{"_id":"87223","slug":"Jalaun-87223-39","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनसंख्या वृद्धि विकास की रोह में रोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनसंख्या वृद्धि विकास की रोह में रोड़ा
Jalaun
Updated Wed, 25 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई (जालौन)। जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के अतंर्गत उल्लेखनीय कार्य करने वालों का जिलाधिकारी ने हौंसला ही नहीं बढ़ाया उन्हे स्मृति चिह्न और प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया।
मुख्यालय में हुए कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीषा त्रिघाटिया ने कहा जनसंख्या वृद्धि देश के विकास की राह में रोड़ा साबित हो रही है। इससे खाद्यान्न उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। पर्यावरण पर पड़ने वाले असर की वजह से आज हम भीषण गर्मी और कम वर्षा जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस लिए प्रत्येक व्यक्ति को परिवार सीमित रखना चाहिए। दो या तीन बच्चे ही सुखी परिवार का आधार है । बच्चे कम होंगे तो हम उन्हें ठीक से शिक्षा व बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दे सकते हैं। जिलाधिकारी ने डॉ.आरपी राजपूत को नसबंदी के 1954 केस और डॉ. आरसी त्यागी को 562 केस करने पर 15 व दस हजार रुपए के चेक और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इसी तरह प्रत्येक ब्लाक की एक एक एएनएम व आशा कार्यकत्री को अधिकतम नसबंदी केस करने पर एक हजार रुपए व पांच सौ रुपए का चेक देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली एएनएम कंचन लता डकोर, माया देवी नदीगांव, गीता देवी रामपुरा, कुसमा देवी माधौगढ़, मधुरानी निगम छिरिया, कमला मिश्रा बाबई, सरोज राजपूत कदौरा, लक्ष्मी यादव माधौगढ़, सुनीता देवी छिरिया, विमला देवी कुठौंद और रामकुमारी पिंडारी शामिल रहीं। वाद विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले पुष्पेंद्र कुमार, द्वितीय स्थान पाने वाली संगीता और तृतीय स्थान पाने वाले अतुल दीक्षित को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
मुख्यालय में हुए कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीषा त्रिघाटिया ने कहा जनसंख्या वृद्धि देश के विकास की राह में रोड़ा साबित हो रही है। इससे खाद्यान्न उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। पर्यावरण पर पड़ने वाले असर की वजह से आज हम भीषण गर्मी और कम वर्षा जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस लिए प्रत्येक व्यक्ति को परिवार सीमित रखना चाहिए। दो या तीन बच्चे ही सुखी परिवार का आधार है । बच्चे कम होंगे तो हम उन्हें ठीक से शिक्षा व बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दे सकते हैं। जिलाधिकारी ने डॉ.आरपी राजपूत को नसबंदी के 1954 केस और डॉ. आरसी त्यागी को 562 केस करने पर 15 व दस हजार रुपए के चेक और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इसी तरह प्रत्येक ब्लाक की एक एक एएनएम व आशा कार्यकत्री को अधिकतम नसबंदी केस करने पर एक हजार रुपए व पांच सौ रुपए का चेक देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली एएनएम कंचन लता डकोर, माया देवी नदीगांव, गीता देवी रामपुरा, कुसमा देवी माधौगढ़, मधुरानी निगम छिरिया, कमला मिश्रा बाबई, सरोज राजपूत कदौरा, लक्ष्मी यादव माधौगढ़, सुनीता देवी छिरिया, विमला देवी कुठौंद और रामकुमारी पिंडारी शामिल रहीं। वाद विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले पुष्पेंद्र कुमार, द्वितीय स्थान पाने वाली संगीता और तृतीय स्थान पाने वाले अतुल दीक्षित को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन