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Hathras News: मानहानि मामले में राहुल गांधी की ओर से वकालतनामा दाखिल
Sun, 20 Sep 2026 02:35 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 20 Sep 2026 02:35 AM IST
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राहुल गांधी।
- फोटो : Archive
सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चंदपा प्रकरण में दाखिल रिवीजन पर शनिवार को एडीजे-5 एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। रिवीजन पर राहुल को भेजे गए नोटिस को पिछली तारीख पर तामीन मान लिया गया था। बृहस्पतिवार को राहुल के अधिवक्ता ने अपना वकालतनामा भी दाखिल कर दिया है। अब प्रकरण में 15 अक्तूबर को अगली सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि मानहानि मामले में एसीजेएम एमपी-एमएलए कोर्ट से खारिज हुए परिवाद पर 16 जून को रिवीजन डाला गया था, जिसे एडीजे एमपी-एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था।
गौरतलब है कि थाना चंदपा क्षेत्र के एक गांव में 14 सितंबर 2020 को अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ घटित घटना पूरे देश में सुर्खियों में रही थी। इस संवेदनशील प्रकरण में दो मार्च 2023 को न्यायालय का फैसला आया था, जिसमें कोर्ट ने एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि तीन अन्य आरोपियों को दोषमुक्त (बरी) कर दिया था।
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न्यायालय का निर्णय आने के बाद 12 दिसंबर 2024 को राहुल गांधी पीड़िता के गांव पहुंचे थे। आरोप है कि कोर्ट से दोषमुक्त होने के बावजूद राहुल गांधी ने उन युवकों के बारे में बयानबाजी की थी। इसके साथ ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए अपराधियों के खुलेआम घूमने की बात कही थी।
मामले में नोटिस जारी हुआ और फिर 24 जनवरी 2025 को कोर्ट में मानहानि का परिवाद दाखिल किया गया। इस मामले में लंबी कानूनी बहस व दोनों पक्षों को सुनने के बाद 13 मई 2026 को कोर्ट ने इस मानहानि परिवाद को पूरी तरह खारिज कर दिया था।
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गौरतलब है कि मानहानि मामले में एसीजेएम एमपी-एमएलए कोर्ट से खारिज हुए परिवाद पर 16 जून को रिवीजन डाला गया था, जिसे एडीजे एमपी-एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था।
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गौरतलब है कि थाना चंदपा क्षेत्र के एक गांव में 14 सितंबर 2020 को अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ घटित घटना पूरे देश में सुर्खियों में रही थी। इस संवेदनशील प्रकरण में दो मार्च 2023 को न्यायालय का फैसला आया था, जिसमें कोर्ट ने एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि तीन अन्य आरोपियों को दोषमुक्त (बरी) कर दिया था।
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न्यायालय का निर्णय आने के बाद 12 दिसंबर 2024 को राहुल गांधी पीड़िता के गांव पहुंचे थे। आरोप है कि कोर्ट से दोषमुक्त होने के बावजूद राहुल गांधी ने उन युवकों के बारे में बयानबाजी की थी। इसके साथ ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए अपराधियों के खुलेआम घूमने की बात कही थी।
मामले में नोटिस जारी हुआ और फिर 24 जनवरी 2025 को कोर्ट में मानहानि का परिवाद दाखिल किया गया। इस मामले में लंबी कानूनी बहस व दोनों पक्षों को सुनने के बाद 13 मई 2026 को कोर्ट ने इस मानहानि परिवाद को पूरी तरह खारिज कर दिया था।