वर्ना कोई नहीं बचेगा। दूसरे बदमाश ने हेड कैशियर सुहासिनी को तमंचा दिखाकर कैश काउंटर में रखे 5.16 लाख रुपये अपने बैग में भर लिए। 11: 06 बजे बदमाश बैंक से निकल गए। अगले एक मिनट में वह बैंक से दूर जा चुके थे। बदमाशों में लूट में जिस तरह की फुर्ती दिखाई उससे साबित होता है कि वह बहुत ही शातिर हैं और पूरी प्लानिंग बनाकर वारदात को अंजाम दिया। आने और जाने के रास्ते पहले से तय कर थे। बदमाशों को पता था कि बैंक के बाहर गार्ड नहीं रहता है। दहशत फैलाने के लिए तीन हथगोले दागे, आसपास के लोग जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक बदमाश वारदात को अंजाम देकर भाग चुके थे। बदमाशों के भागने से करीब 10 मिनट बाद पुलिस पहुंची तब तक बैंककर्मियों और ग्राहकों के चेहरों में दहशत दिख रही थी।
पहले से तय कर लिए थे आने-जाने के रास्ते
बैंक में लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए आने जाने के रास्ते तय कर लिए थे। वारदात के तरीके से लगता है कि बदमाश इलाके से पूरी तरह वाकिफ थे। सेंट्रल बैंक गली में है। इसके एक तरफ 1 किलोमीटर पर कोतवाली है और दूसरी ओर 500 मीटर पर रेलवे स्टेशन है। बदमाश रेलवे स्टेशन रोड से आए और करमेर रोड की ओर से संकरी गलियों से होकर भागे। भागते समय किसी ने उन्हें भटकते नहीं देखा, इससे जाहिर है कि बदमाश आसपास की गलियों से भी परिचित थे।
छानबीन में पुलिस के हाथ लगे सुराग
वारदात के बाद सीओ सिटी संतोष कुमार और स्वाट टीम ने उन गलियों में छानबीन की जिससे बदमाश आए और भागे थे। पुलिस ने गली में लोगों से पूछताछ करने के साथ मकानों में सीसी कैमरे भी खंगाले। एक जनरल स्टोर संचालक और धोबी से पुलिस को कुछ सुराग हाथ लगे हैं। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में एक संदिग्ध बाइक का नंबर मिला है। पुलिस बाइक मालिक के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि नंबर सही निकला तो लुटेरे जल्द ही गिरफ्त में होंगे।
मोबाइल डाटा फिल्टरेशन से बदमाश ढूंढेगी पुलिस
पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी वारदात को बिना रेकी अंजाम नहीं दिया जा सकता। वारदात से पहले बदमाशों का कोई साथी बैंक के भीतर या आसपास जरूर रहा होगा। उसने मोबाइल पर बदमाशों से संपर्क किया होगा। इस क्लू की पड़ताल के लिए पुलिस सुबह 11 बजे से 11.04 बजे तक बैंक के पास के टावरों से मोबाइल नंबरों का डाटा फिल्टरेशन कराएगी। बैंक कर्मियों के मोबाइल की काल डिटेल भी खंगाली जाएगी।
आतंकी हमला समझ
बैंक के भीतर एक के बाद एक धमाके होने से बैंककर्मियों, ग्राहकों के साथ आसपास रहने वाले लोग दहशत में आ गए। लोगोें को लगा बैंक में आतंकी हमला हो गया है। बैंक कर्मियों ने कहा कि आजकल टेलीविजन पर जिस तरह आतंकी घटनाएं दिखाई जा रही हैं उससे लगा कि बैंक में आतंकवादी ही घुस आए हैं, अब बचना मुश्किल है। धमाके के बाद धुआं होते ही बैंक कर्मी मेजों के नीचे दुबक गए। मोहल्ले के जगदीश ने बताया कि घर जा रहे थे। धमाकों के बाद बैंक से धुआं और चीखें सुनकर लगा कि आतंकी घुस आए हैं। कुछ मिनट बाद बैंक का सायरन बजने लगा। इस पर वह भागकर घर में जा घुसे। फिर पता लगा कि आतंकी नहीं लुटेरे थे। ग्राहक निमेंद्र ने बताया बदमाश ने अपने काले रंग के बैग से बम निकालकर फोड़ा था। मुझे तो लगा कि आज वाकई आतंकवादियों से पाला पड़ गया।
फूट फूटकर रोई सहायक मैनेजर सुहासिनी
लखनऊ निवासी सुहासिनी पत्नी प्रदीप बैंक में सहायक मैनेजर हैं। वह दो महीने से हेड कैशियर का काम देख रही हैं। बदमाश ने सुहासिनी पर तमंचा तान सामने कैश लूट लिया। धमाके की आवाज के बाद गन प्वाइंट पर रहीं सुहासिनी सबसे ज्यादा दहशत में हैं। वारदात के बाद वह बार बार खजाने के कमरे में जाती और फूट फूट कर रोने लगती। साथियों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें संभाला। सुहासिनी ने बताया कि बदमाश ने गंदी गंदी गालियां भी दी थीं।
- मैनेजर ने बंद किया खजाने का चैनल
मैनेजर संजय ने बताया कि जब एक बदमाश कैश काउंटर में घुसा तो वे समझ गए कि डाका पड़ गया है इसलिए उन्होंने साथी कपिल को आवाज दी और वे दोनों खजाने वाले कमरे में घुस गए। बदमाश भीतर न आ सके, इस कारण उन्होंने खजाने का चैनल भी भीतर से बंद कर लिया। इसके बाद सीदे एलडीएम पुलक राय को फोन मिलाकर घटना से अवगत कराया।
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शहर के मोहल्ला राजेंद्र नगर स्थित गांधी महाविद्यालय भवन में सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की शाखा है। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे दो युवक बूाइक से बैंक शाखा पहुंचे। इनमें एक हेलमेट लगाए था और दूसरा मुंह पर कपड़ा लपेटे था। इन युवकों ने एक के बाद एक तीन हथगोले बैंक के अंदर फोड़े। इससे खलबली मच गई। बारूद और धमाके से उड़े कंकड़ लगने से कैशियर सुहासिनी, क्लर्क सुभाष करकेटा, ग्राहक रामकुमार और दीपक घायल हो गए। इसी बीच मुंह पर कपड़ा लपेटने वाला युवक कैश काउंटर में घुसा गया और उसने कैशियर सुहासिनी पर तमंचा तान दिया। तमंचे के बल पर बदमाश ने अपने बैग में नोटों के बंडल भरे और बाइक से भाग निकले। बैंक में लूट की सूचना मिलने पर एसपी अमरेंद्र सिंह, एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी शहर कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी ने बाद बम निरोधक दस्ता बुलाकर जांच कराई। शाखा प्रबंधक संजय मेहरोत्रा ने बताया कि बदमाश करीब पांच लाख 16 हजार रुपये ले गए हैं। मैनेजर ने बताया कि बदमाश खजाने तक नहीं पहुंच पाए। खजाने में उस वक्त करीब 20 लाख रुपये रखे थे। लूट के दौरान दूसरा बदमाश मुख्य गेट के पास तमंचा लिए खड़ा था। एसपी ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले लेकिन बदमाशों की साफ फोटो नहीं आई है। प्रथम दृष्टया वारदात में दो ही बदमाशों के शामिल होने की पुष्टि हो रही है। बैंक के बाहर न ही कैमरा लगा है और न ही गार्ड ही मौजूद था। मोहल्ले में लगे सीसी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जाएंगे। खुलासे के लिए स्वाट टीम सहित चार टीमों को लगाया गया है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि बदमाशों की संख्या पांच थी। वह एक काली और एक कत्थई रंग की बाइक पर सवार थे। वारदात के बाद बदमाश करमेर रोड की ओर संकरी गलियों से होकर भाग निकले।
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दो मिनट में लूट ले गए बैंक
उरई। सेंट्रल बैंक में लूट को अंजाम देने वाले बदमाश बहुत ही शातिर हैं। वह पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम देने आए थे। आने और जाने के लिए बदमाशों ने अलग अलग रास्ता चुना और महज 2 मिनट में शहर के बीच में स्थित बैंक से पांच लाख से अधिक का कैश लूट ले गए।
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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की गांधी महाविद्यालय शाखा से शुक्रवार सुबह दो बदमाश 5 लाख 16 हजार रुपये लूट ले गए। बीच शहर में हुई लूट की इस वारदात को अंजाम देने में बदमाशों को महज 2 मिनट का समय लगा। सीसीटीवी कैमरे रिकार्ड के मुताबिक सुबह 11:04 बजे दोनों बदमाश बैंक में घुसे। एक हेलमेट लगाए था जबकि दूसरा चेहरा कपड़े से ढके था। घुसते ही दोनों चिल्लाए सब लोग बाहर निकला और एक के बाद एक तीन हथगोले जमीन पर पटके। इससे धमाकों के साथ बैंक में चारों ओर धुआं ही धुआं छा गया। इसके बाद हेलमेट लगाए तमंचा लेकर गेट पर खड़ा हो गया और दूसरा कैश काउंटर में जा घुसा। गेट पर खड़ा बदमाश फिर चीखा सब लोग जल्दी से बाहर निकलो, जान की खैर चाहते हो तो कोई चालाकी मत करना वर्ना कोई नहीं बचेगा। दूसरे बदमाश ने हेड कैशियर सुहासिनी को तमंचा दिखाकर कैश काउंटर में रखे 5.16 लाख रुपये अपने बैग में भर लिए। 11: 06 बजे बदमाश बैंक से निकल गए। अगले एक मिनट में वह बैंक से दूर जा चुके थे। बदमाशों में लूट में जिस तरह की फुर्ती दिखाई उससे साबित होता है कि वह बहुत ही शातिर हैं और पूरी प्लानिंग बनाकर वारदात को अंजाम दिया। आने और जाने के रास्ते पहले से तय कर थे। बदमाशों को पता था कि बैंक के बाहर गार्ड नहीं रहता है। दहशत फैलाने के लिए तीन हथगोले दागे, आसपास के लोग जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक बदमाश वारदात को अंजाम देकर भाग चुके थे। बदमाशों के भागने से करीब 10 मिनट बाद पुलिस पहुंची तब तक बैंककर्मियों और ग्राहकों के चेहरों में दहशत दिख रही थी।
पहले से तय कर लिए थे आने-जाने के रास्ते
बैंक में लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए आने जाने के रास्ते तय कर लिए थे। वारदात के तरीके से लगता है कि बदमाश इलाके से पूरी तरह वाकिफ थे। सेंट्रल बैंक गली में है। इसके एक तरफ 1 किलोमीटर पर कोतवाली है और दूसरी ओर 500 मीटर पर रेलवे स्टेशन है। बदमाश रेलवे स्टेशन रोड से आए और करमेर रोड की ओर से संकरी गलियों से होकर भागे। भागते समय किसी ने उन्हें भटकते नहीं देखा, इससे जाहिर है कि बदमाश आसपास की गलियों से भी परिचित थे।
छानबीन में पुलिस के हाथ लगे सुराग
वारदात के बाद सीओ सिटी संतोष कुमार और स्वाट टीम ने उन गलियों में छानबीन की जिससे बदमाश आए और भागे थे। पुलिस ने गली में लोगों से पूछताछ करने के साथ मकानों में सीसी कैमरे भी खंगाले। एक जनरल स्टोर संचालक और धोबी से पुलिस को कुछ सुराग हाथ लगे हैं। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में एक संदिग्ध बाइक का नंबर मिला है। पुलिस बाइक मालिक के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि नंबर सही निकला तो लुटेरे जल्द ही गिरफ्त में होंगे।
मोबाइल डाटा फिल्टरेशन से बदमाश ढूंढेगी पुलिस
पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी वारदात को बिना रेकी अंजाम नहीं दिया जा सकता। वारदात से पहले बदमाशों का कोई साथी बैंक के भीतर या आसपास जरूर रहा होगा। उसने मोबाइल पर बदमाशों से संपर्क किया होगा। इस क्लू की पड़ताल के लिए पुलिस सुबह 11 बजे से 11.04 बजे तक बैंक के पास के टावरों से मोबाइल नंबरों का डाटा फिल्टरेशन कराएगी। बैंक कर्मियों के मोबाइल की काल डिटेल भी खंगाली जाएगी।
आतंकी हमला समझ
बैंक के भीतर एक के बाद एक धमाके होने से बैंककर्मियों, ग्राहकों के साथ आसपास रहने वाले लोग दहशत में आ गए। लोगोें को लगा बैंक में आतंकी हमला हो गया है। बैंक कर्मियों ने कहा कि आजकल टेलीविजन पर जिस तरह आतंकी घटनाएं दिखाई जा रही हैं उससे लगा कि बैंक में आतंकवादी ही घुस आए हैं, अब बचना मुश्किल है। धमाके के बाद धुआं होते ही बैंक कर्मी मेजों के नीचे दुबक गए। मोहल्ले के जगदीश ने बताया कि घर जा रहे थे। धमाकों के बाद बैंक से धुआं और चीखें सुनकर लगा कि आतंकी घुस आए हैं। कुछ मिनट बाद बैंक का सायरन बजने लगा। इस पर वह भागकर घर में जा घुसे। फिर पता लगा कि आतंकी नहीं लुटेरे थे। ग्राहक निमेंद्र ने बताया बदमाश ने अपने काले रंग के बैग से बम निकालकर फोड़ा था। मुझे तो लगा कि आज वाकई आतंकवादियों से पाला पड़ गया।
फूट फूटकर रोई सहायक मैनेजर सुहासिनी
लखनऊ निवासी सुहासिनी पत्नी प्रदीप बैंक में सहायक मैनेजर हैं। वह दो महीने से हेड कैशियर का काम देख रही हैं। बदमाश ने सुहासिनी पर तमंचा तान सामने कैश लूट लिया। धमाके की आवाज के बाद गन प्वाइंट पर रहीं सुहासिनी सबसे ज्यादा दहशत में हैं। वारदात के बाद वह बार बार खजाने के कमरे में जाती और फूट फूट कर रोने लगती। साथियों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें संभाला। सुहासिनी ने बताया कि बदमाश ने गंदी गंदी गालियां भी दी थीं।
- मैनेजर ने बंद किया खजाने का चैनल
मैनेजर संजय ने बताया कि जब एक बदमाश कैश काउंटर में घुसा तो वे समझ गए कि डाका पड़ गया है इसलिए उन्होंने साथी कपिल को आवाज दी और वे दोनों खजाने वाले कमरे में घुस गए। बदमाश भीतर न आ सके, इस कारण उन्होंने खजाने का चैनल भी भीतर से बंद कर लिया। इसके बाद सीदे एलडीएम पुलक राय को फोन मिलाकर घटना से अवगत कराया।