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सपा का करीबी है वारंटी, कई आपराधिक मामले भी दर्ज
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कोंच (जालौन)। अनारसिंह समाजवादी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता रहा है। वर्तमान में ग्राम गिदवासा से क्षेत्र पंचायत सदस्य है। वर्ष 2006 में सपा से नगर पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था और हार गया था। वर्ष 2012 में बेटा रणवीर सिंह नगर पंचायत नदीगांव का अध्यक्ष चुना गया था। 2015 में अनारसिंह गिदवासा ग्राम से बीडीसी चुना गया।
अनार सिंह पर एक दर्जन से भी अधिक आपराधिक मामले नदीगांव थाने में दर्ज हैं। जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, बलवा आदि के मामले शामिल हैं। नदीगांव थाने में उसकी हिस्ट्री शीट भी खुली है। सपा की राजनीति करते हुए अनार की छवि दबंग नेता के रुप में जानी जाती है। अनार का क्षेत्र के ही एक और प्रभावशाली व्यक्ति से विवाद से चलता है। जिस कारण भी वह आएदिन सुर्खियों में रहता था। अनार का इलाके में खासा रसूख है। सपा से अनार के संबंधों के बारे में पार्टी जिलाध्यक्ष वीरपाल दादी का कहना है कि अनार सपा में जरूर है, लेकिन शुक्रवार की घटना की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
मुठभेड़ की दहशत में रहे ग्रामीण
दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग से ग्रामीणों ने समझा कि पुलिस की किसी बदमाश से मुठभेड़ हो गई। बाद में पता चला कि अनार को छुड़ाने के लिए उसके कुछ करीबी रिश्तेदारों ने समर्थकों के साथ मिलकर पुलिस पर फायरिंग की है। जिससे देर रात तक पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा।
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घटना के बाद खोखे बटोरती रही पुलिस
अनार के हाथ से निकलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस फायरिंग में चली गोलियों के खोखे बटोरती रही, जिससे यह पता चल सके कि गोलियां किन असलहों से चली हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने रिवाल्वर और बंदूक के खोखे बरामद किए हैं।
एमपी की सीमा पर भी पुलिस की नजर
पुलिस का अनुमान है कि हमलावर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर क्षेत्र की सीमा से लगे एमपी बार्डर का भी सहारा ले सकते हैं। इसलिए पुलिस ने एमपी बार्डर पर भी काफी फोर्स तैनात कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
कैलिया थाने में भी पुलिस से हुई थी एक वारंटी की भिड़ंत
शुक्रवार को नदीगांव थाना पुलिस के साथ वारंटी की मजाहमत कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कैलिया थाना पुलिस और एक वारंटी के बीच भी गुत्थमगुत्था हुई थी। गौरतलब है कि वर्ष 2012 में ग्राम ऊंचागांव में एक वारंटी को पकड़ने पुलिस गई थी तब वारंटी और उसके साथियों ने भी पुलिस पार्टी पर हमला बोल दिया था और पुलिस की राइफल भी छीन ली थी।
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अनार सिंह पर एक दर्जन से भी अधिक आपराधिक मामले नदीगांव थाने में दर्ज हैं। जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, बलवा आदि के मामले शामिल हैं। नदीगांव थाने में उसकी हिस्ट्री शीट भी खुली है। सपा की राजनीति करते हुए अनार की छवि दबंग नेता के रुप में जानी जाती है। अनार का क्षेत्र के ही एक और प्रभावशाली व्यक्ति से विवाद से चलता है। जिस कारण भी वह आएदिन सुर्खियों में रहता था। अनार का इलाके में खासा रसूख है। सपा से अनार के संबंधों के बारे में पार्टी जिलाध्यक्ष वीरपाल दादी का कहना है कि अनार सपा में जरूर है, लेकिन शुक्रवार की घटना की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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मुठभेड़ की दहशत में रहे ग्रामीण
दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग से ग्रामीणों ने समझा कि पुलिस की किसी बदमाश से मुठभेड़ हो गई। बाद में पता चला कि अनार को छुड़ाने के लिए उसके कुछ करीबी रिश्तेदारों ने समर्थकों के साथ मिलकर पुलिस पर फायरिंग की है। जिससे देर रात तक पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा।
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घटना के बाद खोखे बटोरती रही पुलिस
अनार के हाथ से निकलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस फायरिंग में चली गोलियों के खोखे बटोरती रही, जिससे यह पता चल सके कि गोलियां किन असलहों से चली हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने रिवाल्वर और बंदूक के खोखे बरामद किए हैं।
एमपी की सीमा पर भी पुलिस की नजर
पुलिस का अनुमान है कि हमलावर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर क्षेत्र की सीमा से लगे एमपी बार्डर का भी सहारा ले सकते हैं। इसलिए पुलिस ने एमपी बार्डर पर भी काफी फोर्स तैनात कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
कैलिया थाने में भी पुलिस से हुई थी एक वारंटी की भिड़ंत
शुक्रवार को नदीगांव थाना पुलिस के साथ वारंटी की मजाहमत कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कैलिया थाना पुलिस और एक वारंटी के बीच भी गुत्थमगुत्था हुई थी। गौरतलब है कि वर्ष 2012 में ग्राम ऊंचागांव में एक वारंटी को पकड़ने पुलिस गई थी तब वारंटी और उसके साथियों ने भी पुलिस पार्टी पर हमला बोल दिया था और पुलिस की राइफल भी छीन ली थी।