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हाथरसः मानवाधिकार संगठन के लोगों ने दी बिटिया के परिजनों को सांत्वना

Thu, 05 Nov 2020 03:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 05 Nov 2020 03:42 AM IST
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The people of the human rights organization meets relatives of the victim in Hathras
पीयूसीएल के सदस्य - फोटो : amar ujala

बिटिया की मौत के एक महीने बाद भी उसके परिजनों से मिलने आने वाले लोगों का सिलसिला जारी है। विभिन्न संगठनों के लोग मिलकर बिटिया के परिजनों के सांत्वना दे रहे हैं। बुधवार को मानवाधिकार संगठन पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिवर्टी (पीयूसीएल) का एक प्रतिनिधिमंडल बिटिया के घर पहुंचा। इसमें प्रदेश के कई जिलों के लोग आए थे। संगठन ने बिटिया के पिता, भाई व अन्य परिजनों से घटना को लेकर पूरी जानकारी ली। 

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 परिजनों ने उनके सामने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने बताया कि अभी तक सरकार ने नौकरी व आवास की मांग पूरी नहीं की है। संगठन के लोगों का कहना था कि उनका संगठन मानवाधिकार से जुड़ा संगठन है। जहां-जहां मानवाधिकारों का हनन होता है। वहां संगठन जाता है और मामलों की जांच करता है। परिजनों से मिलने वालों में कमल सिंह, आलोक अग्निहोत्री, डॉ. तौहिद, अमन मिश्रा, सीमा आजाद, मनीष सिन्हा, सिद्धांत, विदुषी आदि शामिल थे।
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वहीं नागपुर से एक अधिवक्ता नरेंद्र के. गोडानी भी बिटिया के घर पर पहुंचे और मामले की जानकारी कर बिटिया के परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि इस घटना के विरोध में महाराष्ट्र में काफी बड़ा आंदोलन चला था। परिवार को न्याय मिलेगा। न्यायिक प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है।  
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जैसा मेरी बेटी के साथ हुआ, वैसा किसी के साथ न हो
घटना के बारे में बताते हुए बिटिया के पिता काफी भावुक हो गए। नम आंखों से उन्होंने कहा कि जो दुर्दशा मेरी बेटी की हुई, वैसी किसी की बेटी के साथ न हो। हमें आखिरी वक्त में अपनी बेटी का मुंह तक नहीं देखने दिया गया। घटना के बाद अलीगढ़ में अस्पताल में भी वह बोल नहीं पा रही थी। जब मैं उसे वहां उठाने की कोशिश करता था तो वह उठ भी नहीं पाती थी। उन्होंने रोते हुए कहा कि हमारी बेटी भी क्या सोचती होगी कि मैंने ऐसे मां-बाप के यहां जन्म लिया, जहां मेरी ऐसी दशा हो गई। आखिर वह क्या नसीब लिखाकर लाई थी। उनका यह भी कहना था कि हम तो  यही चाहते हैं कि ईश्वर हमारे साथ न्याय करे। 


राहुल गांधी से मिले चेक को अभी नहीं किया बैंक में जमा 
बिटिया के पिता ने फिर कहा कि राहुल गांधी द्वारा दिए गए चेक को उन्होंने अभी बैंक में जमा नहीं कराया है। किसी दिन उस चेक को बैंक में जमा कराएंगे।  उनका यह भी कहना था कि प्रशासन ने अपनी तरफ से राशन आदि देना बंद कर दिया है और कई  दिन पहले यह कह दिया था कि अब वह अपनी नियमित दिनचर्या में आ जाएं। अभी हमारे सारे काम-धंधे चौपट हैं। फसल में भी नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि 25 लाख की सरकारी मदद उन्हें मिल गई है लेकिन नौकरी और आवास की मांग अभी पूरी नहीं हुई है। 

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