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हाथरस : झंडे के लिए 15-15 रुपये मांगने वाले अध्यापक निलंबित
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विकास खंड सहपऊ के बुढ़ाइच के संविलयन विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक बृजेश कुमार को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। बृजेश कुमार का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों से झंडे के लिए 15-15 रुपये लाने की बात कह रहे हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक के इस बयान का वीडियो शुक्रवार को एचएम टीम के व्हाट्सएप ग्रुप में वीडियो शेयर किया गया। जिसके बाद बीईओ सहपऊ ने उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया था। अब बीएसए संदीप कुमार ने उन्हें निलंबित कर उ.मा.विद्यालय कुंडा से संबद्ध कर दिया है।
शिक्षक वीडियो में यह भी कहते दिख रहे हैं कि शासनादेश है उस दिन बीआरसी पर बैठक हुई थी। उसमें एबीएसए ने बताया था कि 15-15 रुपये प्रत्येक बच्चे को लेकर आने हैं झंडे के लिए, इसलिए अपना 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस है, इस पर आपको लाना चाहिए। कोशिश करो, लेकर आओ, मां-बाप देते हैं तो। मां-बाप से जबरदस्ती झगड़ना नहीं है, लड़ना नहीं है। अगर वो नहीं देते है तो ठीक है। वीडियो में आजादी के अमृत महोत्सव की भावना के विपरीत शासनादेश में दिए गए निर्देशों को तोड़-मरोड़कर गलत रूप से छात्र-छात्राओं के सामने पेश करने वाले शिक्षक बृजेश कुमार को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सहपऊ ने कारण बताओ नोटिस दिया है।
बीईओ शुभम सरोज ने नोटिस में कहा है कि 28 व 29 जुलाई 2022 में सभी प्रधानाध्यापकों को बैठक में यह स्पष्ट रूप से बताया गया था कि आप छात्र-छात्राओं के माध्यम से अभिभावकों को प्रोत्साहित करेंगे कि आजादी के अमृत महोत्सव में भाग लें और प्रत्येक अभिभावक अपने घर पर झंडा फहराएंगे। जहां ये झंडा आसानी से उपलब्ध हो सकता है, वहां से खरीद सकते हैं। झंडा उपलब्ध कराने वाले संबंधित स्वयं सहायता समूह का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया गया था, जबकि वीडियो में शिक्षक द्वारा छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के लिए मां-बाप शब्द का प्रयोग किया गया, जोकि पूर्णत: अशोभनीय एवं किसी भी शिक्षक द्वारा प्रयोगार्थ सभ्य वर्तनी का शब्द नहीं है।
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वीडियो में विद्यालय में उपस्थित समस्त छात्र-छात्राएं यूनिफॉर्म में नहीं थे। वीडियो से ऐसा प्रतीत होता है कि आपके द्वारा छात्र-छात्राओं को झंडे को उपलब्ध कराने की एवज में 15-15 रुपये लाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जो कि शासनादेश एवं विभागीय निर्देशों के पूर्णत: विपरीत है। वीडियो में शिक्षक काले रंग की टी शर्ट एवं जींस पहने हुए विद्यालय में छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे हैं। यह वेशभूषा शिक्षक की गरिमा के अनुकूल नहीं है। संवाद
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विकास खंड सहपऊ के बुढ़ाइच के संविलयन विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक बृजेश कुमार को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। बृजेश कुमार का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों से झंडे के लिए 15-15 रुपये लाने की बात कह रहे हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक के इस बयान का वीडियो शुक्रवार को एचएम टीम के व्हाट्सएप ग्रुप में वीडियो शेयर किया गया। जिसके बाद बीईओ सहपऊ ने उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया था। अब बीएसए संदीप कुमार ने उन्हें निलंबित कर उ.मा.विद्यालय कुंडा से संबद्ध कर दिया है।
शिक्षक वीडियो में यह भी कहते दिख रहे हैं कि शासनादेश है उस दिन बीआरसी पर बैठक हुई थी। उसमें एबीएसए ने बताया था कि 15-15 रुपये प्रत्येक बच्चे को लेकर आने हैं झंडे के लिए, इसलिए अपना 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस है, इस पर आपको लाना चाहिए। कोशिश करो, लेकर आओ, मां-बाप देते हैं तो। मां-बाप से जबरदस्ती झगड़ना नहीं है, लड़ना नहीं है। अगर वो नहीं देते है तो ठीक है। वीडियो में आजादी के अमृत महोत्सव की भावना के विपरीत शासनादेश में दिए गए निर्देशों को तोड़-मरोड़कर गलत रूप से छात्र-छात्राओं के सामने पेश करने वाले शिक्षक बृजेश कुमार को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सहपऊ ने कारण बताओ नोटिस दिया है।
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बीईओ शुभम सरोज ने नोटिस में कहा है कि 28 व 29 जुलाई 2022 में सभी प्रधानाध्यापकों को बैठक में यह स्पष्ट रूप से बताया गया था कि आप छात्र-छात्राओं के माध्यम से अभिभावकों को प्रोत्साहित करेंगे कि आजादी के अमृत महोत्सव में भाग लें और प्रत्येक अभिभावक अपने घर पर झंडा फहराएंगे। जहां ये झंडा आसानी से उपलब्ध हो सकता है, वहां से खरीद सकते हैं। झंडा उपलब्ध कराने वाले संबंधित स्वयं सहायता समूह का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया गया था, जबकि वीडियो में शिक्षक द्वारा छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के लिए मां-बाप शब्द का प्रयोग किया गया, जोकि पूर्णत: अशोभनीय एवं किसी भी शिक्षक द्वारा प्रयोगार्थ सभ्य वर्तनी का शब्द नहीं है।
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वीडियो में विद्यालय में उपस्थित समस्त छात्र-छात्राएं यूनिफॉर्म में नहीं थे। वीडियो से ऐसा प्रतीत होता है कि आपके द्वारा छात्र-छात्राओं को झंडे को उपलब्ध कराने की एवज में 15-15 रुपये लाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जो कि शासनादेश एवं विभागीय निर्देशों के पूर्णत: विपरीत है। वीडियो में शिक्षक काले रंग की टी शर्ट एवं जींस पहने हुए विद्यालय में छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे हैं। यह वेशभूषा शिक्षक की गरिमा के अनुकूल नहीं है। संवाद